महिला बाल विकास पर्यवेक्षकों ने ऐसा क्या किया, मिला नोटिस

सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर कलेकटर बी कार्तिकेयन ने महिला बाल विकास विभाग की 12 पर्यवेक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। परियोजना अधिकारी पहाडग़ढ़ सहित पर्यवेक्षकोंं का वेतन रोकने को कहा गया है।

By: Ravindra Kushwah

Updated: 05 Feb 2021, 01:10 PM IST

मुरैना. प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन और लाड़ली लक्ष्मी योजना में दयनीय स्थिति पर कलेक्टर ने गुरुवार को यह कार्रवाई समीक्षा बैठक के दौरान की।
कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी व 77 पर्यवेक्षकों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गति न आने पर नोटिस के साथ सेवा से बाहर करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी उपासना राय सहित सीडीपीओ, पर्यवेक्षक मौजूद रहे।
इनको दिए गए हैं नोटिस
योजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्ती पर नूराबाद की ज्योति जैन का 3 दिन का वेतन काटने का नोटिस दिया गया है। जबकि कल्पना श्रीवास्तव को नोटिस, पुष्पा शर्मा की एक वेतनवृद्धि रोकने, जयममिनी पेंकरा को 3 दिवस का वेतन काटने, शीतल, विमला राठौर, गीता माहौर को नोटिस दिया गया है। मधुवाला डंडोतिया का 15 दिवस का वेतन काटने के साथ नोटिस भी दिया गया है। पहाडग़ढ़ सीडीपीओ उमा शर्मा की एक वेतनवृद्धि रोकने तथा सुषमा सुपरवाइजर को छोड़कर शेष सभी का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
गर्भवात वाले क्षेत्र खोजकर कार्रवाई कराएं
कलेकटर ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत डिलीवरी होनी चाहिए। यदि 90 प्रतिशत ही होती है तो 10 प्रतिशत गर्भपात हो रहा है। ऐसे 10 प्रतिशत गर्भपात वाले क्षेत्र को खोजेे और कार्रवाई कराएं।

Ravindra Kushwah
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