सामाजिक सरोकार : परमार्थ, मानवता के लिए ८7 वर्षों से कार्यरत है श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी समाज, मुंबई

शिक्षा, व्यवसाय और अध्यात्म पर फोकस

By: Devkumar Singodiya

Published: 10 Mar 2019, 06:06 PM IST

मुंबई. श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी मुंबई सभा त्याग, तपस्या, जीवदया, शांति, समभाव और व्याप्त विकृतियों को दूर करने में जुटी है। यह सभा न केवल अपने समाज बल्कि दूसरे समाजों के लिए भी सद्मार्ग का राह प्रशस्त कर रही है। पिछले ८7 साल से मुंबई की जैन तेरापंंथी सभा युवाओं महिलाओं और बच्चों के उत्तम भविष्य के लिए लगातार बेहतर कार्य कर रही है। छह हजार आजीवन सदस्यता वाली मुंबई तेरापंथी सभा का गठन 1932 में हुआ था। सवप्र्रथम नेमचंदभाई वकीलवाला सभा के अध्यक्ष बन समाज को संवारा था। जिसके बाद रंगलाल कोठारी, ख्यालीलाल तातेड़, भंवरलाल कर्णावट, विनोद कच्छारा, सुनील कच्छारा सहित अन्य अध्यक्षों ने बखूबी जिम्मेदारी निभाते हुए समाज को बुलन्दियों के शिखर तक पहुंचाने अपनी भूमिका निभाई। वर्तमान में नरेंद्र तातेड़ मुंबई तेरापंथी समाज को एक नई ऊंचाई देने में लगे हैं। तेरापंथी सभा में महिला मंडल, युवा मंडल, कन्या मंडल, किशोर मंडल सहित समाज के अन्य लोग एकसूत्र में बांधकर अनुशासित तरीके से समाज के लिए कार्य कर रहे हैं।
तेरापंथ समाज की महानगर में 62 ज्ञानशाला मुंबई में चल रही है। जिसमें सैकड़ों प्रशिक्षिका व हजारों बच्चों के अभिवावक सहित भौतिक, अध्यात्म आधुनिक विषयों का पाठ पढ़ाया जाता है। जैन तेरापंथी गुरुओं की दिखाए गए सत्मार्ग पर चल कर यह समाज आज व्यापार में सफलता के पताका फहरा रहा है।

आचार्य तुलसी के बाद 6९ साल बाद होगा मुंबई में चातुर्मास

हाल ही में तेरापंथी के मुख्य गुरु महाश्रमण ने 2023 में मुंंबई में चातुर्मास की घोषणा की। इसके पहले 1954 में आचार्य तुलसी के प्ररेणादायी चातुर्मास के पश्चात इतने लंबे अंतराल के बाद आचार्य महाश्रमण चातुर्मास मुंबई में करेंगे।

चातुर्मास बड़ी जिम्मेदारी
नई जिम्मेदारी मिलने के पश्चात हम समाज के साथ-साथ सभी वर्गों के सेवा के कार्य तो कर ही रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती 2023 का महाश्रमण का सफल चातुर्मास सम्पन्न कराने की है। हम अभी से चातुर्मास को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं।
नरेंद्र तातेड, अध्यक्ष

प्रेरणादायी है चातुर्मास
यह चातुर्मास सम्पूर्ण मुम्बई के लिए प्रेरणादायी है। सम्पूर्ण समाज को अब एकजुट होकर गुरुदेव के चातुर्मास को सफलतम चातुर्मास कैसे बनाया जाए, इस ओर अब अग्रसर होने की जरूरत है। पूरा समाज तैयारियों में जुट गया है।
सुरेश राठौड, उपाध्यक्ष

युवाओं को जोडऩे को प्रयास
हम लगातार समाज से युवाओं को जोडऩे का प्रयास कर रहे हैं। जो भी युवा समाज में आकर कार्य करना चाहते हैं हम सहर्ष स्वागत करते हैं। युवाओं के लिए विभिन्न प्रकल्प हैं। इसके जरिए वह जुड़ रहे हैं।
विमल सोनी, कार्यकारणी सदस्य

 

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