DIWALI पर जल्दी प्रसन्न होते हैं बजरंगबली, आज भी है 'हनुमान जयंती'

DIWALI पर जल्दी प्रसन्न होते हैं बजरंगबली, आज भी है 'हनुमान जयंती'
Hanuman Jayanti 2016

mp.patrika.com आपको बताने जा रहा है कि दीपावली के एक दिन पहले हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है। क्यों बजरंगबली को सिंदूर का चोला चढ़ाया जाता है....।

हनुमानजी की जयंती दो बार मनाई जाती है, यह कम ही लोग जानते हैं। इस हनुमान जयंती को भी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन बजरंगबली की पूजा विशेष फलदायी होती है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि हनुमान जयंती साल में दो बार क्यों मनाई जाती है...।

mp.patrika.com आपको बताने जा रहा है कि दीपावली के एक दिन पहले हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है।  क्यों बजरंगबली को सिंदूर का चोला चढ़ाया जाता है....।


दिवाली के एक दिन पहले मेष लग्न में हनुमान जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाने की परंपरा है। लोग इसे श्रद्धाभाव से मनाते हैं। इस दिन महाबली की पूजा करने से बिगड़े काम बन जाते हैं और कृपा बरसती है। 

यही नहीं दीपावली पर बजरंग बली का पूजन करने से सभी मनोकामना पूरी होती है। व्यक्ति की हर जगह विजय प्राप्त होती है। बजरंग बली को भोलेनाथ का अवतार माना गया है। वे अनंत सूर्य से भी तेज प्रकृति के स्वामी हैं।


इस दिन क्या करें
1. भक्तों को कठिन व्रत, पूजन या अनुष्ठान, जबकि निःस्वार्थ प्रेम की आशा होती है। नरक चौदस के दिन और दीपावली के दिन भगवान का सच्चे प्रेम से स्मरण करें।
2. पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा का षोडशोपचार अथवा पंचोपचार से पूजन करें। 
3. कीर्तन, श्री अखण्ड रामायण का पाठ कराना चाहिए।
4. हनुमान चालीसा का पाठ करें। इस तरह सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाएगी।
5. जिनकी कुंडली में मंगल दोष, शनि दोष राहु-केतू, सूर्य दोष आदि हों तो उन्हें भी इस दिन बजरंगबली की आराधना करना चाहिए।
6. इस दिन भगवान को चोला चढ़ाने से वे बेहद प्रसन्न होते हैं।
7.महिलाएं भी अक्षय पुण्य के लिए भगवान की आराधना करती हैं।
8. विद्यार्थियों को विद्या की प्राप्ति भी होती है। उनका पढ़ाई में मन लगता है।

यह है हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाने की कथा
सिंदूर चढ़ाने के पीछे की विशेष कथा है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक एक दिन की बात है जब हनुमान जी ने सीता माता को मांग में सिंदूर लगाते हुए देख लिया था। इस पर उनकी जिज्ञासा हुई कि माता आप यह क्या कर रही हैं, अपनी मांग में सिंदूर क्यों लगा रही हैं। इस पर सीता माता ने कहा कि इससे मेरे स्वामी श्रीराम की आयु और सौभाग्य बढ़ जाता है। यह सुनकर बजरंगबली बेहद उत्साहित हो गए और उन्होंने सोचा कि एक चुटकीभर सिंदूर से भगवान श्रीराम की आयु और सौभाग्य बढ़ जाता है तो क्यों न मैं पूरे शरीर पर ही सिंदूर लगाउंगा तो मेरे श्रीराम हमेशा-हमेशा के लिए अमर जो जाएंगे और उनकी कृपा मुझ पर बनी रहेगी।


तो पूरे शरीर पर लगा लिया सिंदूर
इसके बाद हनुमानजी गए और पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया। यह नजारा देख सीतामाता भी भाव विभोर हो उठी।


तो हनुमान को मिला अमर होने का वरदान
दीपावली के दिन पहले हनुमानजी की भक्ति से माता  सीता बेहद प्रसन्न हो गईं। उन्होंने हनुमान को अमर रहने का वरदान दिया था। तभी से दीपावली पर भी हनुमान जी की जयंती मनाई जाने लगी। क्योंकि उन्हें अमर होने का वरदान इसी दिन मिला था।
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