महाराष्ट्र सरकार घुटनों पर, 80 फीसदी मांगें मानीं, किसान आंदोलन खत्म

किसान प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि हमने किसानों की ज्यादातर मांगे मान ली हैं।

By: Prateek

Published: 13 Mar 2018, 03:30 PM IST

अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में नासिक से निकले लगभग 35 हजार किसानों के महामार्च के मुंबई पहुंचते ही महाराष्ट्र सरकार घुटनों के बल आ गई। मार्च को जिस तरह का राजनीतिक और सामाजिक समर्थन मिला, उससे घबराई महाराष्ट्र सरकार ने अंततः खुद ही पहल करके किसानों से बातचीत शुरू की। खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने उस कमेटी की अगुवाई की, जिसने किसान नेताओं से बात की। किसान प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि हमने किसानों की ज्यादातर मांगे मान ली हैं।

सरकार 30 जून 2017 तक किसानों के सभी कर्जे को माफ करने पर सहमत हो गई है। सरकार से बातचीत और आश्वासन के बाद किसान नेताओं ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की। उनका कहना है कि सरकार से मिले लिखित आश्वासन के बाद ही आंदोलन खत्म किया। मुख्यमंत्री की ओर से गठित प्रतिनिधिमंडल 6 महीने में किसानों की समस्याओं को हल करेगा, ऐसा आश्वासन सरकार की ओर से दिया गया है।

 

विपक्ष ने किया सरकार को घेरने का प्रयास

सोमवार को विधानसभा की बैठक शुरू होते ही किसानों की कर्जमाफी के मसले पर विपक्ष ने सरकार को घेरने का प्रयास किया था। राजनीतिक गर्माहट को देखते हुए बजट सत्र के आयोजन के दौरान ही राज्य के मुख्यमंत्री ने छह मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाया। सीएम फडनवीस की तरफ से गठित की गई मंत्रियों की कमेटी में चंद्रकांत पाटिल, पांडुरंग फुडकर, गिरीश महाजन, विष्णु सवारा, सुभाष देश मुख और एकनाथ शिंदे शामिल थे। इसके बाद किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ इन छह सदस्यीय समिति के सदस्यों ने लगभग तीन घंटे से ज्यादा समय तक बैठक की। आंदोलनरत किसानों की ओर से विधायक जे. पी. गावित, अजित नवले, अशोक ढवले समेत विपक्षी नेता धनंजय मुंडे, सुनील तटकरे, अजित पवार, राधाकष्ण विखे पाटील समेत 12 लोगों का शिष्टमंडल उपस्थित था।सरकार की ओर से खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मौजूद रहे। सरकार की तरफ से किसानों की मांगों का एक ड्रॉफ्ट तैयार किया गया है। सरकार की ओर से लगभग 80 फीसदी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलन को खत्म करने की बात कही गई।


इन पर बनी सहमति

वन जमीन का मसला महत्वपूर्ण है। इस पर किए गए दावे का निबटान अगले छह महीने के भीतर कर दिया जाएगा। साल 2006 से पहले तक जितनी जमीन थी, उसे भी वापस लौटाने की बात कही। सीएम फडनवीस ने कहा कि कर्ज माफी के दौरान अपात्र किए गए प्रकरणों की जांच की जाएगी। कागजात सही पाए जाने पर उसे मंजूर किया जाएगा। इस बैठक में जो भी निर्णय लिए गए हैं, उसको लागू करवाने के लिए विशेष टीम का गठन किया जाएगा। मुख्य सचिव इस समिति की रिपोर्ट पर नजर रखेंगे और अगले छह महीने में इस मामले को सुलझा लिया जाएगा। सीएम ने संजय गांधी, श्रावणबाल लाभार्थीं मानधन के संदर्भ में भी सकारात्मक निर्णय लेने की बात कही है।

 

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