Lockdown 2.0: मुख्यमंत्री को चिट्ठी: राज ठाकरे ने की शराब की दुकानें खोलने की मांग

मनसे(MNS) प्रमुख राज ठाकरे(Raj Thakeray) ने कहा कि कर्मचारियों(workers) की पगार देने भर का पैसा भी सरकार(Government) के पास नहीं है। इसलिए शराब (Liquor) की दुकानें (Shops) पुन: खोली जानी चाहिए। राज्य में शराब की विक्री होने से राजस्व जमा होगा। इससे राज्य का अर्थ(ecomony) चक्र धीरे- धीरे गति(Speed) पकड़ेगा। जो घाटा(loss) हो रहा है, वह कुछ कम होगा।

By: Ramdinesh Yadav

Updated: 23 Apr 2020, 08:20 PM IST

मुंबई. लॉकडाउन के बीच मनसे मुखिया ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिख कर शराब की दुकानें खोलने की मांग की है। राज ठाकरे ने लिखा है कि लॉकडाउन के चलते राज्य को भारी नुकसान हो रहा है। सरकारी तिजोरी खाली है। कर्मचारियों की पगार देने भर का पैसा भी सरकार के पास नहीं है। इसलिए शराब की दुकानें पुन: खोली जानी चाहिए। राज्य में शराब की विक्री होने से राजस्व जमा होगा। इससे राज्य का अर्थ चक्र धीरे- धीरे गति पकड़ेगा। जो घाटा हो रहा है, वह कुछ कम होगा।


राज ठाकरे देश में संभवत: पहले राज नेता हैं, जिन्होंने लॉक डाउन के दौरान शराब की दुकानें खोलने की मांग की है। राज ने लिखा है कि नुकसान भरपाई के लिए वाइन शॉप और बार-रेस्टोरेंट, होटल खोलने की इजाजत दी जा सकती है। इसमें कोई हर्ज नहीं है। उनका सुझाव है कि शराब खरीद के समय लोग गड़बड़ी न करें, कोरोना संकट को न बढ़ाएं, इसके लिए सरकार कि दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।

आबकारी विभाग का नुकसान
शराब विक्री पर पाबंदी से आबकारी विभाग को कैसे नुकसान हो रहा है, इसका आंकड़ा भी राज ने पेश किया है। उन्होंने बताया कि शराब विक्री से विभाग को रोजाना औसतन 45 करोड़ रुपए राजस्व मिलता है। इस हिसाब से महीने भर में 1 हजार 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की आय आबकारी विभाग को होती है। राज्य में 18 मार्च से शराब की दुकानें बंद हैं। इन 35 दिनों में सरकार को डेढ़ हजार करोड़ का नुकसान हो चुका है।

राशन-सब्जी भी नहीं मिल रही
मनसे अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर भी खींचा है कि लोगों को राशन-सब्जी भी नहीं मिल रही है। बताया कि मुंबई और पुणे में सब्जी-राशन आदि जीवनावश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के दावे तो खूब हो रहे हैं। लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। सच्चाई यह है कि लोगों को राशन-सब्जी नहीं मिल रही है। इस पर राज ठाकरे ने नाराजगी भी जताई। उनका कहना है कि सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि आम लोगों को जरूरत की हर चीज मिले।

राजनीतिक चर्चा
राजनीतिक गलियारों में राज ठाकरे के पत्र की खूब चर्चा है। लॉकडाउन में शराब की दुकानें खोलने से जुड़ी उनकी मांग पर कई नेता चौंके। इससे पहले राज्य में किसी भी नेता ने ऐसी मांग नहीं की। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राज ठाकरे अपनी साफगोयी के लिए जाने जाते हैं। राज्य में वाइन शॉप-बार खोलने से जुड़ी उनकी मांग इसी से जुड़ी है।

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