scriptVillagers are forced to bring water from Chambal river, 800 meters awa | 800 मीटर दूर चंबल नदी से पानी लाने को मजबूर हैं ग्रामीण | Patrika News

800 मीटर दूर चंबल नदी से पानी लाने को मजबूर हैं ग्रामीण

बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए कुआं और ट्रांसफॉर्मर नहीं कराए दुरस्त
- गांव में चार हैडपंप वह भी खराब
- बाढ़ प्रभावित होराबरहा गांव के लोग पानी व बिजली को तरसे

मोरेना

Published: December 27, 2021 09:59:03 pm


मुरैना. जनपद पंचायत पहाडग़ढ़ के ग्राम पंचायत तिन्दोखर के मजरा होराबरहा में पांच माह पूर्व चंबल नदी में आई भीषण बाढ़ से कुआं क्षतिग्रस्त हो गया था वहीं बिजली कपंनी ने भी उस समय यह माना था कि पानी में डूबने से ट्रांसफॉर्मर भी खराब हो गया परंतु आज दिनांक न तो कुआं की मरम्मत की गई और न ट्रांसफॉर्मर को बदला गया है। इसके चलते ग्रामीण पेयजल व बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। मजबूरन ८०० मीटर दूर चंबल नदी में से पानी लाना पड़ रहा है।
यहां बता दें कि बाढ़ के समय चंबल नदी का जल स्तर उतरने के बाद उस समय मौके पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जौरा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पहाडग़ढ़, पीएचई विभाग के अधिकारी पहुंचे थे। उन्होंने उस समय जांच कर यह पाया था कि वास्तविकता में कुआं क्षतिग्रस्त है इसके लिए पंचायत को आदेशित किया गया था लेकिन ग्राम पंचायत तिन्दोखर के सचिव और सरपंच द्वारा रुचि न दिखाते हुए कुआं की मरम्मत का कार्य आज दिनांक तक नहीं कराया गया है। वहीं ट्रांसफॉर्मर को भी नहीं बदला गया है जिससे बिजली के लिए भी ग्रामीण परेशान हैं। गांव में हैंडपंप खराब, कुआं दुरस्त नहीं होने पर चंबल किनारे बसे गांव के लोगों को चंबल नदी का पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने घेरी थी कलेक्टे्रट, आश्वासन तक सिमटा काम ...........
चंबल नदी में आई बाढ़ से पहाडग़ढ़ जनपद के चंबल किनारे के आधा दर्जन से अधिक गांव के लोगों ने जिपं उपाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह और जयपाल सिंह सिकरवार के नेतृत्व में १० अगस्त को कलेक्टे्रट का घेराव किया था। उस दिन अधिकारियों ने पूरी मदद का आश्वासन दिया था लेकिन आज दिनांक वहीं स्थिति पड़ी है जो बाढ़ के समय थी।
इन गांवों में भी नहीं हुआ कोई कार्य.......
चंबल नदी की बाढ़ में प्रभावित हुए जनपद पंचायत पहाडग़ढ़ के होराबरहा के अलावा ग्राम पंचायत चिन्नोंनी के मजरा जुगरुआपुरा, आमलीपुरा, ग्राम पंचायत बर्रेंड के मजरा छौआपुरा, बिरजापुरा, ग्राम पंचायत ब्रजगढ़ी के मजरा बीलगढ़ा, मल्लपुरा आदि गांव में भी बाढ़ से जो क्षति हुई, उस दिशा में कोई कार्य नहीं किया गया है।
फैक्ट फाइल
- ८०० मीटर दूर चंबल नदी से पानी ला रहे हैं होराबरहा के ग्रामीण।
- ८०० के करीब आबादी है होराबरहा गांव की।
- ४०० के करीब मतदाता हैं गांव में।
- ०४ हैडपंप आज तक खराब पड़े हैं गांव के।
- ०२ कुंआ थे इनमें से एक क्षतिग्रस्त और दूसरे में पानी नहीं।
कथन
- होराबरहा में कुंआ व ट्रांसफॉर्मर चंबल नदी की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गए थे। चार हैडपंप थे, वह भी खराब पड़े हैं। चंबल किनारे के आधा दर्जन गांव ऐसे हैं जो बाढ़ के बाद से ही चंबल नदी के पानी पर आश्रित हैं। बाढ़ के समय अधिकारियों ने मौका मुआयना किया था और कुआं व ट्रांसफॉर्मर को दुरस्त करने का आश्वासन दिया था लेकिन उसके बाद अधिकारी भूल गए।
सीमा जयपाल सिकरवार, जनपद सदस्य, पहाडग़ढ़
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