maha politics: लाॅकडाउन के बीच कैसे जारी हो गए लगभग 10 हजार करोड़ के टेंडर, विपक्ष ने पूछा सवाल

एक तरफ राज्य( Maharashtra) कोरोना(corona) के संकट से जूझ रहा है तो दूसरी तरफ सरकार(Government) ने मौके का फायदा( benifit) उठाने में जुटी है । पिछले महीने 15 मार्च से लेकर 30 मार्च(15-30 march) के बीच लगभग 10 हजार करोड़ रुपये( 10kcr rupees) का ठेका जारी किया है। जिसमे सामाजिक न्याय विभाग , अल्पसंख्यक विभाग , हेल्थ विभाग जैसे कई विभाग के टेंडर शामिल हैं।

By: Ramdinesh Yadav

Updated: 18 Apr 2020, 11:20 PM IST

मुंबई। सबसे तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से महाराष्ट्र संकट मे है। कई शहर और जिले हॉटस्पॉट क्षेत्र में शामिल है। लॉक डाउन के चलते काम काज सब बंद है . लेकिन इस बीच सरकार ने लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के विभिन्न विभागों से टेंडर जारी किया है। जिसे लेकर विपक्ष ने सवाल उठाया। विपक्ष ने इसमें गड़बड़ी की आशंका जताई है ।
विपक्ष में नेता विनायक मेटे ने इस संदर्भ में आपत्ति दर्ज की है। मेटे ने कहा कि एक तरफ राज्य कोरोना के संकट से जूझ रहा है तो दूसरी तरफ सरकार ने मौके का फायदा उठाने में जुटी है । पिछले महीने 15 मार्च से लेकर 30 मार्च के बीच लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का ठेका जारी किया है। जिसमे सामाजिक न्याय विभाग , अल्पसंख्यक विभाग , हेल्थ विभाग जैसे कई विभाग के टेंडर शामिल हैं।

कुछ जरूरी विभाग को छोड़कर बाकी के विभाग में निविदा बाद में भी आमंत्रित की जा सकती थी । इनमें से 15 से 20 परसेंट के टेंडर ही जरूरी है बाकी के टेंडर महत्वपूर्ण नही थे । लेकिन सरकार ने बहुत घाई दिखाई है। आखिर यह घाई क्यों की गई । इस मामले की जांच होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है राज्य में 15 तारीख के बाद से ही कोरोना को लेकर सरकार सतर्क हो गई थी। और 18 तारीख के बाद कर्फ्यू घोषित कर दिया गया।

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