परिवार निर्माण से राष्ट्र निर्माण में शामिल है नारी

परिवार निर्माण से राष्ट्र निर्माण में शामिल है नारी
समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका

Devkumar Singodiya | Updated: 13 Mar 2019, 06:05:50 PM (IST) Mumbai, Mumbai, Maharashtra, India

मंथन : समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर क्या कहती हैं आज की नारी, जो हर क्षेत्र में आज आगे हैं

मुंबई. नारी ईश्वर की सर्वोत्तम रचना है। नारी तु नारायणी कथन यह स्पष्ट करता है। पौराणिक ग्रंथों से लेकर आधुनिक समाज में महिला शक्ति को स्वीकार किया गया है। नारी परिवार में जहां बच्चों के लिए पहला गुरु, संस्कार निर्माण करने वाली, तो देश और समाज में आदर्श नागरिक बनाने में अहम भूमिका अदा करती है। महा कवि जयशंकर प्रसाद ने लिखा है, हे नारी ! तुम केवल श्रद्धा हो, विश्वास रजत नभ—पग—तल में।। पीयूष स्रोत सी बहा करो, जीवन के सुंदर समतल में।
संस्कार निर्माण में नारी की भूमिका पर गोकुलधाम के राजस्थानी मंडल में नारायण रेकी सत्संग परिवार से जुड़ी महिलाओं के साथ पत्रिका की ओर से टॉक शो का आयोजन किया गया।
मूलत: राजस्थान की इन महिलाओं ने आधुनिक युग में भी भारतीय संस्कृति व संस्कारों को परिवार व युवा पीढ़ी के बीच संजोये रखने में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया। पत्रिका टॉक शो में इन्होंने खुलकर अपने विचार रखे। परिवार निर्माण से लेकर राष्ट्र निर्माण तक के मार्ग में नारी का महत्व सर्वोपरि है। समाज निर्माण में नारी हर मोड़ पर अलग-अलग रूपों में होती है। कहीं ममता भरी मां है तो कहीं प्रेम स्वरूपा पत्नी बन पुरुष के जीवन का श्रृंगार है।

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