सुरक्षा में बड़ी चूक, हनीट्रैप में फंसा डीआरडीओ का इंजीनियर,आईएसआई के लिए भी कर रहा था काम

सुरक्षा में बड़ी चूक, हनीट्रैप में फंसा डीआरडीओ का इंजीनियर,आईएसआई के लिए भी कर रहा था काम
nishant

Prateek Saini | Publish: Oct, 08 2018 09:17:18 PM (IST) | Updated: Oct, 08 2018 09:17:19 PM (IST) Nagpur, Maharashtra, India

पूछताछ में पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने मिसाइल से जुड़ी कौन-कौन सी सूचनाएं लीक की है...

(नागपुर,मुंबई): भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में एक बड़ी चूक सामने आई है। उत्तरप्रदेश एटीएस और मिलिट्री इंटेलीजेंस ने जासूसी के आरोप में सोमवार को डीआरडीओ के सीनियर इंजीनियर को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट से अहम तकनीकी जानकारियां चोरी कर अमेरिका और पाकिस्तान में हैंडलर्स तक पहुंचाईं। इंजीनियर पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की महिला एजेंट के जाल में फंसा था। आरोपी के कम्प्यूटर में कई संवेदनशील जानकारियां मौजूद थीं। उसके एक पाकिस्तानी से फेसबुक पर चैटिंग के सबूत मिले हैं।

 

जानकारी के मुताबिक, आरोपी निशांत अग्रवाल डीआरडीओ के ब्रह्मोस एयरोस्पेस में चार साल से सीनियर सिस्टम इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। वह हाइड्रोलिक-न्यूमेटिक्स और वारहेड इंटीग्रेशन (प्रोडक्शन डिपार्टमेंट) के 40 लोगों की टीम को लीड करता है। निशांत ब्रह्मोस की सीएसआर और आरएनडी ग्रुप का सदस्य भी है। फिलहाल, वह ब्रह्मोस के नागपुर और पिलानी साइट्स के प्रोजेक्ट का कामकाज देख रहा था। पिछले साल यूनिट से उसे युवा वैज्ञानिक का पुरस्कार मिला था।

 

निशांत मूलतः उत्तरांचल के रुड़की का रहने वाला है, वहीँ से उसने आईआईटी की शिक्षा प्राप्त की है। पहले वह हैदराबाद में कार्यरत था। चार साल पहले वह नागपुर आया। अप्रैल माह में ही उसकी शादी हुई थी। बताया जा रहा है कि आरोपी दिल्ली में मौजूद सीआईए (अमेरिकी खुफिया एजेंसी) की एजेंट और पाकिस्तान के हैंडलर के संपर्क में था। वह मिसाइल तकनीक की जानकरियां भेजने के लिए सोशल मीडिया के इन्क्रिप्टेड, कोडवर्ड और गेम के चैट जोन का इस्तेमाल कर रहा था। सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।


पूछताछ में पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने मिसाइल से जुड़ी कौन-कौन सी सूचनाएं लीक की है। इससे पहले रविवार रात को कानपुर से एक महिला को पकड़ा गया था। जानकारों के मुताबिक, सेना के जंगी बेड़े में शामिल ब्रह्मोस मिसाइल परमाणु हथियारों के साथ हमला करने में सक्षम है। यह 3700 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से 290 किलोमीटर तक मार करती है। कम ऊंचाई पर उड़ान भरने के कारण राडार की पकड़ में नहीं आती है। इसे डीआरडीओ ने विकसित किया है।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned