Mumbai News : ग्राम पंचायतों में सरकारी कर्मचारियों को प्राथमिकता देने का आदेश

  • बाम्बे हाईकोर्ट का निर्देश
  • सरकारी अमले को ही प्राथमिकता दी जाए
  • निजी लोगों की विस्तृत जानकारी पेश करें

By: Binod Pandey

Published: 24 Jul 2020, 04:33 PM IST

मुंबई. बॉम्बे हाईकोर्ट ने ग्रामपंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर राज्य सरका को निर्देश दिए है कि ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के पद पर सरकारी कर्मचारियों या अधिकारियों की नियुक्ति को ही प्राथमिकता दी जाए। निजी व्यक्तियों की प्रशासक के तौर पर नियुक्ति को गैर वाजिब बताते हुए कोर्ट ने कहा कि यदि सरकार किसी निजी व्यक्ति की नियुक्त करना चाहती है तो उसकी विस्तृत जानकारी देनी होगी।

याचिकाएं दायर

मुम्बई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति नीतिन जामदार व न्यायमूर्ति अभय आहूजा की खंडपीठ ने ग्रामपंचायतो में प्रशासकों की नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई के बाद ये निर्देश दिए।

कारण बताओ

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार निजी व्यक्तियों को उक्त पद पर बिना कारण नियुक्ति नहीं कर सकती । हाईकोर्ट ने सरकार के इस अध्यादेश पर सीधे रोक लागाने की मांग पर कोई आदेश नही दिया।

चुनाव नहीं

बतादें राज्य सरकार ने कोरोना काल के चलते दिसंबर 2020 तक की कार्यकाल वाली 12 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों के चुनाव नहीं कराने का निर्णय किया है। सरकार ने ग्राम पंचायत अधिनियम में संशोधन कर ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने का 14 जुलाई 2020 को अध्यादेश निकाला । लेकिन परिपत्र में लिखा कि प्रशासक नियुक्ति स्थानीय पालक मंत्रियों के सुझाव पर ही की जाएगी। इसमें निजी लोगों की नियुक्ति को भी अनुमति है। जिसे कोर्ट में चुनौती दी गई है।

मनमानी की

याचिका में प्रशासक की नियुक्ति को मनमानी बताया गया और कहा कि यह लोकतांत्रिक सिद्धान्तों के खिलाफ है। अन्य के अलावा रायगढ़ जिले के दो सरपंचों ने भी इस संबंध में याचिका दायर की थी।

विपक्ष का विरोध

विपक्ष ने सरकार के निर्णय का विरोध किया और आरोप लगाया है कि सरकार अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रसासक नियुक्त करना चाहती है। वरिष्ठ सामाजिक सेवक अन्ना हजारे ने भी प्रशासक पद पर निजी व्यक्ति के नियुक्ति पर विरोध किया । इतना नही उन्होने आंदोलन की चेतावनी भी दी।

Binod Pandey
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned