जमीनी पेंच में लटका एनएच-552 का उन्नयन कार्य

2400 से ज्यादा जमीन के खातेदार, किसी का अकाउंट नंबर नहीं तो किसी का बंटवारा व नामांतरण की उलझन

रवींद्र सिंह कुशवाह
मुरैना. राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित होने के बाद मुरैना से पोरसा के बीच शुरू हुए उन्नयन कार्य में सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके बावजूद सड़क का लोकार्पण नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह परियोजना का पूरा न हो पाना है। खास तौर से क्वारी नदी पर बन रहे पक्के पुल का काम जमीन का अधिग्रहण नहीं हो पाने से अधर में लटक गया है।

इस परियोजना पर करीब तीन साल से काम चल रहा है। एक साल पहले ही क्वारी नदी का पक्का पुल 80 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है, लेकिन अब एक साल से काम बंद है। यहां मुरैना की ओर से जाने पर पुल के लिए संपर्क मार्ग में आवश्यक भूमि का अधिग्रहण नहीं हो पाया है। आगे इसका काम मेहगांव और गोरमी की ओर भी शुरू किया गया है, लेकिन वहां भूमि अधिग्रहण के पेंच होने से काम में अनावश्यक विलंब हो सकता है। पूरी परियोजना क्षेत्र में करीब 2400 खातेदार आ रहे हैं। इनकी जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है, लेकिन कहीं जमीन का नामांतरण और बंटवारा नहीं हुआ है तो कहीं किसी संयुक्त खातेदार के नाम बैंक अकाउंट नहीं है। हालांकि 2400 में से करीब 1200 के मामलों में पेंच को सुलझा लिया गया है। 300 और नए खातेदार सामने आए हैं, इसके बावजूद 800 से ज्यादा खातेदारों के नाम से जमीन का निराकरण नहीं हो पाया है।

अब कंपनी को श्रमिक और मशीनों की समस्या

लंबे समय से पोरसा से मुरैना के बीच प्रोजेक्ट पर काम बंद रहने से मशीनों और श्रमिकों की समस्या आने लगी है। अधिकारियों की मानें तो अब यह प्रोजेक्ट झमेला बनता जा रहा है। जमीन अधिग्रहण में छोटे-छोटे खातों में पांच से 10 तक लोग शामिल हैं। उनके सबके बैंक खाते जुटाना और कुछ लोगों के असहमत हो जाने से प्रक्रिया पूरी करने में व्यावहारिक समस्याएं आ रही हैं। हालांकि अभी अधिकारियों ने विलंब की वजह से परियोजना पर बढऩे वाली लागत का कोई अध्ययन नहीं कराया है, लेकिन माना जा रहा है कि 10 प्रतिशत लागत बढ़ सकती है। ऐसे में 15 से 20 करोड़ का अतिरिक्त व्यय करना पड़ सकता है।


नया पुल चालू हो जाए तब होगी पुराने की मरम्मत


क्वारी नदी के मुरैना-अंबाह खंड पर दिमनी के पास क्वारी नदी पर पुराना पक्का पुल बना हुआ है, लेकिन वह राष्ट्रीय राजमार्ग के मानकों और यातायात के दबाव को सहन करने की स्थिति में नहीं है। हाइवे घोषित हो जाने और नया निर्माण हो जाने के बाद इस मार्ग पर भारी यातायात का दबाव कई गुना बढ़ जाएगा। ऐसे में क्वारी नदी का पुराना पुल ज्यादा काम नहीं कर पाएगा। इसकी मरम्मत की जरूरत है, लेकिन सिंगल पुल होने से पहले से ही जाम के हालात बनते रहे हैं, इसलिए यातायात रोककर मरम्मत कार्य कराया जाना संभव नहीं हो पाएगा।


फैक्ट फाइल


176 करोड़ रुपए की परियोजना है पोरसा से मुरैना के बीच सड़क उन्नयन कार्य की
55 किलोमीटर लंबाई है मुरैना से पोरसा के बीच सड़क मार्ग की
3 साल से चल रहा है सड़क मार्ग के उन्नयन का कार्य
1 साल के करीब से बंद है क्वारी नदी पर पक्का पुल निर्माण कार्य

मुरैना-पोरसा खंड के उन्नयन कार्य में सड़क निर्माण का कार्य तो लगभग पूरा हो चुका है। क्वारी नदी पर पुल निर्माण कार्य सहित कुछ जगह काम भूमि अधिग्रहण न हो पाने से अटका हुआ है। भूमि अधिग्रहण के लिए कवायद जारी है, लेकिन काम बंद होने से निर्माण एजेंसी अपनी मशीनें भी दूसरी जगह शिफ्ट करना चाह रही है और श्रमिकों को भी काम की तलाश में दूसरी जगह जाना पड़ रहा है। ऐसे में प्रोजेक्ट में और देरी हो सकती है।
ज्ञानवद्र्धन मिश्रा, प्रोजेक्ट मैनेजर

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महेंद्र राजोरे Desk
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