Budget: टूटी राहत की आस, नहीं मिला कुछ खास, यहां पढ़ें विशेषज्ञों की राय

  Budget: टूटी राहत की आस, नहीं मिला कुछ खास, यहां पढ़ें विशेषज्ञों की राय
union budget 2017

3 लाख तक की इनकम पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा। राजनीतिक पार्टियों के चंदे पर भी उनका फैसला ऐतिहासिक कदम कहा जा रहा है। आइए  यहां जानते हैं बजट को लेकर एक्सपर्टस ने क्या कहा...

जबलपुर। केंद्रिय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चौथा बजट पेश किया। जिसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया। ये पहली बार ऐसा हुआ जब रेल बजट भी साथ में पेश किया गया। वित्त मंत्री ने बजट में मध्य-वर्ग को राहत देते हुए 3 लाख रुपये की इनकम को टैक्स की श्रेणी से बाहर रखा है। वहीं, 5 लाख तक की इनकम पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा। राजनीतिक पार्टियों के चंदे पर भी उनका फैसला ऐतिहासिक कदम कहा जा रहा है। आइए  यहां जानते हैं बजट को लेकर एक्सपर्टस ने क्या कहा...


व्यवस्थित बजट
व्यवस्थित बजट आया है। सभी छोटे व्यापारी चाहते थे कि इनकम टैक्स का समीकरण हो जो बहुत हद तक किया है। उद्योग, व्यापार के लोगों को टैक्स रिफॉर्म में लाने का प्रयास किया है। बजट में वित्तमंत्री ने प्रयास किया है कि लोग ज्यादा टैक्स सिस्टम के अंदर आसानी से आएं। बजट में भ्रष्ट व्यवस्था को रोक लगाने के लिए बेहतर कदम उठाए गए हैं। 
- प्रेम दुबे, चेयरमैन, जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स 

छोटे व्यापारियों को भी लाभ 
मुद्रा योजना में एक लाख 22 हजार करोड़ का प्रावधान बढ़ाया गया। इससे छोटे व्यापारियों को भी लाभ प्राप्त होगा। जीएसटी में कस्टम और एक्साइज की दर को यथावत रखा गया। एफडीआई को और ज्यादा परिभाषित किया जाता। किन सेक्टर्स में लाना है। डिफेंस क्लस्टर को चिंहित करके और डिटेल में बताते तो बेहतर होता।  
- हिमांशु खरे, उपाध्यक्ष जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स 

 
यूजीसी के सुधार भी शामिल
मैं इसे प्रोगे्रसिव बजट कहुंगा। खासतौर से किसान, एजुकेशन, रोजगार, डेरी फॉर्मर्स के लिए भी जो स्कीम हैं वह फायदेमंद है। स्किल इंडिया और कोशल इंडिया का प्रोग्राम, किसानों के लिए हैल्थ कार्ड, पशुपालन के साथ ही एफॉर्डेबल हाउसिंग की बात भी बेहतर है। यूजीसी के सुधार भी बजट में लिए गए हैं। इसमें वर्ग का ध्यान रखा गया है।
- डॉ. पीडी जुयाल, कुलपति वेटरनरी विश्वविद्यालय


राजनीतिक क्षेत्र में पारदर्शिता
इस बार विकासोन्मुखी बजट रख गया है। खासकर राजनीतिक क्षेत्र में पारदर्शिता का, अभी तक चंदे में 20 हजार तक की राशि का हिसाब नही होता था लेकिन अब 2 हजार या उससे अधिक का जो भी चंदा मिलेगा अब उससे राजनीतिक दलों में पारदर्शिता के साथ काम होगा। यह एक अच्छा कदम है। इससे कालेधन पर रोक लगेगी। बजट में ये ऐतिहासिक कदम है। 
शशांक श्रीवास्तव, महापौर कटनी


सर्विस टैक्स में परिवर्तन नही
सर्विस टैक्स में कोई परिवर्तन नही किया क्योंकि जीएसटी आने वाला है। 1 जुलाई से जीएसटी लागू हो जाएगा। जो उम्मीद की थी इस क्षेत्र में बजट में लगभग वही देखने मिला। कुल मिलाकर ये बहुत अच्छा बजट है। 
- शिशिर नेमा, टैक्स अधिवक्ता


आम रेल कर्मचारी के लिए कुछ नहीं
रेलवे को 1 लाख 31 हजार करोड रुपए का बजट दिया है। जिसमें अलग से 1 लाख करोड़ में रेलवे की सेफ्टी शामिल है। आज के दौर में टैक्स में कोई बड़ी छूट नही दी गई। स्लैब (3 से 5 लाख के बीच) में कोई बड़ी छूट नहीं दी गई है। सीनियर सिटीजन और आम रेल कर्मचारी के लिए कुछ नही है। रेलवे को लेकर और भी जो घोषणाएं थीं इसमें शामिल नही हैं। आगे देखना होगा कि रेलमंत्री इसमें कितना विस्तार लाते हैं। 
- अशोक शर्मा, जनरल सेके्रटरी वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ  


विकास में मदद
बजट में आंगनबाड़ी के माध्यम से महिलाओं के विकास के लिए दी जाने वाली 500 करोड़ की राशि से बच्चों के विकास में मदद मिलेगी। जरुरत है तो सिर्फ सही क्रियान्वयन की। माताएं काम में व्यस्तता के कारण बच्चों को पढ़ा नहीं पाती हैं। बच्चों को पोषण भी नहीं मिल पाता है। लगातार जनसंख्या बढ़ रही है। मां को इतनी मात्रा में पोषण आहार मिले जिससे कि बच्चों को पर्याप्त आहार मिल सके। 

-अंजू अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता

 
मृत्युदर में होगा सुधार
प्रसव उपरांत महिलाओं को मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 6 हजार रुपए कर दिया गया है। बजट में 6 हजार रुपए दिए जाने का प्रावधान तय किया गया है। गर्भवती महिलाओं को योजनाओं का फायदा मिलेगा। बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पोषण आहार मिल सकेेगा। सरकारी अस्पताल में बच्चों और महिलाओं की स्थिति खराब रहती थी वह सुधरेगी। मृत्युदर की संख्या भी घटेगी। सरकार का यह अच्छा फैसला है।
-आभा जैन, इनरव्हील क्लब    

 


किसानों की राय पढऩे के लिए इस लिंक पर क्लिक करें:  Budget 2017: बजट में किसानों के लिए हुई ये घोषणाएं, ये कहा किसानों ने  
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