लिव-इन-रिलेशन की ट्रैजिक स्टोरी है इमरान-कंगना की "कट्टी बट्टी"

By: दिव्या सिंघल
| Published: 18 Sep 2015, 09:47 AM IST
 लिव-इन-रिलेशन की ट्रैजिक स्टोरी है इमरान-कंगना की
katti batti

निखिल आडवाणी ने "कट्टी बट्टी से लोगों को काफी हद तक एंटरटेंन करने का भरसक प्रयास किया है

रेटिंग: ** स्टार

रोहित तिवारी/ मुंबई ब्यूरो। अभी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म "हीरो" में निखिल आडवाणी ने निर्देशन में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, जिसमें वे कुछ हद तक कामयाब भी रहे थे। अब वे अपने चाहने वालों के लिए फिल्म "कट्टी बट्टी" लेकर आए हैं। उन्होंने इस फिल्म में अपने निर्देशन से लोगों को काफी हद तक एंटरटेंन करने का भरसक प्रयास किया है।

कहानी :
138 मिनट और 32 सेकेंड की पूरी कहानी एक तरह के लिव-इन-रिलेशनशिप पर आधारित है। यानी माधव काबरा (इमरान खान) बोले तो मैडी...। माधव अपने पहले रिलेशनशिप में रह चुकी पायल (कंगना रनौत) की याद में खोया रहता है। इस तरह से मैडी अपने ख्यालातों में खो जाता है और कहानी फ्लैश बैक में जाती है। फिर आगे चलकर वह पायल की हकीकत जान जाता है और उसे पाने के लिए मैडी दिल्ली जाता है, जबकि मैडी की बहन उसे रोकने का भरसक प्रयास करती है। बस, इसी के साथ कहानी तरह-तरह के मोड़ लेते हुए आगे बढ़ती है और फिल्म में गजब का ट्विस्ट आता है।



अभिनय :
इमरान खान ने अपने अभिनय से एक बार फिर साबित कर दिखाया है कि वाकई में उनके चाहने वाले उन्हें ऐसे ही चॉकलेटी ब्वॉय नहीं बोलते हैं। लेकिन इमरान इस फिल्म में भी अपनी कुछ पुरानी गलतियों को दोहराते दिखाई दिए, जिनके अभिनय पर ऑडियंस भी दांतों तले अंगुली दबा बैठी। खैर, कंगना रनौत भी उनका भरपूर साथ देती नजर आईं। कंगना के अभिनय को ऑडियंस ने काफी हद तक सराहा है और उन्होंने यह भी प्रूव कर दिखाया है कि उनकी पिछली हर फिल्म की तरह इस मूवी की भी सराहना नहीं होगी...! यानी कंगना भी कुछ खास कर पाने में काफी हद तक कामयाबी हासिल नहीं कर सकीं। इसके अलावा मानसवी ममगई ने भी अभिनय में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी। उन्होंने भी फिल्म में अपनी मौजूदी बखूबी दर्ज की है।



निर्देशन :
निखिल आडवाणी ने अपनी इस फिल्म से एक तरह के लिव-इन-रिलेशनशिप की अहमियत को समझाने की दमदार कोशिश की है। यानी उन्होंने इस फिल्म में रोमांस और कॉमेडी का तड़का इस कदर लगाया है कि वे ऑडियंस की वाहवाही लूटने में कुछ हद तक सफल भी रहे। खैर, निखिल ने वाकई में कुछ अलग करने का भरसक प्रयास किया है, इसीलिए वे ऑडियंस की तालियां कहीं-कहीं पर बटोरने में सफल नजर आए। विदित हो कि वे अपनी हालिया रिलीज फिल्म की तरह ही इसकी स्क्रिप्ट में भी पूरी तरह से डगमगाते दिखाई दिए, लेकिन फिल्म की कहानी ऑडियंस को आखिरी तर्ज तक बांधे रखने में कुछ सफल भी रही। बहरहाल, कहीं-कहीं पर उनका निर्देशन वाकई तारीफ लायक रहा, लेकिन अगर टेक्नोलॉजी के अंदाज को छोड़ दिया जाए तो इस फिल्म की कोरियोग्राफी कुछ खास करने में असफल रही। संगीत (शंकर महादेवन, एहसान नूरानी,  लॉय मेंडोंसा) तो कहींं-कहीं पर दर्शकों को भाता भी है, पर गाने की तुलना में कमजोर भी रहा।



क्यों देखें:
कंगना और इमरान की ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री देखने के लिहाज से आप सिनेमाघरों का रुख कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आप फुल एंटरटेंमेंट के लिए मूवी देखने जाना चाहते हैं तो आपको कुछ हद तक निराश भी होना पड़ सकता है। आगे इच्छा आपकी...!

बैनर : यूटीवी मोशन पिक्चर्स, ऐमी एंटरटेंमेंट प्रा. लि.
निर्माता : सिद्धार्थ रॉय कपूर
निर्देशक : निखिल आडवाणी
जोनर : रोमांटिक, कॉमेडी
गीतकार : नीति मोहन, सिद्धार्थ महादेवन, करण मेहता, शंकर महादेवन, रसिका शेखर, निखिल डीसूजा, मोहन कानन, सिद्धार्थ बसरूर, दिग्विजय सिंह परियार, रमन महादेवन, सयानी पलिट।
संगीतकार : शंकर महादेवन, एहसान नूरानी,  लॉय मेंडोंसा
स्टारकास्ट : इमरान खान, कंगना रनौत और मानसवी ममगई।


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