रक्षा बंधन पर बहन ने भाई के लिए किया लिवर दान

रक्षा बंधन पर बहन ने भाई के लिए किया लिवर दान

Nagmani Pandey | Publish: Aug, 16 2019 03:00:17 PM (IST) Mumbai, Mumbai, Maharashtra, India

रक्षा बंधन पर बहन ने भाई के लिए किया लिवर दान

 

नागमणि पांडेय
मुंबई . भाई-बहन का त्योहार सिर्फ राखी बांधने तक ही सीमित नहीं | रक्षाबंधन के दिन भाई के हाथ पर राखी बांधने और बहनों को तोहफा देने के साथ-साथ एक-दूसरे को मैसेज से इस दिन की बधाई भी दी जाती है | लेकिन भाई की कमी उसी बहन को खलती है, जिसके पास उसका अपना सगा भाई नहीं होता है। रक्षाबंधन के इस मौके पर एक छोटी बहन ने अपना किडनी दान कर अपने भाई को ‘जिगर’ की डोर से बांधकर एक नई मिसाल कायम की है।
नवी मुंबई के सीबीडी बेलापुर स्थित अपोलो अस्पताल के कंसल्टेंट लीवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. विक्रम राऊत की माने तो 41 वर्षीय सुशांत बोराटे हेपेटाइटिस बीमारी से बीमार थे। कई बार हेपेटाइटिस से बीमार होने के बाद अस्पताल में भर्ती हुए थे लेकिन इस बिमारी के चलते उनके लीवर ने जवाब दे दिया था। सुशांत की जान बचाने के लिए लीवर ट्रांसप्लांट ही एक मात्र उपाय बचा था।

लिवर ट्रांसप्लांट के लिए बहन हुई तैयार
डॉक्टरों ने परिवार के लोगो से बात की तो मरीज की मां ने लीवर ट्रांसप्लांट के लिए हामी भरी लेकिन उनका स्वास्थ्य को देखते हुए यह मुमकिन नहीं था। ऐसे में अपने भाई की जान बचाने के लिए मरीज की बहन शीतल साथवने ने अपने लीवर के टुकड़े को दान करने का निर्णय लिया। शीतल ने कहा कि मेरे पिता की मृत्यु काफी पहले हो चुकी थी। मेरे भाई ने कभी उनकी कमी नहीं खलने दी। अब मैं अपने भाई को नहीं खोना चाहती थी इसलिए मैंने अंगदान करने का निर्णय लिया। सर्जरी होने के बाद कम से कम 4 से 6 सप्ताह तक काफी देखभाल करना पड़ता है। आज दोनों भाई-बहन बिल्कुल स्वस्थ हैं। सुशांत ने कहा यूं तो भाई अपनी बहन को रक्षाबंधन के लिए उपहार देते हैं लेकिन इस रक्षाबंधन पर मेरी बहन ने अंगदान कर मुझे नई जिंदगी का उपहार दिया है।

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