Maha School News: अवैध स्कूलों का मकड़जाल बन रहा पालघर, अब तक सिर्फ 9 स्कूलों पर कार्रवाई

190 अनाधिकृत स्कूलों ( Unauthorized Schools ) में से अब तक 9 स्कूलों पर कार्रवाई ( Action ), पालघर ( Palghar ) में अभी भी चल रहे 154 अवैध स्कूल, 27 स्कूलों को प्रतिष्ठान बंद करने की नोटिस, 'पत्रिका' ( Patrika ) ने 3 दिसंबर प्रकाशित की थी खबर

By: Rohit Tiwari

Updated: 18 Feb 2020, 10:16 AM IST

- रोहित के. तिवारी / धर्मेंद्र निगम

मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी के सटे पालघर जिला शिक्षा विभाग की ओर से 2019 को घोषित किये गए 190 अनाधिकृत स्कूलों में से अब तक केवल नौ स्कूलों और एक संस्थान पर ही कार्रवाई की गई। इसके अलावा 27 स्कूलों को नोटिस भेजी गई और उन्हें अपने प्रतिष्ठान बंद करने की हिदायत दी गई। हालांकि शेष 154 अनाधिकृत स्कूल अभी भी चल रहे हैं और उन पर अभी तक किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि जिला परिषद ने अनाधिकृत स्कूलों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। बता दें कि 'पत्रिका' ने पालघर में चल रहे अनाधिकृत स्कूलों की खबर 3 दिसंबर 2019 तारीख को प्रकाशित की थी।

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प्रति दिन दस हजार रुपए जुर्माने का आदेश

पालघर जिला परिषद ने 22 मई 2019 को जिले के 190 अनाधिकृत स्कूलों की घोषणा की, जिनमें वसई तालुका में 151, पालघर में 17, वाडय़ा में 11, विक्रमगढ़ में पांच, दहाणू में तीन, तलासरी में दो और जव्हार में एक स्कूल का समावेश है। अनाधिकृत स्कूलों के खिलाफ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जबकि जुर्माने को समय से न भरने वाले स्कूलों के प्रशासन को जुर्माना अवधि समाप्त होने के बाद प्रति दिन दस हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना देने का आदेश दिया गया। साथ ही शिक्षा कर्मचारियों को यह निर्देश दिए गए थे कि वे ऐसे स्कूलों के बाहर सूची चस्पा करें, ताकि अभिभावकों को अपने बच्चों को बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों में न भेजना पड़े।

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नहीं मिल रही पुलिस सुरक्षा, कार्रवाई लंबित

वहीं अनाधिकृत प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों का विरोध किया गया, जबकि कुछ मामलों में सरकारी अधिकारियों के साथ बहस करने का भी प्रयास किया गया था। इस सिलसिले में वसई तालुका के कुछ विस्तार अधिकारियों ने पुलिस स्टेशन में भी मामले दर्ज कराए। इस घटना के बाद से विस्तार अधिकारियों ने अनाधिकृत स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस सुरक्षा की मांग की, जबकि विशेष सहयोग के अभाव में अनाधिकृत स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई अभी भी लंबित है।

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पुलिस सुरक्षा में करे सहभाग

जिला परिषद के 27 संस्थाओं को स्कूलों बंद करने की नोटिस भेजी गई है,जबकि 154 स्कूलों पर कार्रवाई करने की सूचना जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेंद्र वारभुवन ने अभी हाल ही में हुई एक बैठक में दी। जबकि उन्होंने अनाधिकृत स्कूलों पर कार्रवाई के समय जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस से भी सहभाग करने के लिए कहा है।

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लगातार जिले में बढ़ते अवैध स्कूल

पिछले तीन सालों में पालघर जिले में अवैध स्कूलों की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ रही है। बिना अनुमति की हर गली चौराहे में स्कूल खोले गए हैं। वही अवैध स्कूल प्रबंधन छात्रों के अविभावकों से मनमानी फ़ीस लूट रहे है। शिक्षण विभाग ने इस वर्ष 190 स्कूलों को अवैध घोषित किया है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए कोई सार्वजनिक सूचना जाहिर नही किया हैं। जारी सूचना केवल विभाग के दस्तावेजों में दर्ज है। इसे शिक्षा विभाग की लापरवाही कहें या शिक्षा माफियाओं से मिलीभगत कहें, क्योंकि विभाग से जारी अवैध स्कूलों की अधिसूचना सामान्य तौर पर अभिवावकों तक नही पहुचता। नतीजतन प्राथमिक शिक्षा और हायर सेकेंडरी शिक्षा का भविष्य अंधकार की तरफ बढ़ता जा रहा हैं।

 

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नियम कानून ताख पर

देश में कई शिक्षा संस्थानों में हुए हादसों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कई दिशानिर्देश जारी किया है। जिसमें वाहन, फीस , स्वास्थ्य, बिल्डिंग, सुरक्षा जैसी कई अहम विषयों पर दिया गया। लेकिन अधिकांश शिक्षा संस्थानों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अहवेलना कर नियम कानून ताख पर रख दिया हैं। नतीजतन स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों की यातायात सुविधा में लगे वाहनों में न तो अग्निशमन यंत्र हैं, और न ही प्राथमिक उपचार की व्यवस्था। वही ज्यादातर वाहनों के फिटनेस और इंश्योरेंस भी एक्सपायर है। अधिकांश वाहनों की फिटनेस वैधता खत्म होने के बाद भी संचालित है। निजी वाहन क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को भरकर ले जा रहा हैं। वाहन फीस के नाम पर स्कूल संचालक अभिभावक से मोटी रकम वसूल रहे है। वही अच्छी शिक्षा की चाह में अभिवावकों को मजबूरन स्कूल प्रबंधन की मनमानी सहना पड़ रहा हैं। जबकि जिले में कई बड़े हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके अधिकारी कोई सबक नहीं ले रहे।

 

अवैध वाहनों पर स्कूलों की यातायात सुविधा

जिले भर में स्कूलों के लिए करीब 92 वाहन पंजीकृत किये गये हैं। जबकि मौजूदा समय में बिना पंजीकरण के करीब 400 वाहन स्कूलों में छात्रों को यातयात की सुविधा दे रहे हैं। वही ग्रामीण क्षेत्र और कस्बों में संचालित स्कूलो में मौजूद वाहनों का संभागीय विभाग में पंजीकृत ही नहीं कराया है। कारण है अवैध स्कूलों के पास नियमानुसार वाहनों का पंजीकरण प्राप्त करने के लिए वैध दस्तावेज नही होते हैं। जिसके कारण संस्थानों ने अवैध स्कूलों के साथ अवैध वाहनों से यातायात सुविधा देते हैं। वर्ष 2019 में विरार उप प्रादेशिक संभागीय विभाग ने स्कूल के करीब 148 वाहनों को दस्तावेजों में गड़बड़ी और नियमों में उल्लंघन का दोषी पाया था।

 

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अवैध जमीनों पर अवैध स्कूल

वसई तालुका में आदिवासी और फारेस्ट की जमीनों पर कई स्कूल संचालित हो रहे हैं। जिनको जिला शिक्षा विभाग से किन्हीं परिस्थितियों में मान्यता मिलना मुश्किल हैं। तो कई स्कूलों के पास पर्याप्त मात्रा जगह की व्यवस्था नही हैं। इस तरह के सभी स्कूलों को शिक्षा विभाग ने अवैध घोषित किया हैं। बावजूद इसके ये स्कूल धड़ल्ले से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए संचालित हैं। जिसमें ज्ञानदिप मर्ल्टीपर्पज कळंब, तुंगारेश्वर एकेडमी हाई स्कूल पेल्हार, के आर स्कूल कळंब, जिजामाता स्कूल पेल्हार, अथर्व ॲकेडमी पेल्हार, शिवाजी विद्यामंदिर पेल्हार, डिवाईन ब्लेसिंग स्कूल इ पेल्हार, श्री शारदा विद्यामंदिर पेल्हार, श्री शारदा विद्यामंदिर पेल्हार, सेंट जेनियस किडस पेल्हार, पोल स्टार इंग्लिश पेल्हार, लायन्स आदर्श स्कूल पेल्हार, आर एम पाल स्कूल पेल्हार, सेंट जेम्स स्कूल पेल्हार, एन एन स्कूल पेल्हार, जैसे सैकड़ों स्कूल शिक्षा विभाग की लापरवाही से संचालित हो रहे हैं।

हमें अधिक जानकारी नही हैं, क्या कार्यवाई किया गया इसके लिए फाइलों को देखना पड़ेगा, अभी हम मीटिंग में है। बाद में बात करता हूं। अभी आप को कोई जानकारी नही दे सकता । सभी अवैध स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। कार्यवाई की मुझे कोई जानकारी नही हैं।
- जे जे खोत, जिला शिक्षा अधिकारी


अवैध स्कूलों की मनमानी से अभिवावक बहुत परेशान हो रहे हैं। प्रबंधन अभिवावकों को स्कूल से किताबें, ड्रेस और फीस बढ़ोत्तरी के लिए मजबूर किया जाता हैं। राज्य सरकार को निजी स्कूलों के लिए अभिवावकों के पक्ष में नियम बनाना चाहिए। निजी शिक्षण संस्थान अभिवावकों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।
- राजू विश्वकर्मा, अभिवावक

 

जल्द होगी आगे की कार्रवाई...
बाद में 14 अगस्त 2019 को जिला प्रशासन ने अनाधिकृत स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का भी आदेश दिया था। इस ओर 7 दिसंबर 2019 को जिले के सभी शिक्षण अधिकारियों को अनाधिकृत स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सूचित किया गया। हालांकि बाकी के स्कूलों पर भी जल्द से जल्द आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- महेंद्र वारभुवन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी

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