scriptsula vineyards : After Corona, wine tourism on the tongue of tourists | कोरोना के बाद देसी- विदेशी पर्यटकों की जुबान पर वाइन टूरिज्म | Patrika News

कोरोना के बाद देसी- विदेशी पर्यटकों की जुबान पर वाइन टूरिज्म

sula vineyards : कोरोना के बाद पर्यटन (Tourism) की नई अवधारणा के रूप में देसी-विदेशी पर्यटकों के बीच वाइन टूरिज्म (Wine Tourism) या एनोटूरिज्म चर्चित हो रहा है। वाइन टूर (Wine Tour) में लोग अंगूर (Grapes) से बनी कई तरह की शराब पीते ही नहीं बल्कि चखकर स्वाद भी लेते हैं। लोग वाइन टूर के तहत शराब फैक्ट्री के आस-पास अंगूर के बागानों के बीच कॉटेज या रिसार्ट में दो चार दिन बिताते हैं, जहां खाने पीने से लेकर परिवार के मनोरंजन तक की सुविधाएं होती हैं।

मुंबई

Updated: April 19, 2022 11:20:09 pm

नासिक.
कोरोना के बाद पर्यटन की नई अवधारणा के रूप में देसी-विदेशी पर्यटकों के बीच वाइन टूरिज्म (Wine Tourism) या एनोटूरिज्म (Enotourism) चर्चित हो रहा है। इसके लिए बाकायदा टूर ऑपरेटर फैमिली टूर पैकेज (Family tour packege) भी दे रहे हैं। वाइन टूर (Wine Tour) में लोग अंगूर से बनी कई तरह की शराब पीते ही नहीं बल्कि चखकर स्वाद भी लेते हैं। लोग वाइन टूर (Wine Tour) के तहत शराब फैक्ट्री के आस-पास अंगूर के बागानों के बीच कॉटेज या रिसार्ट में दो चार दिन बिताते हैं, जहां खाने पीने से लेकर परिवार के मनोरंजन तक की सुविधाएं होती हैं। इस दौरान पर्यटक यह भी जानते समझते हैं कि विदेशों तक निर्यात होने वाली महंगी से महंगी शराब कैसे बनती हैं? शराब से संबंधित तमाम सवालों से लेकर इतिहास भूगेाल तक की जानकारी शराब बनाने में जुटे कर्मचारी देते हैं। वाइन टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विदेशी तर्ज नासिक में भी हर साल वाइन महोत्सव मनाया जाता है। इसमें देसी विदेशी संगीत का आनंद लेने के लिए विदेशों से हजारों लोग आते हैं। नासिक की सुला वाइनयार्ड देश में शराब क्रांति में अग्रणी है। यह स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय शराब प्रेमियों के लिए सबसे चर्चित वायनरी है।
कोरोना के बाद देसी- विदेशी पर्यटकों की जुबान पर वाइन टूरिज्म
कोरोना के बाद देसी- विदेशी पर्यटकों की जुबान पर वाइन टूरिज्म
कोरोना के बाद देसी- विदेशी पर्यटकों की जुबान पर वाइन टूरिज्म

नासिक में देश की आधी शराब का उत्पादन
देश में नासिक, सोलापुर, पुणे, गोवा, थेनी और बेंगलूरु वाइन टूरिज्म के प्रमुख केंद्र हैं। इन जिलों में देश की प्रमुख शराब कंपनियां हैं, जहां अंगूर व अन्य फलों से महंगी शराब बनाई जाती है। देश भर में कुल 110 शराब फैक्ट्रियां हैं, जिनमें दो करोड़ लीटर शराब बनती हैं। इनमें 72 कंपनियां महाराष्ट्र और बाकी कर्नाटक व अन्य राज्यों में हैं। वाइन कैपिटल के नाम से मशहूर नासिक जिले में करीब 48 फैक्ट्रियां है जिनमें देश की आधी करीब एक करोड़ लीटर शराब बनाई जाती है।

विदेशों में वाइन टूरिज्म से बड़ी कमाई
वाइन टूरिज्म विदेशों में एनोटूरिज्म नाम से चर्चित है। 21वीं सदी में शराब कंपनियोंं ने कारोबार बढ़ाने के लिए एनोटूरिज्म का प्रयोग किया और कई गुना आय बढ़ाई। अमरीका में करीब 2.7 करोड़ पर्यटक हर साल एनोटूरिज्म का लत्फ उठाते हैं। इटली को 50 लाख पर्यटकों से 2.5 अरब यूरो का राजस्व मिलता है। जर्मनी, ऑस्ट्रिया, स्लोवेनिया, स्पेन, फ्रांस, ग्रीस, हंगरी, इटली और पुर्तगाल में पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए हर साल नवंबर के दूसरे रविवार को "एनोटूरिज्म डे" मनाया जाता है।

कोरोना के बाद देसी- विदेशी पर्यटकों की जुबान पर वाइन टूरिज्म

गोवा में देश का पहला शराब संग्रहालय
गोवा में देश का पहला शराब संग्रहालय हाल ही में खोला गया है। इसमें शराब का सदियों पुराना इतिहास मिलेगा। संग्रहालय में शराब कि सदियों पुरानी बोतलें, गिलास और बोतलों को बनाने वाले औजार आकर्षण का केंद्र हैं। संग्रहालय को स्थानीय व्यवसाई नंदन कुडचडकर ने उत्तरी गोवा के कैंडोलिम गांव में बनवाया है। यहां काजू से निर्मित शराब फेनी के अनकहे तथ्य भी दर्ज हैं।

देश की चर्चित वाइनयार्ड और वाइन टूरिज्म
सुला वाइनयार्ड : नासिक (महाराष्ट्र)
फ्रेटेली वाइन : सोलापुर, (महाराष्ट्र)
नासिक वाइनरी : नासिक (महाराष्ट्र)
चेटो डी ओरी : नासिक (महाराष्ट्र)
डी ओरी वाइनरी : नासिक (महाराष्ट्र)
यॉर्क वाइनरी : नासिक (महाराष्ट्र)
यॉर्क वाइनरी : नासिक (महाराष्ट्र)
ग्रोवर ज़म्पा : बैंगलोर (कर्नाटक), नासिक (महाराष्ट्र)
बैंगलोर वाइनरी : बैंगलोर (कर्नाटक)
चेटेउ इंडज वाइनयाड्र्स : नारायणगांव (महाराष्ट्र)
ब्लैकबक वाइनयाड्र्स : तुमकुर (कर्नाटक)
विनीकोला वाइन : गोवा
कंपबम वैली वाइनरी : थेनी (तमिलनाडु)

विश्व स्तरीय सुविधाएं
नासिक के वाइन यार्ड विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस हैं। खान-पान और ठहरने का खर्च किफायती है। इटली, स्पेन, फ्रांस आदि देश हमसे बहुत आगे हैं। भारत में यह क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। दो साल की बंदिशों के बाद इस वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद है।
- बाला सुब्रमण्यम, निदेशक सेल्स एंड मार्केटिंग, नमस्ते टूर्स

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