Maharashtra Dharm-Adhyatm : चातुर्मास 2020 में सामूहिक धार्मिक कार्यक्रम नहीं करेंगे

युवाचार्य महेंद्र ऋ षि महाराज ने आचार्य ( Acharya ) की ओर से भी पत्र ( Letter ) लिखकर सभी से कहा कि चातुर्मास ( Chaturmas ) के लिए जिन श्री संघ को स्वीकृति दी गई है, उनसे भी सभी मुनिवृंद एवं साध्वियां संपर्क कर अपनी स्थिति से अवगत कराएं । अगर वे उन स्थानों से बहुत दूर हैं तो वर्तमान स्थितियों के तहत चातुर्मास स्थान परिवर्तन किया जा सकता है।

By: Binod Pandey

Updated: 18 Apr 2020, 05:13 PM IST

पुणे. वर्धमान स्थानकवासी श्रमण संघ के आचार्य डॉक्टर शिव मुनि ने प्रधानमंत्री द्वारा लॉक डाउन -2 की घोषणा के बाद अपने श्रमण संघ से जुड़े सभी मुनिवृंदो एवं साध्वियों के नाम संदेश जारी कर कहा है कि कोरोना वायरस की महामारी के चलते भारत सरकार ने इस वायरस पर काबू पाने के लिए पुरुषार्थ का काम किया है, तथा एक दूसरे से सोशल डिस्टेंस बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

ऐसे में हमें आगामी 8 महीने "स्वान्त सुखाय" काल में बिताने होंगे। आचार्य ने जैन समाज के उन सभी श्री संघों का भी आभार व्यक्त किया जो वर्तमान में उनके यहां ठहरे मुनिवृंदो एवं साध्वियों की उत्तम सेवा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हम लोग आगामी चातुर्मास 2020 के दौरान सामूहिक धार्मिक कार्यक्रम भी नहीं कर पाएंगे। ऐसे में शेष काल के 8 महीने स्वान्त सुखाय के तहत स्वाध्याय, ध्यान, आदि करते हुऐ विचरण करते हैं ,उसी प्रकार इस चातुर्मास के दौरान भी अपनी व्यक्तिगत साधना, जिसमें ज्ञान, ध्यान, तप, स्वाध्याय करना होगा और उसी प्रकार अपना समय व्यतीत करेंगे।


चतुर्मास स्थल में होगा परिवर्तन
युवाचार्य महेंद्र ऋ षि महाराज ने आचार्य की ओर से भी पत्र लिखकर सभी से कहा कि चातुर्मास के लिए जिन श्री संघ को स्वीकृति दी गई है, उनसे भी सभी मुनिवृंद एवं साध्वियां संपर्क कर अपनी स्थिति से अवगत कराएं ।अगर वे उन स्थानों से बहुत दूर हैं तो वर्तमान स्थितियों के तहत चातुर्मास स्थान परिवर्तन किया जा सकता है। साथ ही कहा गया है कि वर्तमान में जहां ठहरे हुए हैं वहां भी अनुकूल स्थिति में कल्पनातीत रुका जा सकता है।


जैन कॉन्फ्रेंस से करें संपर्क
युवाचार्य ने सभी मुनिवृंद एवं साध्वियों से आग्रह किया है कि वर्तमान में वे जहां भी हैं उस स्थिति की जानकारी तथा जहां उनका चातुर्मास होना तय हुआ है। उसकी संपूर्ण जानकारी तथा अगर कोई निर्धारित चातुर्मास स्थल से बहुत दूर हैं तो उसकी स्थिति से जैन कॉन्फ्रेंस केंद्रीय कार्यालय को अवगत करावे। ताकि उनकी स्थिति के अनुकूल चतुर्मास स्थल पुन: निर्धारित किया जा सके। उसके लिए युवाचार्य ने एक फॉर्म जारी किया है जिसमें सभी मुनिवृंद एवं साध्वीया अपनी वर्तमान स्थिति, साथ में रह रहे सेवादारों एवं श्री संघ की जानकारी देंगे।

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