उग्र हुआ मराठा आरक्षण आंदोलन,प्रदर्शनकारियों ने की सांसद की गाड़ी में तोड़फोड़,सीएम के इस्तीफे की कर रहे मांग

बता दें कि मराठा आंदोलन में शामिल लोगों की मांग है कि उनके विकास के लिए शिक्षा और नौकरी समेत अन्य जगहों पर अन्य पिछड़े वर्ग की तर्ज पर 16 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए...

By: Prateek

Published: 24 Jul 2018, 03:12 PM IST

(पत्रिका ब्यूरो,मुंबई): महाराष्ट्र में मराठा आंदोलन को लेकर पिछले दो दिनों से आंदोलनकारियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस मामले ने और तूल पकड़ लिया जब आरक्षण की मांग को लेकर एक युवक ने नदी में छलांग लगा दी। युवक ने अपनी जान गंवा दी पर इसके बाद से राज्य में आरक्षण की मांग को लेकर हो रहा प्रदर्शन और भी तेज हो गया। कई संगठनों ने महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है साथ ही सीएम के इस्तीफे की मांग कर रहे है।

 

जी हां, राज्य के औरंगाबाद निवासी 28 वर्षीय काकासाहेब दत्तात्रे शिंदे ने नदी में कूद कर आत्महत्या करने के बाद से आंदोलनकारी अब मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, यहां तक आंदोलनकारियों ने मृतक के शव का अंतिम संस्कार न करने की भी चेतावनी दे डाली। इसके अलावा मंगलवार से महाराष्ट्र बंद का आह्वान कर चुके आंदोलनकारियों की मानें तो इसके पूर्व भी मराठा आरक्षण को लेकर राज्य में कई बार मूक प्रदर्शन तक किए जा चुके हैं और इसका मामला अदालत में है। वहीं आत्महत्या करने वाले शिंदे के गांव पहुचे औरंगाबाद के शिवसेना सांसद चंद्रकांत खैरे के वाहन में आग-बबूला हुए आंदोलनकारियों ने जमकर तोडफ़ोड़ की और सांसद की पिटाई भी कर दी। राज्यों के कई हिस्सों में बंद का असर दिखाई दिया। किसी भी तरह की अपवाह न फैले और कानून व्यवस्था बनी रहे इसलिए आंदोलन प्रभावित इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

 

सरकार को दो दिन की चेतावनी

विदित हो कि पिछले दो दिनों से शुरू हुए इस आंदोलन में अब तक राज्य भर में कई जगहों पर तोडफ़ोड़ और आगजनी हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ अषाढ़ी एकादशी के अवसर पर भक्तों को देखते हुए मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मराठा क्रांति ठोक मोर्चा समन्वय समिति ने लोगों से अपील की है कि वे सार्वजनिक वाहनों और चिकित्सा सेवा को निशाना न बनाएं।


बता दें कि मराठा आंदोलन में शामिल लोगों की मांग है कि उनके विकास के लिए शिक्षा और नौकरी समेत अन्य जगहों पर अन्य पिछड़े वर्ग की तर्ज पर 16 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। इसके लिए इस बार शुरू हुए आंदोलन में राज्य की फडनवीस सरकार की चेतावनी दी गई है कि वे मराठा आरक्षण को लेकर जल्द ही कोई कदम उठाएं।

Prateek Desk
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