भिवंडी की इकलौती कामवारी नदी की नहीं हुई सफाई, फिर डूबेगा शहर

दो विभाग के बीच फंसी नदी भिवंडी में बरसाती पानी के एक मात्र निकासी का माध्यम कामवारी नदी इन दिनों नाले का रुप ले चुकि है। यह नदी कचरे से अटी पड़ी है लेकिन जिम्मेदार मौन है। ऐसे में बरसात में यह नदी शहर के निचले क्षेत्र में जलभराव का मुख्य कारण बनने वाली है। समय रहते मनपा को चेताया भी गया लेकिन मनपा के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। बड़ी बात तो यह है कि कामवारी नदी का कुछ भाग मनपा क्षेत्र में है शेष भाग शेलार ग्राम पंचायत की सीमा में है ऐसे में दो विभाग के बीच फंसी इस नदी की सुध लेने वाला कोई नहीं। द

By: Binod Pandey

Updated: 29 Jun 2020, 05:20 PM IST

भिवंडी. शहर की सीमा से सटी कामवारी नदी के किनारे सीआरजेड के नियमों का उलंघन करके बड़े पैमाने पर हुए अवैध निर्माण के कारण इकलौती कामवारी नदी नाले के रूप में तब्दील हो गई है। मनपा अधिकारियों की मिलीभगत से बिल्डर तो मालामाल हो गए लेकिन इन अवैध निर्माणों के चलते नदी का अस्तित्व ही पूरी तरह समाप्त हो गया। बावजूद इसके कामवारी नदी के किनारे अवैध निर्माण करने वालों का गोरखधंधा अभी भी निर्बाध गति से जारी है।

मालूम हो कि भिवंडी में कामवारी नदी के दोनों किनारों पर गैकानूनी तरीके से बहुमंज़िला इमारतों सहित असंख्य पावरलूम शेड बनाए गए हैं। जिसके कारण पूरी नदी नाला में तब्दील हो गयी है। भिवंडी मनपा समेत ग्रामीण इलाकों के नालों का पानी इसी कामवारी नदी में आता है। तेज बारिश बारिश के दौरान नाला बन चुकी कामवारी नदी शहर के नालो का पानी नही खींच पाती है। जिसके कारण ही शहर के कई निचले इलाके डूब जाते हैं और कुछ इलाकों में तो पांच से सात फुट तक पानी भर जाता है।

बरसाती जल निकासी का एकमात्र स्त्रोत

यहां इस बात का उल्लेख आवश्यक है कि कामवारी नदी ही शहर की बरसाती जल निकासी का एकमात्र वह श्रोत है। जिससे शहर सहित ग्रामीण भाग के बरसात का पानी खाड़ी से होकर बाहर निकलता है। इसके बावजूद आज तक भिवंडी मनपा ने कभी भी इस नदी की साफ़ सफाई पर कोइ ध्यान नहीं दिया। जिससे कारण नदी कचरों से एकदम अटी पड़ी है। कचरों से आच्छादित होने के कारण नदी की गहराई कम होने से बारिस के दौरान नदी से पानी का तेज प्रवाह निकलकर नदीनाका, म्हाडा कालोनी, भिवंडी वाड़ा रोड सहित नीचले इलाकों की अन्य झोपडपट्टी क्षेत्रों में पहुंचता है। जिससे लाखों गरीब परिवार प्रति वर्ष बेघर होकर अपना सामान लेकर इधर-उधर सहारा खोजने के लिए अभिशप्त हैं। मनपा प्रशासन सब कुछ जान बूझकर भी इतने बड़े जनहित के गंभीर मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। मूसलाधार बारिश होने से नदी का पानी निकलकर सड़क पर भर जाता है। जिससे घंटों-घंटों तक भिवंडी–वाडा मार्ग बंद हो जाता है।

मनपा व ग्राम पंचायत के बीच अटका मामला

लेकिन हर साल आने वाली इस गंभीर समस्या के स्थाई निवारण के लिए नदी की सफाई एवं गहरा करने का कोई प्रयास नहीं करता। जिसे लेकर शहर के लोगों में मनपा प्रशासन के प्रति भारी नाराज़गी देखी जा सकती है। बताया जाता है कि कामवारी नदी का कुछ भाग मनपा क्षेत्र में है शेष भाग शेलार ग्राम पंचायत की सीमा में है। जिसके कारण मनपा उक्त मुद्दे को लेकर लापरवाही बरत रही है और ग्राम पंचायत अधिकारी संसाधनों का अभाव बताते हुए अपना पल्ला झाड लेते हैं।

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