पुणे पुलिस ने झारखंड में स्टेन स्वामी के घर ली तलाशी

पुणे पुलिस ने झारखंड में स्टेन स्वामी के घर ली तलाशी
पुणे पुलिस ने झारखंड में स्टेन स्वामी के घर ली तलाशी

Nitin Bhal | Updated: 12 Jun 2019, 05:56:41 PM (IST) Mumbai, Mumbai, Maharashtra, India

भीमा-कोरेगांव मामला : पीएम मोदी की हत्या की साजिश के लिंक की आशंका, जब्त किए इलेक्ट्रॉनिक सामान

मुंबई


पुणे के भीमा-कोरेगांव में पिछले वर्ष हुई हिंसा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश के लिंक रांची से भी मिले हैं। इसी लिंक को सुलझाने और सुबूत इक_ा करने पुणे पुलिस की टीम बुधवार को रांची पहुंची। रांची के नामकुम पुलिस स्टेशन अन्तर्गत एटीसी, बगीचा टोली में फादर स्टेन स्वामी के घर घंटों तक तलाशी अभियान चलाकर इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किया है। इससे पहले पिछले वर्ष अगस्त महीने में भी तलाशी के बाद स्टेन स्वामी के घर से 33 वस्तुएं जब्त की गई थीं। जानकारी अनुसार बुधवार को पुणे पुलिस ने रांची पहुंचने के बाद स्थानीय पुलिस की मदद से फादर स्टेन स्वामी के घर की घेराबंदी कर तलाशी शुरू की। सुबह छह बजे से शुरू तलाशी अभियान में पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किया है। इस सामान पर स्वामी के हस्ताक्षर लेकर जब्त कर लिया गया है। खबर लिखे जाने तक तलाशी अभियान जारी था। बताया जा रहा है कि पुलिस तलाशी के साथ ही स्वामी के बयान भी दर्ज करेगी। इससे पहले अगस्त 2018 में भी जांच के दौरान पुणे के कोरेगांव पुलिस ने स्टेन स्वामी के कमरे से लैपटॉप, मोबाइल, दर्जनों सीडी, कैमरा, टैब समेत कई दस्तावेज जब्त किए थे। पिछले वर्ष हुए कार्रवाई के बाद स्वामी ने बयान देते हुए कहा था की इस कार्रवाई को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं थी, न ही कभी भीमा कोरेगांव गए हैं। उन्होंने आरोप लगाए थे कि पुलिस जांच के नाम पर सिर्फ कार्रवाई करती है। इससे पहले उनके दोस्त एड गाडलिक के घर पर जांच करने के बाद सामान जब्त कर गिरफ्तार कर लिए थे।

माओवाद समर्थक होने का आरोप

पुलिस सूत्रों की मानें तो फादर स्टेन स्वामी पर झारखंड के रांची स्थित खूंटी पुलिस स्टेशन में 26 जुलाई 2018 को आइटी एक्ट में एक केस दर्ज किया गया है। इसमें देशद्रोह, सोशल मीडिया के माध्यम से पत्थरगड़ी को बढ़ावा देने, सरकार के खिलाफ लोगों को भडक़ाने, सरकारी योजनाओं का विरोध करने मामला दर्ज है। स्वामी झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन ग्रीन हंट को लेकर आदिवासियों के साथ विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। मूल रूप से केरल के रहने वाले स्वामी पिछले 40 वर्षों से झारखंड में आदिवासियों के लिए काम कर रहे हैं।

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