Mumbai news : किस तरह श्रेय की होड़ मची हैं मीरा भायंदर के मेयर व पूर्व मेयर में

Mumbai news : किस तरह श्रेय की होड़ मची हैं मीरा भायंदर के मेयर व पूर्व मेयर में

Binod Pandey | Updated: 20 Jul 2019, 04:49:19 PM (IST) Mumbai, Mumbai, Maharashtra, India

  • -मकान के श्रेय में पूर्व व वर्तमान महापौर में मची होड़
  • -मांग पूर्व ने की, मौजूदा महापौर को चाबी देने का मिला मौका
  • -126 लोगों को मिली ट्रांजिट कैंप में बने घरों की चाबी

राकेश विश्वकर्मा
मीरा भायंदर. भायंदर पूर्व के बंदरबाड़ी के झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोगों को महापौर डिंपल मेहता ने ट्रांजिट कैंप में बने घरों की चाबियां दी। इस मौके पर विधायक नरेन्द्र मेहता और मनपा आयुक्त बाजाजी खतगांवकर मौजूद रहे। दूसरी ओर पूर्व मनपा प्रशासन ने भी कुछ विस्थापित को को कुछ दिन पूर्व घरों की चाबियां सुपूर्द की थी, शुक्रवार को पूर्व महापौर गीता जैन विस्थापितों के बीच पहुंच गई और लोगों ने उनका जमकर स्वागत किया। एक ही पार्टी के दो नेताओं के बीच श्रेय लेने की होड़ मचते देख क्षेत्र की राजनीति में तरह-तरह की चर्चा शुरू हो चुकी है। इससे पहले गीता जैन ने विधायक का चुनाव लडऩे की घोषणा की थी, जिसके बाद मौजूद विधायक के खेमे में खलबली मची हुई है।


विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ मीरा भायंदर का सियासी पारा गरमाते जा रहा है। भायंदर पूर्व स्थित बंदरवाडी में बनी झोपड़पट्टियों को सन 2000 में तोड़ दिया गया था। तभी से निवासी मनपा प्रशासन और रेलवे से घरों की मांग कर रहे थे। सन 1980 में बंदरवाडी झोपड़पट्टी अस्तित्व में आई थी, जो रेलवे की जमीन पर बनी थी। पश्चिम रेलवे ने इन सभी झोपडिय़ों को तोड़ कर अपनी जमीन अपने कब्जे में ले ली थी। तब से 113 परिवार बेघर हो गए थे।


अस्थाई तौर पर मिला पुनर्वसन
मनपा कार्यालय में शुक्रवार को मनपा महापौर डिंपल मेहता, मनपा आयुक्त बालाजी खतगांवकर और विधायक नरेंद्र मेहता की उपहस्थिति में बंदरवाडी के 113 विस्थापितों को लंबे इंतजार के बाद ट्रांजिट कैंप में बने घरो की चाभियां दी गई। सभी को मनपा रेंटल हाऊसिंग स्किम के तहत घर उपलब्ध कराए गए है। हालांकि मनपा प्रशासन ने इसके पहले कुछ लोगों को ट्रांजिट कैंप में बने घरों की चाभियां दी थी और इन्हीं विस्थापितों के बीच पूर्व महापौर गीता जैन पहुंच गई थी जिनका स्वागत किया गया। यही से दोनों के बीच श्रेय लेने की होड़ मचनी शुरू हो गई। पूर्व महापौर गीता जैन के अनुसार जब वे महापौर थी तब इन सभी विस्थापितों ने उनसे मुलाकात की थी और उन्हें पत्र देकर घरों की मांग की थी। जैन के अनुसार उन्होंने इस मामले में रेलवे अधिकारियों से मीटिंग की थी और उस मीटिंग में विस्थापित लोग भी थे। महापौर डिंपल मेहता बताया कि सभी लोगों को अस्थाई तौर पर ही अभी घर दिए गए है। हालांकि मनपा आयुक्त से मांग की है कि जिन लोगों को घरों की चाबियां दी गई है, उनको वे घर हमेशा के लिए दे दिए जाए।

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