बजट से आस,शहरवासी बोले- टैक्स में कमी कर राहत दे सरकार

बजट से आस,शहरवासी बोले- टैक्स में कमी कर राहत दे सरकार
Expectations of budget 2017 from indore

gaurav nauriyal | Updated: 31 Jan 2017, 11:53:00 PM (IST) MP Budget

‘पत्रिका’ ने मंगलवार को रीगल तिराहा से घंटाघर चौराहे के बीच छात्र, व्यापारी, वरिष्ठ नागरिक, लघु उद्यमी, ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोग आदि से चर्चा की। 

इंदौर. केंद्र सरकार 1 फरवरी को आम बजट पेश करने वाली है। नोटबंदी के बाद पेश हो रहे पहले बजट से हर वर्ग को खासी उम्मीदें हैं। पत्रिकाने मंगलवार को रीगल तिराहा से घंटाघर चौराहे के बीच छात्र, व्यापारी, वरिष्ठ नागरिक, लघु उद्यमी, ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोग आदि से चर्चा की। इस दौरान सभी से पूछा कि बजट के उनके लिए क्या मायने हैं? 

बदल गया पान का जायका

महंगाई ने पान का जायका बदल दिया है। सरकार के प्रयास कम नजर आते हैं। सरकार को छोटे व्यापारियों के लिए बजट में राहत का ऐलान करना चाहिए। 

- प्रकाश इसरानी मामा, पान मसाला व्यवसायी

 

खान-पान पर मिले राहत

हमारा चाय-नाश्ते का कारोबार है। खान-पान की सामग्री पर राहत मिलना चाहिए। मसाले, खाद्य सामग्री महंगी होने से हमें भी कीमत बढ़ाना पड़ती है। ऐसे में चाय का जायका बिगड़ रहा है। 

- चंद्रकांत शर्मा, होटल व्यवसायी 



उम्मीद है राहत मिलेगी

मैं मार्केटिंग करता हूं। हर महीने कीमतें घटने-बढऩे से घर चलाने में परेशानी होती है। उम्मीद है सरकार बजट में मध्यम वर्ग को राहत देगी। 

- मातादीन चौरसिया, मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव


 

महंगी स्टेशनरी पर लगाम लगे

पढ़ाई करवाना बेहद कठिन हो गया है। बढ़ती फीस और महंगी होती पढ़ाई के चलते गरीब और मध्यम वर्ग अच्छी शिक्षा से वंचित है। बजट में इससे राहत मिलना चाहिए।

- उज्ज्वल दांगी, स्टूडेंट

 

 लोन हो सस्ता

स्टूडेंट्स पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन उन्हें अच्छी पढ़ाई के लिए लेना महंगा मिलता है। सरकार को बजट में एजुकेशन लोन सस्ता करना चाहिए। 

- मयंक शर्मा, स्टूडेंट


 

आम आदमी के लिए हो फैसला

बजट में एेसी घोषणाएं होना चाहिए, जिससे मंदी से जूझ रहे सराफा व्यवसाय को रफ्तार मिले। सरकार को टैक्स में कमी करना चाहिए। 

- चेतन परमार, सराफा कारोबारी

 

बजट सबके लिए हो

अमीर-गरीब सभी के लिए अच्छा बजट बनाया जाना चाहिए। किसी के साथ एक तरफा व्यवहार न हो। खाद्य पदार्थ व रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर लगाम जरूरी है। 

- हिमांशु भट्ट, एंटरप्रेन्योर


 

 टैक्स में कमी हो

केंद्र व राज्य सरकारों ने व्यापारियों पर कई तरह के टैक्स लगाकर कमर तोड़ दी है। एेसे में परेशानी यह है कि प्रतिस्पर्धा के दौर में कीमत कम कैसे रखी जाए। सरकार मंदे व्यापार में जान फूंके। 

- देव कौल, कैफे संचालक


 बेरोजगारों को राहत मिले

सरकार बजट में बेरोजगारों को राहत दे। कुछ ऐसी व्यवस्था करना चाहिए कि लोन लेने वालों की नौकरी लगने के बाद ही उनसे लोन की वसूली होना चाहिए। 

- सर्वेश जैन, इंजीनियर

 

 टैक्स में मिले राहत

कपड़ा उद्योग की हालत ठीक नहीं है। सरकार को इनकम टैक्स में राहत देकर व्यवसायियों की परेशानी को कम करना चाहिए। सर्विस टैक्स भी कम हो। 

- मुकेश वर्मा, कपड़ा व्यवसायी


  

मोबाइल मार्केट को पंख लगे

सरकार को मोबाइल की कीमतें हर दुकान पर एक जैसी करना चाहिए। उम्मीद है कि मोबाइल बाजार में तेजी लाने के प्रयास सरकार करेगी। 

- कमलेश पंवार, मोबाइल व्यवसायी

 

 उम्मीद है राहत मिलेगी

सरकार को बजट में सर्विस टैक्स में कमी करना चाहिए। सर्विस टैक्स से वाहनों में लगने वाले कल-पुर्जे भी महंगे हो जाते हैं। बजट में थोड़ी राहत मिलना चाहिए।

- राकेश मेहता, ऑटोमोबाइल व्यवसायी


  पेट्रोल व गैस पर हो राहत

सरकार को बजट में पेट्रोल-डीजल पर टैक्स में कमी करना चाहिए। पेट्रोल-डीजल के महंगे होने का असर सीधे उपभोक्ता पर पड़ता है। 

- यूसुफ खान, ऑटो चालक


 बुजुर्गों का ख्याल रखें

सरकार बुजुर्गों के लिए भी कुछ अच्छी घोषणाएं करे। जहां तक वरिष्ठ नागरिकों की बात है, उन्हें पेंशन या अन्य आय के स्रोत पर लाभ मिलना चाहिए। 

- सुनील दत्त, वरिष्ठ नागरिक


 

किचन का रखें ख्याल

सरकार को किचन के खर्च पर लगाम लगाना चाहिए। बचत का बड़ा हिस्सा कर के रूप में चला जाता है। बजट में किचन की रंगत बरकरार रहना चाहिए। 

- रीता दत्त, गृहणी

 

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