बजट 2017: किसी ने सराहा तो किसी ने कहा उम्मीदों पर फिरा पानी

  बजट 2017: किसी ने सराहा तो किसी ने कहा उम्मीदों पर फिरा पानी
union budget 2017

डीजल पर वैट और टोल टैक्स से नहीं मिली राहत, बस ऑपरेटर्स नहीं खुश, महिलाओं ने कहा उनके लिए बजट में नहीं खास प्रावधान

जबलपुर। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश कर दिया है। बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि हम नीतिगत प्रशासन की ओर बढ़े हैं। हमारा फोकस युवाओं की तरक्की पर है। बजट में कई बड़े फैसले भी शामिल हैं, लेकिन अधिकांश लोगों को बजट रास नहीं आया है। इसकी मुख्य वजह है यह कि बजट में लोग जो उम्मीद लगाकर बैठे थे, उसपर पानी फिर गया है। रेलवे में नई लाइन, सुरक्षा पर फोकस, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा में सुधार की सराहना की जा रही है। संस्कारधानी सहित कटनी और नरसिंगपुर से लोगों की जो प्रतिक्रिया है उसमें कुछ वर्ग तो खुश है, लेकिन कुछ को संतुलित बजट नहीं लगा। मिडिल क्लास को राहत देते हुए अब 2.5 लाख से 5 लाख तक की आयकर सीमा 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत और कृषि क्षेत्र में लिए गए फैसल सराहनीय बताए हैं।


स्पेयर पाट्र्स में छूट से होगा फायदा
आम बजट में ट्रांसपोट्र्स सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 2.41 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान की घोषणा सरकार ने की है। इसमें ये नहीं बताया गया कि आम बस ऑपरेटरों को किस तरह से फायदा होगा। टैक्स स्लैब का दायरा महज तीन लाख किया गया, जबकि महंगाई की तुलना में इसे पांच लाख होना चाहिए था। स्पेयर पाट्र्स में छूट से कुछ राहत मिलेगी। डीजल पर लगने वाले वैट और टोल टैक्स पर कोई घोषणा नहीं की गई। बजट पर बस ऑपरेटर एसोसिएशन के सदस्यों की कुछ इसी तरह प्रतिक्रिया आई।

बजट में ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ावा देने के लिए 2.41 लाख का प्रावधान किया गया है। इससे सिटी व इंटर सिटी बस सेवाओं को बढ़ाने में मदद मिलेगी। नई मेट्रो नीति से जबलपुर को भी फायदा मिलेगा।
सचिन विश्वकर्मा, सीईओ


नोटबंदी के बाद लोग टैक्स छूट की सीमा पांच लाख किए जाने की उम्मीद लगाए बैठे थे। एेसे मध्यम वर्ग के लोगों को झटका लगा है। महंगाई बढऩे की वजह से महज 50 हजार की छूट नाकाफी है।
शंकर दयाल शर्मा

कारोबारियों व व्यवसायियों को ढाई से पांच लाख आय पर पांच प्रतिशत की छूट भी दी और फिर धीरे से तीन प्रतिशत शिक्षा और उच्चशिक्षा उपकर लगाकर छूट वापस भी ले ली गई।
कमल किशोर तिवारी

बजट में हाइवे के लिए 64 हजार 900 करोड़ रुपए का फंड दिया गया है। प्रदेश में हाइवे की हालत काफी खस्ताहाल है। इससे परिवहन में काफी वक्त लग रहा है। अब सड़कों को जल्द सुधारा जाए।
दिलीप मंगलानी


बजट में पेट्रोलियम पदार्थों पर वेट और टोल टैक्स को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई। पेट्रोलियम पदार्थों को भी जीएसटी में शामिल करना चाहिए था। बजट से लोगों की अपेक्षाएं कम पूरी हुई।
वीरेंद्र साहू

स्पेयर पाट्र्स के दामों में कमी से परिवहन सेवा से जुड़े लोगों को राहत होगी। महंगाई के चलते अभी बस मालिकों को काफी घाटा उठाना पड़ रहा है। परिवहन संबंधी सेवाओं के टैक्स में कमी की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई।
नसीम बेग


और सशक्त होंगी महिलाएं
बलट नि:संदेश सराहनी है। बजट में विशेष बात यह है कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बहुत अधिक ध्यान दिया गया है। ग्रामीण महिलाओं को साक्षारता के बारे में बताया जाएगा। डिजिटल इंडिया के बारे में बताया जाएगा। सशक्तिकरण, पोषण आहार, कम उम्र में शादी न कराने की शिक्षा सहित बहुत सारी बातें हैं जिसमें गांव पिछड़े हैं उन पर काम करने ध्यान दिया जाएगा। बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा जाना सराहनीय कदम है।
समिता जग्गी, शिक्षिका, एमएलबी गल्र्स हॉयर सेकंडरी स्कूल जबलपुर


ज्यादा संतोष जनक नहीं बजट
बजट पर कामकाजी महिलाओं की मिलीजुली प्रतिक्रिया आ रही है। कोई इसे खास बता रहीं है तो कोई इसे निराशाजनक ठहरा रहीं हैं। आम बजट और रेल बजट जो साथ में दिया गया है उसमें महिलाओं को कोई राहत नहीं है। इनकम टैक्स में राहत नहीं दिया गया है। हर सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। महिलाओं को घर और बाहर दोनों देखना है साथ में नौकरी भी करना है उनपर बड़ी जिम्मेदारी है। इनकों खास रियायत देना था ताकि वे काम अच्छे से कर सकें। अन्य लाभ भी बढ़ाएं जाएं। बजट ज्यादा संतोष जनक नहीं है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर सर्विस चार्ज नहीं लगेगा यह अच्छा कदम है। 
माधवी मिश्रा, कामकाजी महिला।


संतुलित है बजट
जेटलीजी का बड़ा संतुलित बजट है। इसमें हर वर्ग के लोगों का ख्याल रखा गया है। इससे उद्योगों को सपोर्ट मिलेगा। छोटे सेक्टर में लिमिट बढ़ाई है इससे व्यक्तिगत लोगों को फायदा मिलेगा। इनकम टैक्स पेयर्स को जो सपोर्ट किया है उससे भी काऊपी मदद मिलेगी। जो कैपिटल है जितनी बढ़ेगी आदमी उतनी ज्यादा चैन से जिंदगी बिता सकेगा।
सुधीर कुमार मिश्रा, अध्यक्ष जिला उद्योग संघ कटनी


बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
आज देश के वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा जो बजट पेश किया गया है वह उम्मीदों के अनुसार भले ही न हो, लेकिन काफी अच्छा है। खास बात यह है कि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, उच्च शिक्षा में सुधार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी सहित रोजगार को बढ़ावा देने वाली योजनाएं शामिल हैं। इससे युवाओं को लाभ मिलेगा। सरकारी की यह सराहनीय पहल है। थोड़ा और बेहतर की उम्मीदें थी, फिर भी बेहतर है। 
छात्र निखिल दुबे, नरसिंहपुर


स्वागत योग्य कदम
जेटलीजी का बजट शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों को पसंद आया है। बजट में शासकीय कर्मचारियों, अधिकारियों एवं मध्यम व छोटे व्यापारियों को आयकर से 5 प्रतिशत की दूट स्वागत योग्य कदम है। 3 लाख तक नकद भुगतान की सीमा भविष्य में कालेधन को हतोत्साहित करने और नकदीविहीन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का अच्छा कदम है।
सीआर कौरव, प्राचार्य गल्र्स स्कूल करेली


यादव कॉलोनी में बजट पर चर्चा करते लोग
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