scriptWhy farmers regret after sowing summer moong | ग्रीष्मकालीन मूंग की बोवनी कर क्यों पछताए किसान | Patrika News

ग्रीष्मकालीन मूंग की बोवनी कर क्यों पछताए किसान

ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विभाग किसानों को अनुदान पर बीज उपलब्ध करवाता है। बीते साल की अनुदान राशि अब तक नहीं मिल पाने से इस साल मूंग की ग्रीष्मकालीन खेती पर विपरीत असर पड़ सकता है।

मोरेना

Updated: March 05, 2022 08:57:52 pm

मुरैना. किसानों का करीब एक करोड़ रुपया इसमें फंसा हुआ है और वे रोज कृषि विभाग कार्यालय के चक्कर काटकर निराश लौट रहे हैं।
मूंग बीज वितरण के समय तो किसानों से पूरा पैसा लिया जाता है, लेकिन बाद में तीन माह के भीतर प्रति किसान करीब 6290 रुपए डीबीटी के तहत किसानों के बैंक खातों में वापस कर दिया जाता है। जिले में करीब 1500के करीब किसान ग्रीष्मकालीन मंूग की खेती करते हैं। इन किसानों को अनुदान के तौर पर करीब एक करोड़ रुपए की राशि डीबीटी योजना के माध्यम से बैंक खातों में दी जाती है। लेकिन इस बार यह राशि न मिल पाने किसान इस साल मूंग की ग्रीष्मकालीन खेती करने से कतरा रहे हैं। पोरसा ब्लॉक में करीब 350 किसान इस योजना से जुड़े हैं और उनका 22 लाख रुपए से अधिक फंसा हुआ है। ऐसे में किसान गर्मियों में मूंग की खेती करने ेसे किनारा करते नजर आ रहे हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगले सप्ताह तक यह राशि किसानों के खातों में भुगतान की जा सकती है।
फैक्ट-
1500 के करीब किसान करते हैं ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती।
6200 रुपए से अधिक का अनुदान मिलता है बीज पर किसान को।
01 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि अटकी हुई है किसानों के अनुदान की।
50 लाख रुपए के करीब भुगतान किया जा चुका है एससी, एसटी किसानों को।
22 लाख से ज्यादा राशि बकाया है केवल पोरसा ब्लॉक में।
कथन-
किसान डीबीटी योजना में अनुदान की राशि की मांग लेकर रोज ही कार्यालय आ रहे हैं। समझाया जा रहा है कि मांग भेज दी गई है, बजट जारी होते ही खाते में अनुदान की राशि पहुंच जाएगी।
वीरेश शर्मा, एसएडीओ कृषि, पोरसा
शासन को निरंतर लिखा जा रहा है, बजट जारी नहीं हो पा रहा है। रोज मेरे पास भी 15-20 किसानों के कॉल आ रहे हैं। हालांकि करीब दो माह पहले 50 लाख रुपए से ज्यादा की राशि अनुसूचित जाति के किसानों को दी जा चुकी है। बाकी भी अगले सप्ताह तक जारी हो सकती है।
अनंत सड़ैया, उप संचालक कृषि, मुरैना
मूंग की ग्रीष्मकालीन खेती-मुरैना
एसएडीओ कार्यालय पर जमा हुए किसान।

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