Mumbai News : सब्जियां बेच कर 4 महीने में कमाए पौने 3 करोड़, बिचौलियों को रखा दूर

सराहनीय : कोरोना काल में गांव के किसानों का सहारा बना युवक, सब्जियों की मांग बढऩे लगी तब मनीष ने 11 किसानों का समूह बनाया। इसके बाद उनके साथ एक-एक कर जुड़ते गए। 480 किसानों का यह समूह अब कंपनी में तब्दील हो गया है। इस कंपनी की ओर से अब तक सब्जियों के 80 हजार ऑर्डर की डिलीवरी की गई।

By: Binod Pandey

Published: 20 Jul 2020, 03:22 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
पुणे. कोरोना की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन से किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। संकट के दौर में ओटूर गांव के एक पढ़े-लिखे युवक ने सराहनीय काम किया है। उपभोक्ताओं को घर बैठे उनकी पसंद की ताजी सब्जियां मुहैया करा कर इस युवक ने गांव के किसानों के लिए आय का जरिया खोल दिया। मेहनत बेकार नहीं गई। चार महीने में सब्जियां बेच कर मनीष नामक युवक ने पौने तीन करोड़ रुपए की कमाई की है।
पढ़ा-लिखा मनीष एक बड़े वाट्सऐप ग्रुप का सदस्य है। आधुनिक संचार तकनीक का इस्तेमाल करते हुए वह ऑनलाइन सब्जियों का ऑर्डर लेने लगा। मनीष का उत्साह तब और बढ़ गया, जब दिन-ब-दिन सब्जियों की मांग बढऩे लगी। ऑर्डर इतने आने लगे कि मनीष आसपास गांवों के किसानों से भी सब्जियां खरीदने लगे। किसानों से खरीदी सब्जियां वे शहरों में बिक्री के लिए भेजने लगे।

60 बॉक्स का पहला ऑर्डर
मनीष ने बताया कि उन्हें एक दिन मुंबई से उनके एक रिश्तेदार का फोन आया। रिश्तेदार ने सब्जियां नहीं मिलने की बात बताई। एग्रीकल्चर में पोस्ट ग्रेजुएट मनीष ने अवसर को भुनाने का फैसला किया। मनीष ने कहा कि मैं आपको अपने खेत की सब्जी भेजता हूं। इसके बाद रिश्तेदार ने बिल्डिंग में रहने वाले पड़ोसियों से बात की। मनीष ने बताया कि उन्होंने 9 अप्रेल को 60 बॉक्स सब्जियों का पहला ऑर्डर भेजा।

80 हजार डिलीवरी
जब सब्जियों की मांग बढऩे लगी तब मनीष ने 11 किसानों का समूह बनाया। इसके बाद उनके साथ एक-एक कर जुड़ते गए। 480 किसानों का यह समूह अब कंपनी में तब्दील हो गया है। इस कंपनी की ओर से अब तक सब्जियों के 80 हजार ऑर्डर की डिलीवरी की गई है।

Show More
Binod Pandey
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned