कोरोना का झटका: दो चरणों में मिलेगा मार्च का वेतन, अफसरों-कर्मचारियों को मिलेगी आधी पगार

कोरोना के खिलाफ लड़ाई के बीच राजस्व वसूली (Revenue collection) में कमी को देखते हुए महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार मार्च महीने की पगार का भुगतान दो चरणों में करेगी। हालांकि वित्त मंत्री अजीत पवार (Ajit Pawar) ने स्पष्ट किया है कि यह वेतन कटौती नहीं है। रोके गए वेतन का भुगतान बाद में किया जाएगा, लेकिन इसकी तिथि अभी तय नहीं की गई है।

 

By: Basant Mourya

Updated: 31 Mar 2020, 10:38 PM IST

मुंबई. कोरोना वायरस (Covid-19) की रोकथाम के लिए घोषित लॉक डाउन का असर महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। राहत उपायों के लिए पैसे उपलब्ध कराने के लिए सरकारी खर्च में कटौती का रास्ता चुना जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने मार्च महीने का वेतन दो हिस्सों में देने का फैसला किया है। पहले चरण में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों और विधायकों, मनपा नगरसेवकों, पार्षदों के साथ आईएएस और आईपीएस अफसरों को 40 प्रतिशत वेतन मिलेगा। ए और बी ग्रेड के अधिकारियों-कर्मचारियों को आधी (50 प्रतिशत) पगार मिलेगी। सी ग्रेड के कर्मचारियों को 25 प्रतिशत कम वेतन मिलेगा। डी ग्रेड यानी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पूरी पगार मिलेगी।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thakeray) के साथ विचार-विमर्श के बाद वित्त मंत्री की कुर्सी संभाल रहे उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार ने मंगलवार को यह घोषणा की। पवार ने स्पष्ट किया कि यह वेतन कटौती नहीं है। बकाया वेतन जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को दूसरे चरण में मिलेगा। अभी यह तय नहीं है कि बकाया वेतन का भुगतान कब होगा। इससे पहले वित्त मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।

केंद्र सरकार से 25 हजार करोड़ पैकेज मांगा
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए घोषित लॉक डाउन से बने विषम हालात से उबरने के लिए महाराष्ट्र ने केंद्र सरकार से 25 हजार करोड़ रुपए के पैकेज की मांग की है। पवार ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री को इस बारे में पत्र लिखा है। केंद्र सरकार की तरफ से महाराष्ट्र को मिलने वाले 16,654 करोड़ रुपए को रिलीज करने की मांग भी पवार ने की है।

रोजाना 10 लाख लीटर दूध खरीदेगी
कोरोना के कारण दूध की मांग घट गई है। परेशान पशु पालकों से सरकार अगले दो महीने तक 25 रुपए लीटर के हिसाब से रोजाना 10 लाख लीटर दूध खरीदेगी। सरकार के इस कदम से पशुपालकों को राहत मिलेगी।

निर्णायक मोड़ पर कोराना के खिलाफ लड़ाई
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए घर में रहें। कोल्ड्रिंक और ठंडा पानी न पीएं। घर की खिड़की खुली रखें और एसी का इस्तेमाल न करें। कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या पर उन्होंने चिंता जताई। साथ ही भरोसा जताया कि जनता के सहयोग से हम कोरोना को हराने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजदूरों को पलायन करने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार की ओर से 2.25 लाख मजदूरों के खाने-रहने की व्यवस्था की गई है।

Basant Mourya
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