किसानो के समर्थन में रवाना हुई यात्रा

सभा में उद्योगपतियों के लिए किसानों की अनदेखी देश को डुबो देगी : राजगोपाल

By: rishi jaiswal

Published: 18 Dec 2020, 11:25 PM IST

मुरैना. किसान आंदोलन की अनदेखी करके केन्द्र सरकार लगातार यह झूठ बोल रही है कि तीनों कृषि कानूनों से किसानों को फायदा होगा। किसानों की मांग मानने के बजाय उनकी उपेक्षा की जा रही है। उद्योगपतियों के लिए किसानों की अनदेखी देश को डुबो देगी। हम जय जवान, जय किसान’ का नारा लगाते हैं। जवान सीमाओं की रक्षा करता है और किसान हमारे अन्नदाता हैं। एकता परिषद के संस्थापक गांधीवादी राजगोपाल पीवी ने यह बात कही। शुक्रवार को किसान आंदोलन के समर्थन में मुरैना शुरू हुई पदायात्रा घरौना के पास से धौलपुर की ओर रवाना हुई।

राजगोपाल ने कहा कि गांधी के देश में किसान का महत्व सबसे ज्यादा होना चाहिए। वर्तमान कृषि कानून बिना किसी चर्चा के संसद से पारित करवाया गया। किसान इस कानून की बारीकियों को समझ रहे हैं। वे जानते हैं कि भले ही कोई आश्वासन दिया जाए, बाद में कानून के कारण न केवल वे प्रभावित होंगे, बल्कि पूरा देश उद्योगपतियों के चंगुल में फंस जाएगा। केंद्र सरकार को किसानों की मांग मानते हुए तीनों कानूनों को रद्द करना चाहिए। उद्योगपतियों के बजाय किसानों के साथ चर्चा कर स्वामी नाथन रिपोर्ट के आधार पर कृषि कानून बनाना चाहिए।

एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रन सिंह परमार ने कहा कि आंदोलन में पंजाब, हरियाणा और उत्तरप्रदेश के किसान ही नहीं बल्कि देश भर के लोग शामिल हैं। इन कानूनों का प्रभाव पूरे देश पर नकारात्मक पड़ेगा, इसलिए किसान आंदोलन में किसानों का समर्थन देने के लिए विभिन्न जन संगठन दिल्ली पहुंच रहे हैं।

१३ दिसंबर को कवर्धा से शुरू हुई थी यात्रा: एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक अनीष कुमार ने बताया कि 13 दिसंबर से 16 दिसंबर तक छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कवर्धा तहसील से मध्यप्रदेश के मंडला, डिंडोरी, उमरिया, कटनी, दमोह, सागर, ललितपुर, झांसी, दतिया, ग्वालियर होते हुए मुरैना तक की जागरूकता यात्रा निकाली गई। इसके बाद 17 दिसंबर को केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के संसदीय क्षेत्र मुरैना से दिल्ली की ओर पद यात्रा निकाली गई है। इसमें 1000 लोग साथ चल रहे हैं, मध्यप्रदेश के सागर, रायसेन, सीहोर, सिवनी, टीकमगढ़, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, श्योपुर सहित देश के 7 राज्यों से आए किसान शामिल हैं। शुक्रवार को यात्रा का पड़ाव मुरैना के सराय छोला स्थित किसान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुआ।

19 दिसंबर को पद यात्रा राजस्थान के धौलपुर जाएगी। 20 दिसंबर को धौलपुर शहर में लोगों के बीच कृषि कानूनों की हकीकत बताकर एकता परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली रवाना हो जाएगा।

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