maha: प्रखर प्रहार करने वाली और संवेदना की देवी थी सुषमा स्वराज

maha: प्रखर प्रहार करने वाली और संवेदना की देवी थी सुषमा स्वराज

Ramdinesh Yadav | Updated: 13 Aug 2019, 08:18:46 PM (IST) Mumbai, Mumbai, Maharashtra, India

  • गुलामनबी आज़ाद जैसे लोग भी उनकी प्रशंसा करते रहे हैं ।
  • विदेश मंत्री रहते हुए उन्होंने जो काम किया उसके मुरीद पाकिस्तान में भी हुए ।
  • 60 और 70 के दशक मे महिला ने विपक्ष में रहते हुए अच्छे अच्छे राजनीतिकरो को हिला दिया था।
  • 25 वर्ष की आयु में मंत्री बनने वाली वे पहली महिला है ,
  • लोकसभा में पहली महिला विपक्ष नेता बनी , चार राज्यों में लोकसभा चुनाव लड़ने वाली भी पहली नेता था ।
  • पहली महिला विदेश मंत्री भी वही बनी ।

मुम्बई । देश को लिए समर्पित भावना के साथ 50 वर्ष से अधिक का समय स्वर्गीय सुषमा स्वराज में समाज को दिया है । सिद्धांत और देशहित की लड़ाई में वे कभी प्रखर प्रहार करने वाली देवी के रूप में दिखी तो कभी संवेदना की मूरत दिखी । यह बातें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्रीय सह कार्यवाह भैया जोशी ने भाजपा मुम्बई की ओर से स्वर्गीय सुषमा स्वराज के शोक सभा मे कही।
बड़ी संख्या में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच सुषमा स्वराज को याद कर अपनी आंखें नम कर चुके जोशी ने कहा कि प्रत्येक रक्षाबन्धान के दिन उनका फोन मुझे आता था, ऐसे ही नही बल्कि एक बहन का भाई के लिए वह फोन होता। आज भी उनकी आवाज की गूंज का एहसास मुझे होता है ।
अपने जीवनकाल में तमाम नए कीर्तिमान स्थापित करने वाली उस उस प्रखर वक्ता ने देश ही नही विदेश में भी अपने रिश्तों का बंधन बांध रखा था । वे ऐसी सख्सियत थी जिनके बारे में लोग उनके सामने तो तारीफ करते ही थे लेकिन पीछे तो उससे बढ़कर तरफ करते थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलामनबी आज़ाद जैसे लोग भी उनकी प्रशंसा करते रहे हैं । विदेश मंत्री रहते हुए उन्होंने जो काम किया उसके मुरीद पाकिस्तान में भी हुए ।शोकसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ,मुम्बई अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढा ,विधायक अतुल भातखलकर , भाई गिरकर , कैप्टन सेल्वम, मंत्री दर्जा प्राप्त अमरजीत मिश्र, संजय उपाध्य , प्रभाग समिति अध्यक्ष विनोदमिश्र, आकाश पुरोहित आदि लोग उपस्थित थे ।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सुषमा स्वराज में देश मे कई रिकार्ड बनाये है । 60 और 70 के दशक मे महिला ने विपक्ष में रहते हुए अच्छे अच्छे राजनीतिकरो को हिला दिया था। 25 वर्ष की आयु में मंत्री बनने वाली वे पहली महिला है , लोकसभा में पहली महिला विपक्ष नेता बनी , चार राज्यों में लोकसभा चुनाव लड़ने वाली भी पहली नेता था ।पहली महिला विदेश मंत्री भी वही बनी ।ऐसे कई रिकार्ड है ।
उनके जैसा तेज तर्रार वक्ता भाजपा में नही था । स्वयं अटल बिहारी और लालकृष्ण आडवाणी उनकी प्रशंसा करते रहे हैं बल्कि वे उनके भाषणों को सुनते थे।
फड़नवीस ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार लाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है ।उनके द्वारा तैयार किये गए माहौल , उनके बयान , उनके द्वारा निकले गए कांग्रेस सरकार के घोटालों के चलते कांग्रेस को मोह की खानी पड़ी थी।
धारा 370 पर सुषमा स्वराज ने निधन से पहले जो ट्वीट करके संदेश दिया वह वाकई में देश के लोगों के दिलों को छू गया ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं भाउक हो उठे।

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