महाराष्‍ट्र में सैकड़ों किसानों ने किया सुसाइड, इसके पीछे का कारण जानिए यहां...

बेमौसम वर्षा ( Unseasonal Rain ) की मार से परेशान किसानों ( Troubled farmers ) ने लगाया मौत को गले, सत्ता में आने को बिजी रहे सत्ता दल, नेताओं ने सत्ता में आने के लिए दिन-रात किया जोड़तोड़, एक महीने में किसानों के आत्‍महत्‍या की सबसे ज्‍यादा तादाद

By: Rohit Tiwari

Published: 03 Jan 2020, 04:04 PM IST

मुंबई. जहां एक ओर हर कोई सत्ता में आने की प्लानिंग में बिजी था, वहीं दूसरी ओर राज्य के अन्नदाता एक एक कर आत्महत्या को गले लगा रहे थे। महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद नवंबर महीने में जब राज्‍य के नेता सत्‍ता में आने के लिए दिन-रात जोड़तोड़ में लगे हुए थे, उस समय बेमौसम वर्षा की मार से परेशान महाराष्‍ट्र के 300 किसानों ने सूइसाइड कर लिया। पिछले 4 सालों में एक महीने में किसानों के आत्‍महत्‍या की यह सबसे ज्‍यादा तादाद है। इससे पहले वर्ष 2015 में कई बार एक महीने में किसानों की आत्‍महत्‍या का आंकड़ा 300 को पार किया था। अंतिम बार वर्ष 2015 में राज्‍य में किसानों की आत्‍महत्‍या का आंकड़ा 300 के पार पहुंचा था। पिछले साल अक्‍टूबर से नवंबर के बीच आत्‍महत्‍या की घटनाओं में 61 प्रतिशत की तेजी आई।

महाराष्ट्र सरकार माफ नहीं करेगी किसानों का पूरा कर्ज

महाराष्ट्र में 300 किसान कर चुके आत्महत्या

महाराष्‍ट्र में 300 किसानों ने किया सुसाइड, इसके पीछे का कारण जानिए यहां...

मराठवाड़ा में 120 आत्‍महत्‍या
मराठवाड़ा इलाके में नवंबर महीने में सबसे ज्‍यादा 120 आत्‍महत्‍या के मामले और विदर्भ में 112 मामले दर्ज किए गए। विदर्भ इलाके से ही किसानों के आत्‍महत्‍या की सबसे ज्‍यादा खबरें आती रहती हैं। किसानों के आत्‍महत्‍या में अचानक आई इस तेजी की वजह से जनवरी से नवंबर 2019 के बीच 11 महीने में आत्‍महत्‍या के मामलों में पिछले साल इसी अवधि के दौरान हुई घटनाओं से ज्‍यादा है। वर्ष 2019 में कुल 2532 आत्‍महत्‍या के मामले आए जबकि वर्ष 2018 में यह आंकड़ा 2518 था। अनुमान के मुताबिक बेमौसम की बारिश से राज्‍य के एक करोड़ किसान प्रभावित हुए जो स्‍वीडन की कुल जनसंख्‍या के बराबर है। यह राज्‍य के कुल किसानों की संख्‍या का दो तिहाई है। इनमें से करीब 44 लाख किसान मराठवाड़ा इलाके के रहने वाले हैं। अब राज्‍य सरकार इन किसानों को मुआवजा दे रही है।

farmers suicides in Maharashtra : तीन साल में 12,021 किसानों ने की आत्महत्या

महाराष्ट्र: किसानों पर 34 हजार करोड़ का कर्जा, अब तक 3228 किसानों ने की आत्महत्या

महाराष्‍ट्र में 300 किसानों ने किया सुसाइड, इसके पीछे का कारण जानिए यहां...

अब तक 6552 करोड़ रुपये किसानों को वितरित
अधिकारियों ने बताया कि अब तक 6552 करोड़ रुपये वितरित किया जा चुका है। दिसंबर 2019 में महा विकास अघाड़ी सरकार ने ऐलान किया था कि वह किसानों की कर्जमाफी करेगी। इससे पहले वर्ष 2017 में महाराष्‍ट्र की बीजेपी सरकार ने 44 लाख किसानों का 18 हजार करोड़ रुपया लोन माफ कर दिया था। उधर, किसानों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि राज्‍य सरकार को किसान कर्जमाफी से आगे बढ़कर किसानी को लाभप्रद बनाने के लिए काम करना चाहिए।विदर्भ इलाके में काम करने वाले कार्यकर्ता विजय जवाधिया कहते हैं कि खेती में आने वाले खर्च और मजदूरी काफी बढ़ गई है, इस वजह से किसान एक खराब मौसम बर्दाश्‍त नहीं कर सकते हैं। यही आत्‍महत्‍या की मुख्‍य वजह है। किसानों को उनके उत्‍पाद का और ज्‍यादा पैसा मिलना चाहिए। किसानी की अर्थव्‍यवस्‍था किसानों के खिलाफ झुकी हुई है।

अन्नदाता की दुर्गति, हर रोज 7 किसान कर रहे आत्महत्या

आगे बढ़ता जा रहा है महाराष्ट्र किसानों का काफिला

Show More
Rohit Tiwari
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned