scriptBJP's reputation is at stake and question of Congress MLA's credibilit | MP में यहां बीजेपी की प्रतिष्ठा दांव पर तो कांग्रेस विधायक के लिए भी साख का सवाल | Patrika News

MP में यहां बीजेपी की प्रतिष्ठा दांव पर तो कांग्रेस विधायक के लिए भी साख का सवाल

- जीत के लिए दोनों ही दलों ने झोंकी ताकत

- वोट के लिए जतन... दंडवत हुए प्रत्याशी

राजगढ़

Published: July 04, 2022 04:05:45 pm

राजगढ़ (ब्यावरा)। सात साल के लंबे अंतराल के बाद अप्रत्यक्ष प्रणाली से हो रहे निकाय चुनाव में यहां बीजेपी की प्रतिष्ठा दांव पर है, तो वहीं कांग्रेस की भी साख का सवाल है। दोनों ही दलों ने अपने प्रत्याशियों को जीताने ताकत झोंक दी है।

vote_politics.png

हमेशा से चर्चा में रही ब्यावरा नगर पालिका से नाराजगी कांग्रेस के लिए बड़ा हथियार है वहीं, कमजोर विपक्ष और कांग्रेस की फूट को बीजेपी ने हथियार बना रखा है। इस चुनाव को जीताने बीजेपी में सांसद, बीजेपी जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक और तमाम बड़े नेता, पदाधिकारी लगे हैं। गुटबाजी भी बड़ी चुनौती है।

कांग्रेस में पदेन ब्यावरा विधायक और उनकी टीम के साथ ही स्थानीय पूर्व विधायक, पूर्व नपाध्यक्ष और अन्य कांग्रेसी नेता जुटे हैं। सब अपने स्तर पर मतदाताओं को साधने में लगे हैं। कोई दंडवत प्रणाम कर रहा है तो कोई हाथ जोड़कर अभिवादन कर रहा है तो कोई चुनाव चिह्न को लेकर प्रचार में लगे हैं।

...और बीजेपी की गुटबाजी-कांग्रेस का बिखराव भी एक कारण: इस पूरे चुनाव की दिशा और मतदाताओं की चुप्पी इस बार दोनों बड़े दलों के कार्यकर्ताओं को देखकर भी बदली है। बीजेपी की आपसी गुटबाजी, कार्यकर्ताओं का आपस में तना-तनी, सोशल मीडिया पर वार, सीधी धमकियां और विरोधाभास इस बात का संकेत है कि पार्टी पदाधिकारियों के बीच में गुटबाजी है जो कि एक-दूसरे को खींचने में लगे हैं। वहीं, कांग्रेस में भी बड़ा बिखराव इस बार है। टिकट वितरण हो या प्रत्याशी चयन हो या अन्य कोई कारण। सभी को लेकर विरोध के स्वर नगर में हैं, जिससे चुनाव का स्वरूप बदला-बदला सा लग रहा है। हालांकि मतदाताओं की चुप्पी से अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है।

ऐसे समझें ब्यावरा नप के चुनाव का गणित, यही काम करेगा...
कांग्रेस की कमी : इतने लंबे समय तक बीजेपी की परिषद रहने के बावजूद कांग्रेस की निष्क्रियता और कमजोर विपक्ष की भूमिका सबसे बड़ी कमी है। जिससे जनता नाखुश है। उनका एक ही करना है कि इतने दिन से कहां थे, अब आ रहे हो?

बीजेपी की कमी : 18 ही वार्डों में वोट मांगने के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बीजेपी के सामने यही है कि 17 साल से उन्हीं की परिषद है। जिसमें हर दिन होती शिकायतों और समस्याओं के अंबार के बाद लग रहा है कि लोग विरोध में हैं। उन्हें आश्वास्त कर पाना मुश्किल हो रहा है।

बीजेपी की ताकत : बीजेपी के पास इस चुनाव में सबसे बड़ा हथियार और आधार सिर्फ यही है कि केंद्र और प्रदेश में सरकार उन्हीं की है। इसी को सबसे बड़ा टूल उन्होंने बना रखा है। इसी को आधार बनाकर वोट मांग रहे हैं। हालांकि विस, लोस से यह काफी अलग चुनाव रहते हैं।
कांग्रेस की ताकत : भले ही विपक्ष के तौर पर कांग्रेस कमजोर रही हो लेकिन मजबूत पार्ट यह भी है कि वर्तमान विधायक इसी दल के हैं। साथ ही पूरे ब्यावरा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंंह का भी एक बड़ा फैक्टर है, जिसके चलते सभी कांग्रेसी एक सुर में नजर आते हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान के आधे जिलों में कमजोर पड़ेगा मानसून, दो संभागों में ही भारी बारिश का अलर्टमुस्कुराए बांध: प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जारी, बीसलपुर बांध के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरीराजस्थान में राशन की दुकानों पर अब गार्ड सिस्टम, मिलेगी ये सुविधाधन दायक मानी जाती हैं ये 5 अंगूठियां, लेकिन इस तरह से पहनने पर हो सकता है नुकसानस्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को बार-बार ऊंचाई से गिरते देखना नहीं है बेवजह, जानें क्या है इसका मतलबराखी पर बेटियों को तोहफे में देना चाहता था भाई, बेटे की लालसा में दूसरे का बच्चा चुरा एक पिता बना किडनैपरबंटी-बबली ने मकान मालिक को लगाई 8 लाख रुपए की चपत, बलात्कार के केस में फंसाने की दी थी धमकीराजस्थान में ईडी की एन्ट्री, शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, पैसे लगाए बिना करोड़ों की दौलत

बड़ी खबरें

Nashik News: कंबल में लेटाकर प्रेग्‍नेंट महिला को पहुंचाया गया हॉस्पिटल, दिल दहला देने वाला वीडियो हुआ वायरलबीजेपी अध्यक्ष ने LG को लिखा लेटर, कहा - 'खराब STP से जहरीला हो रहा यमुना का पानी, हो रहा सप्लाई'सलमान रुश्दी पर हमला करने वाले की ईरान ने की तारीफ, कहा - 'हमला करने वाले को एक हजार बार सलाम'58% संक्रामक रोग जलवायु परिवर्तन से हुए बदतर: प्रोफेसर मोरा ने बताया, जलवायु परिवर्तन से है उनके घुटने के दर्द का संबंध14 अगस्त स्मृति दिवस: वो तारीख जब छलनी हुआ भारत मां का सीना, देश के हुए थे दो टुकड़ेआरएसएस नेता इंद्रेश कुमार का बड़ा बयान, बापू की छोटी सी भूल ने भारत के टुकड़े करा दिएHimachal Pradesh: जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाने पर होगी 10 साल की जेल, लगेगा भारी जुर्मानाDGCA ने एयरपोर्ट पर पक्षियों के हमले को रोकने के लिए जारी किया दिशा-निर्देश
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.