सेंट्रल रेलवे मानसून तैयारियां जोरों पर

  • 90 किमी का नाला किया गया साफ

By: Arun lal Yadav

Published: 16 May 2020, 07:59 PM IST

मुंबई. सेंट्रल रेलवे ने मानसून की तैयारियों में तेजी लाते हुए 90 किमी नाला सफाई का काम पूरा कर लिया इै। इसके साथ ही कलवर्ट के चौड़ीकरण, पपों को लगाने, सिग्लनों की जांच, ओएचई की सफाई और घाट पर पत्थरों की जांच का काम तेज गति से किया जा रहा है। मौसम विभाग की माने तो जून 11 तक मुंबई में मानसून पहुंच जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुुए काम किया जा रहा है।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के के चलते सभी लोकल और मेल सेवाओं को (स्पेशल ट्रेनों को छोड़कर) रद्द कर दिया गया। लोगों को घरों में रहने का निर्देश दिया गया है। इसके बावजूद रेलवे के कर्मचारी उपनगरीय नेटवर्क पर लोकल के सुचारू रूप से चलाने के लिए मुंबई में मानसून पूर्व तैयारियों में जुटे हुए हैं।

नालियों और पुलियों की सफाई
16 से अधिक जेसीबी/पोकलिन मशीनों को नालियों की सफाई के लिए तैनात किया गया है। इन्होंने अब तक 90 किलोमीटर की नाली की सफाई और पुलिया की सफाई का पहला दौर पूरा कर लिया है। इस लॉकडाउन अवधि के दौरान पर्याप्त ब्लॉक के साथ 3 बीआरएन मग स्पेशल और 2 ईएमयू मक स्पेशल द्वारा मलबे का निपटान किया जा रहा है।

कलवर्टस का चौड़ीकरण / विस्तार
पानी के मुक्त प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए और जल भराव से बचने के लिए कुर्ला कार-शेड, वडाला और तिलक नगर में कई कार्य पूर्ण किए गए हैं, जिन्हें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के रूप में पहचाना जाता है।

पंपों का प्रावधान
सेंट्रल रेलवे ने तेज जल निकासी के लिए भारी क्षमता वाले डीजल और इलेक्ट्रिक पंप प्रदान करने की योजना बनाई है, ताकि पानी का मुक्त प्रवाह ुनिश्चित किया जा सके, पानी पटरियों से जल्दी से निकल जाए और मानसून की अवधि के दौरान ट्रेन संचालन बाधित न हो। इसके साथ ही जंग खाए नग पोर्टल को हटाने, घाट खंडों में सुरंग ओएचई ओवरहालिंग, पूरे मुंबई मंडल में आरओबी / एफओबी के तहत महत्वपूर्ण निकासी की जांच और रखरखाव, उच्च दबाव जेट की इन-हाउस तकनीक द्वारा इंसुलेटर की सफाई का काम किया जा रहा है। इसके तहत आसनगांव-कसारा सेक्शन में जंग खाए हुए पोर्टल बूम 17 नग और 34 नॉट अपप्रेट मास्ट कट और निकाले गए।

घाट खंड की तैयारी

सेंट्रल रेलवे मानसून तैयारियां जोरों पर

घाट खंड में बोल्डर को स्कैन / ड्रॉप करने के लिए बोल्डर मटेरियल ट्रेन को चलाया जा रहा है। ढीले बोल्डर की पहचान करने के लिए हिल गैंग (विशेषज्ञ, कुशल गिरोह) तेजी से काम कर रही है। सुरंगों की स्कैनिंग/साउंडिंग के साथ पटरियों आदि पर गिरे बोल्डर को बचाने के लिए सुरंगों के पास आने वाली इस्पात संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।

सिग्नल और दूरसंचार
पूरे मुंबई मंडल में केबलों की मैगरिंग का काम पूरा हो गया (जो केवल इतने कम समय में / कम यातायात के कारण संभव था), मानसून की तैयारियों के हिस्से के रूप में 96,मोटरें सील की गर्इं। 2 स्टेशनों पर पैनल परीक्षण, प्वाइंट मशीन और सिग्नल यूनिट प्रतिस्थापन का काम किया गया।

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