Maharashtra : प्राकृतिक आपदा: परमाणु संयंत्र सहित केमिकल कारखानों की बढ़ाई गई सुरक्षा

  • कोरोना संकट ( Corona ) से जूझ रहे महाराष्ट्र पर निसर्ग तूफान ( Nisarg Toofan ) का खतरा
  • मंगलवार से मुंबई सहित आसपास के क्षेत्रों में हो रही बारिश ( Rain )
  • पालघर तट ( Palghar Sea beach ) से बुधवार को टकराएगा चक्रवात (Chakrawat )

By: Binod Pandey

Published: 03 Jun 2020, 09:37 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मुंबई. कोरोना संकट से जूझ रहे महाराष्ट्र पर समुद्री तूफान निसर्ग का खतरा मंडरा रहा है। अरब सागर में उत्तर की ओर बढ़ रहे चक्रवात के चलते देश की आर्थिक राजधानी मुंबई, पालघर, ठाणे, रायगड सहित समूचे कोंकण क्षेत्र में तेज हवा के साथ बुधवार को भारी बारिश की संभावना है। निसर्ग के असर से गोवा में पहले से झमाझ बारिश हो रही है। महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों के साथ गुजरात के सूरत, वलसाड आदि जिलों में यह तूफान तबाही ला सकता है। मौसम वैज्ञानिकों को अनुमान है कि बुधवार को यह तूफान महाराष्ट्र के पालघर तट से टकराएगा। इस दौरान तटीय क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 110 से 120 किमी प्रति घंटे रह सकती है। तूफान के खतरे को देखते हुए रायगड और पालघर स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र और केमिकल कारखानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुंबई, पालघर, रायगड सहित कोंकण के तटीय क्षेत्रों में एनडीआरएफ की 16 कंपनियां तैनात की गई हैं। तूफान के खतरे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से फोन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री ने दोनों राÓय सरकारों को केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया है। नौसेना और कोस्टगार्ड के जवान समुद्र में तैनात हैं। एयरफोर्स और सेना भी प्रभावितों की मदद के लिए तैयार हैं।

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Maharashtra : प्राकृतिक आपदा: परमाणु संयंत्र सहित केमिकल कारखानों की बढ़ाई गई सुरक्षा

मौसम विभाग के अनुसार निसर्ग अरब सागर में मुंबई से ३00 किमी दूर है। यह 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव में मुंबई और आसपास के परिसरों में मंगलवार को भी बारिश हुई। दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। उमस के बीच हवा का झोंका भी चला। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का सिलसिला बुधवार शाम तक जारी रहेगा। इस दौरान समुद्र अशांत रहेगा। अरब सागर में दो से तीन मीटर ऊंची ऊंची लहरें उठेंगी। इसे देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

महामुंबई में तेज बारिश
मंगलवार को महामुंबई के आसमान में दिन भर बादलों का डेरा रहा। दोपहर तक बूंदा-बांदी के बाद शाम से मुंबई, नवी मुंबई सहित आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। खबर लिखे जाने तक बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के चलते उमस से राहत मिली। कोरोना की पीड़ा सह रहे लोग यही प्रार्थना कर रहे है कि यह प्राकृतिक आपदा टल जाए।

समुद्र किनारे न जाएं, कफ्र्यू लागू
तूफान को देखते हुए मुंबई में जमावबंदी रोकने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। सार्वजनिक स्थलों, समुद्र किनारे, पार्क आदि जगहों पर जाने की मनाही की गई है। जो भी लोग कफ्र्यू का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

मुंबई में जलजमाव का खतरा
स्काइमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा कि निसर्ग जैसे-जैसे तट के पास पहुंचेगा, उसकी स्पीड़ बढ़ती जाएगी। बुधवार को मुंबई, ठाणे, नवी-मुंबई, पनवेल, कल्याण-डोंबिवली, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, उल्हासनगर, बदलापुर, अंबरनाथ सहित राज्य के कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि ज्यादा बारिश हुई तो मुंबई के निचले इलाकों में जल जमाव की समस्या भी हो सकती है।

Maharashtra : प्राकृतिक आपदा: परमाणु संयंत्र सहित केमिकल कारखानों की बढ़ाई गई सुरक्षा

घरों में रहने की अपील
मुंबई, ठाणे, मीरा भायंदर, नवी मुंबई, भिवंडी आदि के मनपा आयुक्तों ने लोगों से अपील की है कि तूफान से होने वाली असुविधा से बचने के लिए आज घरों में ही रहें। महामुंबई में शामिल सभी मनपा क्षेत्रों में जरूरी तैयारियां की गई हैं। बीएमसी आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने सभी 24 वार्ड अधिकारियों को सतर्क रहने का आदेश दिया है।

पालघर में हाई अलर्ट
माना जा रहा कि निसर्ग पालघर के आसपास तट से टकराएगा। जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पालघर और डहाणू में एनडीआरएफ की 2 टीमें तैनात की गई हैं। जिला अधिकारी डॉ. कैलाश शिंदे ने बताया कि निसर्ग के चलते अर्नाला, सातपाटी, केलवे, दांडी, नवापुर जैसे तटीय क्षेत्रों में बसे गांवों के लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए हैं। मछली पकडऩे समुद्र में गए 6 हजार मछुआरे वापस बुलाए गए हैं।

कारखाने-दुकानें बंद
तूफान की संभावना को देखते हुए वसई, पालघर, डहाणू के तटीय क्षेत्रों में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। नुकसान से बचने के लिए प्रशासन ने दुकानें-कारखाने बंद रखने का आदेश दिया है।

परमाणु संयंत्र की सुरक्षा
तूफान के मद्देनजर तटीय पालघर और रायगड जिलों में स्थित केमिकल और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की 15 टीमें राज्य के तटीय जिलों में तैनात की गई हैं। मुंबई में एनडीआरएफ की ३, रायगड में 4, पालघर, ठाणे व रत्नागिरी में 2-2 और सिंधुदुर्ग व नवी मुंबई में 1-1 टीम तैनात है।

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