आजमाएं ये 8 उपाय, श्रीकृष्ण बदल देंगे आपकी तकदीर

भारतीय सनातन धर्म में गुरु का दर्जा बहुत ऊंचा माना गया है। कबीर ने तो भगवान से पहले गुरु की आराधना को ज्यादा महत्व दिया। गुरु पूर्णिमा गुरु की वंदना और उनसे वरदान प्राप्त करने का पर्व है।


भारतीय सनातन धर्म में गुरु का दर्जा बहुत ऊंचा माना गया है। कबीर ने तो भगवान से पहले गुरु की आराधना को ज्यादा महत्व दिया। गुरु पूर्णिमा गुरु की वंदना और उनसे वरदान प्राप्त करने का पर्व है।

ज्योतिषियों के मुताबिक शास्त्रों में भी इस दिन को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। जिस जातक की कुंडली में गुरु की स्थिति अशुभ फल दे रही है उसके लिए गुरु पूर्णिमा का दिन कई सौगात ला सकता है। खासतौर से गुरु के अशुभ फल से मिल रहे कष्टों को कुछ उपायों के जरिए दूर किया जा सकता है।


ज्योतिष में गुरु व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, वैवाहिक जीवन आदि पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। यदि आप भी गुरु के दोष से परेशान हैं, तो गुरु पूर्णिमा को ये चमत्कारी उपाय जरूर करना चाहिए।

- गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु को नमन करें। आपने किसी को गुरु नहीं बनाया है तो भगवान विष्णु को गुरु समझें। वे समस्त ब्रह्मांड के गुरु हैं। इस दिन विष्णुजी का पूजन करें और उनसे जीवन में कृपा करने की प्रार्थना करें।

- सच्चे और सदाचारी गुरु इस युग में मिलना असंभव नहीं है, लेकिन मुश्किल जरूर है। वे लोग सौभाग्शाली होते हैं जिन्हें ऐसे गुरु मिलते हैं। अगर आपका कोई गुरु नहीं है, तो इष्ट देव को भी अपना गुरु मान सकते हैं। गुरु पूर्णिमा के दिन इष्ट देव का पूजन करें और प्रसाद चढ़ाएं।

- जो छात्र अध्ययन संबंधी बाधा से परेशान चल रहे हैं, उनके लिए गुरु पूर्णिमा के दिन गीता का पाठ कर भगवान श्रीकृष्ण का पूजन जरूरी है और गाय की सेवा करना बताया गया है।

- जिसका भाग्योदय नहीं हो पा रहा है, कारोबार मंद चल रहा है, बहुत हानि हो रही है, ऐसे में किसी जरूरतमंद को पीले अनाज, वस्त्र और पीली मिठाई का दान करना चाहिए।

- गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु यंत्र बनाकर उसे शुभ मुहूर्त में स्थापित करने से गुरु का शुभ प्रभाव बढ़ जाता है। यंत्र की विधिवत पूजा और किसी विद्वान पंडित के निर्देश के बाद ही उसे स्थापित करें।

- ज्योतिष के अनुसार जिस जातक की कुंडली में गुरु अशुभ स्थिति हैं तो उसे जीवन संबंधी कष्टों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में उसे किसी सदाचारी, विद्वान ब्राह्मण को पुखराज का दान करना चाहिए।

यह है गुरु के लिए चमत्कारी मंत्र
ऊं बृं बृहस्पतये नमः का जाप करते हुए इसी दिन सिद्ध करने का खास दिन है। इस दिन गायत्री मंत्र का भी जाप करने से शुभ फल मिलता हैं।

- यदि कई प्रयासों के बावजूद आपको अच्छे परिणाम नहीं मिल रहे हैं या कोई कार्य बिगड रहे हैं तो गुरु पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के चित्र के समक्ष या ठाकुरजी के मंदिर में गाय के घी का दीपक जलाकर भगवान से प्रार्थना करना चाहिए। शीघ्र ही शुभ प्रभाव नजर आने लगेगा।

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥

अर्थातः गुरु ही ब्रह्मा है, गुरु ही विष्णु है और गुरु ही भगवान शंकर है। गुरु ही साक्षात परब्रह्म है। ऐसे गुरु को मैं प्रणाम करती हूं।
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gaurav nauriyal
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