Maharashtra News Live : शुगर मिलों में इस बार क्यों हो गई चीनी कम, क्या होगा असर

कहीं ज्यादा तो कहीं कम हुई बारिश ( Rain ) ने गन्ना उत्पादन ( suger cane production ) को प्रभावित किया है। इस साल 40 प्रतिशत गन्ना उत्पादन में कमी आना भी निश्चित है और यही कारण है कि इस बार एक सितंबर तक शुगर मिलों ( Suger Cane Factory ) में गन्ना पेराई का कार्य शुरू होने की संभावना बनी है। वैसे व्यापारियों के पास शक्कर का स्टॉक ( Suger Stock ) भी भरपूर है, जिसके चलते भाव भी स्थिर है।

Binod Pandey

November, 1502:26 PM

पुणे. गन्ना पिराई का मुहूर्त प्रतिवर्ष दशहरे के साथ शुरू हो जाता है। लेकिन इस वर्ष लगातार रुक-रुक कर हुई भारी बारिश के चलते गन्ना की कटाई के लिए प्रतिकूल समय बना हुआ है। गन्ना पका हुआ तैयार है, लेकिन खेतों में अब भी पानी भरा है, इस वजह से उसकी कटाई नहीं हो पा रही है, साथ ही लगातार बारिश की वजह से गन्ना भी सडऩे लगा है, इस वजह से उत्पादन भी प्रभावित होगा।

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गत वर्ष क्षेत्र में 200 के करीब कारखानों में गन्ना की पिराई हुई थी व शक्कर का 120 लाख टन रिकॉर्ड उत्पादन हुआ था। इस वर्ष जानकारों की माने तो सिर्फ सात लाख टन शक्कर के उत्पादन की ही संभावना बन रही है। इस साल ऐसी स्थिति है कि कुछ शुगर मिले तो शुरू भी नहीं हो पाएंगी जबकि पिछले वर्ष 12 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ना की रोपाई हुई थी इस साल गन्ना का छेत्र सिमट कर सिर्फ आठ लाख हेक्टर ही रह गया। इस वजह से कम क्षेत्र में ही रोपाई हो पाई, यही कारण है कि इस बार कम उत्पादन और लगातार हुई बारिश से नुकसान को देखते हुए शक्कर उद्योग के संकट में पडऩे की आशंका बनी हुई है।

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शक्कर की तुलना में गुड़ का भाव तेज
दिवाली के बाद ग्राहकों की संख्या बहुत कम हो जाती है साथ ही गुड़ के कारखाने शुरू हो जाने के कारण गुड़ की आवक ज्यादा बढ़ जाती है। दिवाली के दौरान गुड़ के भाव ज्यादा रहते हैं और बाद में कम हो जाते हैं। लेकिन इस वर्ष दिवाली से पहले गुड़ के भाव में तेजी आई। होलसेल बाजार में गुड़ का भाव 30 से 38 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 40 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया। फिलहाल शक्कर की तुलना में गुड़ का भाव ज्यादा है। अभी गुड़ की मांग बहुत कम हो गई है, लेकिन संक्रांति तक मांगों में वृद्धि हो सकती है। दूसरी तरफ बारिश जारी होने की वजह से गुड़ का उत्पादन अब तक शुरू नहीं किया जा सका। बारिश के चलते गन्ना की कटाई संभव नहीं है, इस वजह से बारिश के पूरी तरह रुकने तक गुड़ का उत्पादन भी नहीं हो सकता। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बारिश जारी होने की वजह से गन्ने की कटाई संभव नहीं है। गन्ने की कटाई के अनुकूल स्थिति तैयार होने के लिए अभी कम से कम एक महीने का समय लगेगा। इस साल सिर्फ 150 कारखानों ने हीं गन्ने की पिराई के लिए अनुमति मांगी गई है, तकनीकी शर्तो को पूर्ण करने वाले करीब 80 कारखानों को हम ऑनलाइन परमिशन प्रशासन ने दिया है।

घटेगा शक्कर का उत्पादन
कारखाने शुरू होने के बाद 70 से 80 दिनों तक चलेंगे ऐसा अनुमान है, इस साल गन्ना के क्षेत्र में कमी के चलते शक्कर का उत्पादन औसत की तुलना में आधे से भी कम होने की आशंका है। हालांकि राज्य में फिलहाल शक्कर का 70 लाख टन का बंपर स्टॉक है"
शेखर गायकवाड, राज्य शुगर कमिश्नर

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Binod Pandey
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