Mumbai news सुविधा: भायखला से मांडवा का सफर अब 40 मिनट में, एक मार्च से शुरू होगी रो-रो सेवा

आर्थिक राजधानी मुंबई और रायगड के मांडवा के बीच मार्च के पहले सप्ताह से रो-रो सेवा शुरू होगी। रो-रो फेरी सेवा के जरिए मुंबईकर 40 मिनट में भायखला के भाऊ चा धक्का से मांडवा पहुंच सकेंगे। सड़क मार्ग से यह दूरी नापने में फिलहाल साढ़े तीन से चार घंटे लगते हैं। मुंबईकरों को जलमार्ग का यह तोहफा महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड ने दिया है। महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड ने रो-रो सेवा का ठेका एस्क्वायर शिपिंग एंड ट्रेडिंग कंपनी को दिया है। रो-रो सेवा के लिए कंपनी की लाल रंग की बोट मुंबई पहुंच चुकी है, जिसका ट्रायल सो


मुंबई. आर्थिक राजधानी मुंबई और रायगड के मांडवा के बीच मार्च के पहले सप्ताह से रो-रो सेवा शुरू होगी। रो-रो फेरी सेवा के जरिए मुंबईकर 40 मिनट में भायखला के भाऊ चा धक्का से मांडवा पहुंच सकेंगे। सड़क मार्ग से यह दूरी नापने में फिलहाल साढ़े तीन से चार घंटे लगते हैं। मुंबईकरों को जलमार्ग का यह तोहफा महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड ने दिया है। महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड ने रो-रो सेवा का ठेका एस्क्वायर शिपिंग एंड ट्रेडिंग कंपनी को दिया है। रो-रो सेवा के लिए कंपनी की लाल रंग की बोट मुंबई पहुंच चुकी है, जिसका ट्रायल सोमवार से होगा।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार जल परिवहन को प्रोत्साहन दे रही है। इसी कड़ी में मुंबई-मांडवा के बीच रो-रो सेवा की रूपरेखा तीन साल पहले तैयार की गई थी। इसमें नवी मुंबई से मांडवा के अलावा नेरुल के त्रिकोण में रो-रो सेवा (यात्री और वाहन यातायात) शुरू करने की योजना भी शामिल है। नेरुल के लिए रो-रो सेवा 2022 से शुरू हो सकती है।

500 यात्री और 180 चौपहिया वाहन
एस्क्वायर शिपिंग जिस बोट का इस्तेमाल रो-रो सेवा के लिए करेगी, वह ग्रीस में बनाई गई है। बोट अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं और सुरक्षा उपायों से लैस है। ग्रीस से यह बोट 18 दिनों में मुंबई पहुंची। 500 यात्रियों के साथ 180 चौपहिया वाहनों को यह बोट ले जा सकती है।

235 रुपए किराया
समुद्री मार्ग से मुंबई से मांडवा की दूरी 25 नॉटिकल मील है। रो-रो सेवा के लिए प्रति व्यक्ति किराया 235 रुपए है। जो लोग अलीबाग जाते हैं, उनके लिए भी रो-रो सेवा बेहतर विकल्प है। मांडवा से अलीबाग आसानी से पहुंच सकते हैं। रो-रो फेरी सेवा का उद्धाटन 29 फरवरी को होगा।

क्या है रो-रो सेवा
रोल ऑन-रोल ऑफ को संक्षेप में रो-रो सेवा कहा जाता है। गुजरात में भावनगर और भड़ुच के बीच रो-रो सेवा चल रही है। रो-रो फेरी सेवा के लिए जलयान इस तरह बनाए जाते हैं ताकि इसमें यात्री तो सफर कर ही सकें, वाहन-सामान आदि भी लाए-लेजाए जा सकें।

Arun lal Yadav Reporting
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