PATRIKA EXPOSE : पेड़ सुखाने के लिए हरे-भरे पेड़ों की जड़ में भरा गया जहरीला रसायन

PATRIKA EXPOSE : पेड़ सुखाने के लिए हरे-भरे पेड़ों की जड़ में भरा गया जहरीला रसायन
पेड़ सुखाने के लिए हरे-भरे पेड़ों की जड़ में भरा गया जहरीला रसायन

Rohit Kumar Tiwari | Publish: Sep, 01 2019 01:55:26 PM (IST) | Updated: Sep, 01 2019 01:56:58 PM (IST) Mumbai, Mumbai, Maharashtra, India

  • स्कूल की बिल्डिंग बनाने के लिए नष्ट किए गए 30 से ज्यादा पेड़
  • न वृक्ष प्राधिकरण और न बीएमसी से ली गई मंजूरी
  • मनमानी: अंधेरी पश्चिमी के चार बंगला का मामला

- रोहित के. तिवारी
मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी में निर्माण कार्य इस कदर सिर चढ़ कर बोल रहा है कि लोग हरे-भरे पेड़-पौधे उजाड़े जा रहे हैं। अंधेरी (पश्चिम) के पॉश इलाके चार बंगला स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल नगर के केपीएस स्कूल की नई बिल्डिंग बनाने के लिए 30 से ज्यादा हरे-भरे पेड़ नष्ट कर दिए गए। आरोप है कि संबंधित स्कूल के संचालकों और ठेकेदार ने वृक्ष प्राधिकरण की अनुमति लिए बिना ही इन पेड़ों को नष्ट कर दिया। जब पेड़ सूख गए तब उन्हें जड़ से काट दिया गया। कानूनन यह बेहद गंभीर अपराध है, जिसमें सजा हो सकती है। हालांकि शिवतेज फाउंडेशन की ओर से बार-बार शिकायत की गई, मगर बीएमसी के कान में जूं तक नहीं रेंगी।

हर जगह की शिकायत, किसी ने नहीं ली सुध
आरोप है कि पेड़ों को सुखाने के लिए ठेकेदार ने पेड़ों की जड़ों में जहरीले रसायन भर दिए। इसके बाद पेड़ सूख गए। शिवतेज फाउंडेशन ने बीएमसी के के-वेस्ट और वृक्ष प्राधिकरण के पास शिकायत भी दर्ज कराई थी। फाउंडेशन ने स्कूल प्रबंधन और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की थी। वर्सोवा पुलिस थाने को भी मामले की जानकारी दी गई थी। कार्रवाई करने के बजाय बीएमसी के अतिरिक्त उद्यान अधीक्षक योगेंद्र सिंह कच्चावा फाउंडेशन के सदस्यों पर ही चिल्लाए कि तुम लोगों ने किसी को पेड़ों को मारते देखा है क्या? इसके बाद एक जांच अधिकारी सतीश करांडे (जेटीओ) को भेजा गया, जिनकी जांच रिपोर्ट में बताया गया कि पेड़ अपने आप सूख गए हैं।

आंदोलन की तैयारी में स्थानीय लोग
स्थानीय लोग सवाल कर रहे हैं स्कूल परिसर में निर्माण शुरू होने के दो महीने के भीतर 10 से 50 साल पुराने हर-भरे पेड़ सूख कैसे सकते हैं? फाउंडेशन ने सरकार से मांग की है कि स्कूल प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने तक परिसर में निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग भी की गई है। सरकार और प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की गई तो स्थानीय लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

...तो होगी कार्रवाई
हमें इस तरह की शिकायत मिली है। अभी तक मैंने मुआयना नहीं किया है। मंगलवार को हम जगह पर जाएंगे और निरीक्षण करेंगे। यदि पर्यावरण के साथ खिलवाड़ किया गया है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
दशरथ खंडू घुले, डिप्टी सुपरिंटेंडेन्ट ऑफ गार्डन, के-वेस्ट

विभाग को करनी चाहिए कार्रवाई...
शिकायत को हमने संबंधित विभाग को सौंप दिया था। इसकी जांच कराई गई थी। पर्यावरण के साथ खिलवाड़ हुआ है तो संबंधित विभाग को अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में हरे-भरे पेड़ न काटे जा सकें।
प्रशांत गायकवाड, वार्ड ऑफिसर, के-वेस्ट

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