मूवी रिव्यू'बागी 2': टाइगर की दहाड़ और स्टंट शो
Mahendra Yadav
| Updated: 30 Mar 2018, 05:01:03 PM (IST)
मूवी रिव्यू'बागी 2': टाइगर की दहाड़ और स्टंट शो
Tiger and Disha

वह अपनी दहाड़ के साथ फाइट सीक्वेंस को अंजाम देते नजर आए हैं

आर्यन शर्मा

डायरेक्शन : अहमद खान

स्क्रीनप्ले : जोजो खान, अब्बास हीरापुरवाला, नीरज मिश्रा
डायलॉग : हुसैन दलाल
जोनर : एक्शन थ्रिलर
म्यूजिक : मिथुन, आर्को, गौरव रोशिन, संदीप शिरोडकर
एडिटिंग : रामेश्वर एस. भगत

रनिंग टाइम : 144.46 मिनट
स्टार कास्ट :टाइगर श्रॉफ, दिशा पटानी, रणदीप हुडा, मनोज वाजपेयी, प्रतीक बब्बर, दर्शन कुमार, दीपक डोबरियाल, शिफूजी

'हीरोपंती', 'बागी' सरीखी फिल्मों से टाइगर श्रॉफ ने एक्शन हीरो के रूप में पहचान बनाई है। फिल्मों में उनके एक्शन सीक्वेंस एक अलग ही रोमांच का अहसास करवाते हैं। इस हफ्ते रिलीज हुई फिल्म 'बागी' (2016) का सीक्वल 'बागी 2'टाइगर का कम्प्लीट स्टंट शो है, जिसमें वह अपनी दहाड़ के साथ फाइट सीक्वेंस को अंजाम देते नजर आए हैं। तेलुगू फिल्म 'क्षणम' पर बेस्ड साजिद नाडियादवाला निर्मित और अहमद खान निर्देशित 'बागी 2' एक्शन, थ्रिलर, रोमांस और ड्रामा का कॉकटेल है, जो मजेदार ढंग से परोसा गया है।

स्क्रिप्ट:
कहानी की शुरुआत में नेहा (दिशा पटानी) की बेटी रिया का किडनैप हो जाता है और किडनैपर के हमले में नेहा को भी गंभीर चोट आती है। काफी समय बीतने के बाद भी पुलिस रिया को नहीं ढूंढ पाई है। ऐसे में नेहा के लिए उम्मीद की आखिरी किरण रणवीर प्रताप सिंह उर्फ रॉनी है, जो आर्मी में कमांडो है। वह अकेले ही किसी भी मिशन को अंजाम देने में सक्षम है। उसकी इसी जांबाजी के कारण उसका सीनियर ऑफिसर उसे 'वन मैन आर्मी'कहता है। इधर, नेहा और रॉनी चार साल पहले एक-दूसरे को बेपनाह मोहब्बत करते थे, लेकिन नेहा पिता के दबाव में रॉनी से शादी नहीं कर पाती। अब नेहा के कॉल करने पर रॉनी अपनी यूनिट से सात दिन की छुट्टी लेकर कश्मीर से गोवा आता है। नेहा उसे अपनी किडनैप हुई बेटी के बारे में बताती है और उसे ढूंढने में मदद करने के लिए कहती है। इसके बाद रॉनी, रिया को ढूंढने का मिशन शुरू करता है, लेकिन उसे कोई क्लू नहीं मिलता। वह उलझता चला जाता है। इसके बाद कहानी में कई ट्विस्ट्स और टर्न्स आते हैं।

एक्टिंग:
टाइगर के एक्शन सीक्वेंस जबरदस्त हैं, वहीं उनके बाइसेप्स और पैक्स भी स्क्रीन पर जादू चलाते हैं। दिशा खूबसूरत लगी हैं और टाइगर के साथ उनकी कैमिस्ट्री दिलकश है। एसीपी की भूमिका में रणदीप हुडा अपनी अलहदा स्टाइल से दिल जीतने में सफल रहे हैं। मनोज वाजपेयी ने भी अपना रोल बखूबी निभाया है। दीपक डोबरियाल की परफॉर्मेंस भी सराहनीय है। ड्रग एडिक्ट और डीलर के रोल में प्रतीक बब्बर का काम ठीक है।

डायरेक्शन:
अहमद खान का डायरेक्शन अच्छा है। हालांकि कहानी में फ्रेशनेस नहीं है, वहीं स्क्रीनप्ले में भी कसावट की कमी है। डायलॉग्स और वन लाइनर्स शानदार हैं। एक्शन कोरियोग्राफी आकर्षक है। गीत-संगीत औसत है। जैकलीन फर्नांडीस रीक्रिएट किए गए माधुरी दीक्षित के सॉन्ग 'एक दो तीन...' में जादू नहीं चला पाई। संपादन सुस्त है। अगर एडिटिंग पर थोड़ा और काम होता तो फिल्म अधिक क्रिस्प हो सकती थी। कैमरा वर्क और लोकेशंस लाजवाब है।

क्यों देखें:
फिल्म का प्लस पॉइंट हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस और दमदार डायलॉग्स हैं। साथ ही फायरिंग, बम एक्सप्लोजंस, हेलिकॉप्टर से अटैक और चेज सीक्वेंस हैरान करने वाले हैं। ऐसे में अगर आप टाइगर और उनकी एक्शन स्टाइल के फैन हैं तो टाइगर का यह 'बागी' अंदाज आपको एंटरटेन करेगा।