लोग नाच रहे थे और रो भी रहे थे

Ganesha Bappa: गणपति महोत्सव का अंत(Ganesha farewell ) बड़ी धूमधाम से हुआ। लोगों ने नाचते गाते हुए तालाबों और समुद्र के किनारे गणपति का नम आंखों से विसर्जन किया।

 



 

 

By: Dheeraj Singh

Updated: 13 Sep 2019, 06:00 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुंबई। पिछले 11 दिनों से मनाए जा गणपति महोत्सव का अंत बड़ी धूमधाम से हुआ।कल मुंबई के विभिन्न इलाकों का नजारा देखने लायक था। लोग नाच भी रहे थे और रो भी रहे थे। लोगों ने नाचते गाते हुए तालाबों और समुद्र के किनारे गणपति का नम आंखों से विसर्जन किया। पूरा वातावरण गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ, इस उद्घोष के साथ गूंज रहा था। लाखों की संख्या में लोग मुंबई के विभिन्न चौपाटी पर गणपति विसर्जन करने इकठ्ठा हुए। अनंत चतुर्दशी को श्रद्धालुओं ने नम आंखों से गणपति का विसर्जन कर दिया गया। अनंत चतुर्दशी के दिन मुंबई में विभिन्न चौपाटी पर हजारों गणपति और गौरी का विसर्जन किया गया।
मनपा से मिली जानकारी के अनुसार अनंत चतुर्दशी से शुरू विसर्जन दूसरे दिन शुक्रवार दिन तक जारी रहा। शुक्रवार को 9 बजे तक कुल 38260 गणपति और गौरी का विसर्जन किया गया। जिसमें घरेलू 30,503 और सार्वजनिक 7627 गणपति है,जबकि गौरी 226 है। इसमें से कृत्रिम तालाब में सार्वजनिक 193 और घरेलू 3580 और गौरी 4 यानि कुल 3777 गणपति का विसर्जन किया गया। गाड़ियों की सुविधा के लिए मनपा ने चौपाटी के किनारों पर 896 बड़ी (स्‍टील प्‍लेटस) लगाई गई थी। छोटी गणेश मूर्ति के विसर्जन के लिए 45 जर्मन प्लेट की व्यवस्था की गई थी।636 जीवरक्षक सहित 65 मोटर बोट की व्यवस्था और योग्‍य समन्वय साधने के लिए एक नियंत्रण कक्ष के साथ ही 78 नियंत्रण कक्ष व 42 निरीक्षण टॉवर व स्वास्थ्य विभाग की ओर से 69 प्रथमोपचार केंद्र बनाया गया था। जगह-जगह बेस्ट की ओर से 2717 फ्लड लाईट व 83 सर्च लाईट की व्यवस्था, लोगों की सुविधा के लिए 84 मोबाईल टॉयलेट्स की व्यवस्था की गई थी। अग्निशमन दल की गाड़ियों सहित 65 सुसज्जित एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। मनपा ने 32 कृत्रिम तलाब,69 नैसर्गिक विसर्जन स्थल पर सारी सुविधाएं की थी। इसकी वज़ह से विसर्जन स्थल पर कोई अप्रिय घटना नहीं घटी।

Dheeraj Singh Reporting
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