महानगर समेत राज्य भर के चिकित्सकों ने जताया विरोध

महानगर समेत राज्य भर के चिकित्सकों ने जताया विरोध

Rohit Kumar Tiwari | Updated: 02 Aug 2019, 12:14:07 PM (IST) Mumbai, Maharashtra, India

  • नेशनल मेडिकल बिल का विरोध
  • दूसरे दिन भी नहीं खुला अस्पतालों की ओपीडी
  • इमर्जेंसी सेवाओं पर असर नहीं

मुंबई. नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के खिलाफ दूसरे दिन भी डॉक्टरों की हड़ताल जारी रही। इस कारण अस्पतालों की ओपीडी सेवा लगातार दूसरी दिन बंद रही। हालांकि इमर्जेंसी सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। मुंबई सहित राज्य भर के डॉक्टर इस बिल का विरोध कर रहे हैं। महानगर में कुछ जगहों पर डॉक्टरों की और विरोध प्रदर्शन भी किए गए। ओपीडी बंद रहने के चलते उपचार के लिए आए मरीजों को स्वाभाविक रूप से परेशान हुई।
डॉक्टरों का कहना है कि नेशनल मेडिकल कमीशन बिल से चिकित्सकीय शिक्षा का स्तर गिरेगा। डॉक्टरी की पढ़ाई महंगी हो जाएगी। साथ ही अयोग्य डॉक्टर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते नजर आएंगे। सरकार मेडिकल काउंसिल की जगह नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल ला रही है। इसके तहत कई बदलाव किए जाएंगे। इस बिल का इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) समेत कई संस्थाएं विरोध कर रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि एनएमसी बिल के तहत होम्योपैथी, आयुर्वेदिक डॉक्टरों समेत फिजियोथेरेपिस्ट और डेंटिस्ट एलोपैथी में प्रैक्टिस कर सकेंगे, जो मरीजों की जिंदगी के साथ सीधे खिलवाड़ है।

 

मरीजों को होगी मुश्किल
यह गरीब और मरीज विरोधी बिल है। इसके प्रावधान के चलते मेडिकल की पढ़ाई कई गुना महंगी हो जाएगी, जबकि मरीजों का इलाज भी ठीक से नहीं हो सकता। जो लोग एलोपैथ के बारे में नहीं जानते, भला वे मरीज का उचित इलाज कैसे कर सकते हैं। इस विधेयक के पारित होने के बाद तीन लाख से अधिक नौसिखुए डॉक्टरों को प्रैक्टिस की छूट मिल जाएगी।
- डॉ. कल्याणी डोंगरे, प्रेसिडेंट, मार्ड

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