कोकण से राजा हापुस की आवक थमी, अन्य राज्यों से आना शुरू

कोकण से राजा हापुस की आवक थमी, अन्य राज्यों से आना शुरू
कोकण से राजा हापुस की आवक थमी

Devkumar Singodiya | Updated: 27 May 2019, 05:59:47 PM (IST) Mumbai, Mumbai, Maharashtra, India

दो जून के बाद गुजरात, जुन्नर एवं आंबेगांव से हापुस की होगी शुरुआत

नवी मुंबई. कोकण से बड़े पैमाने पर आने वाला हापुस अब अपने अंतिम दौर में जा पहुंचा है। आम की आवक अब कम होने लगी है। इस कमी को अब दूसरे राज्यों से आनेवाले आम पूरा करेंगे। गुजरात समेत कई राज्यों से आमों की आवक अगले महीने के शुरू से होने लगेगी, जिससे आम प्रेमियों को स्वाद मिलता रहेगा।
कोकण से आम अभी एक सप्ताह तक और आने की उम्मीद है, उसके बाद देवगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग के हापुस का स्वाद नहीं मिल पाएगा। फिलहाल रायगढ के हापुस की आवक एक सप्ताह तक और होने वाली है उसके बाद जून के पहले सप्ताह में गुजरात, जुन्नर एवं अंबेगांव से हापुस की आवक शुरू हो जाएगी। इस समय हापुस की आवक 60 से 70 हजार पेटी कोकण से एवं 25 से 30 हजार पेटी कर्नाटक से हो रही है। कोकण के हापुस की आवक कम होने एवं समापन की कगार पर पहुंचने के बाद कीमत में भी गिरावट आ गई है।

जल्द ही आएगा कच्छ का केसर
होलसेल मार्केट के व्यापारी बालासाहेब बेंडे ने बताया कि वर्तमान में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु राज्य से आम का बाजार में आगमन शुरू हो गया है। इसके साथ ही दो जून के बाद से गुजरात, जुन्नर, आंबेगांव, उत्तर प्रदेश तथा गुजरात के कच्छ से केशर सहित हापुस, तोतापुरी, राजापुरी, दशहरी, बादामी, लंगड़ा जैसे अन्य प्रकार के आमों की भारी मात्रा में आवक शुरू हो जाएगी। जिस तरह से नए वर्ष के प्रथम माह जनवरी से देवगढ़ का हापुस थोकमंडी में बिक्री के लिए उपलब्ध हुआ था वह अब मई महीने के अंत तक खत्म होने की कगार पर है। शुरुआत में देवगढ़ के हापुस का मार्केट में आगमन होने के कुछ दिन बाद कोकण के अन्य हिस्सों से भी हापुस की आवक होने लगी थी। जब कोकण के हापुस का सीजन खत्म होने की स्थिति में है तब बाहर राज्यों से हापुस की आवक शुरू हो गई है। हालांकि दो जून के बाद से यह आवक काफी बढ़ जाएगी। पिछले सप्ताह कोकण से हापुस की आवक 85 हजार पेटी से अधिक हुई थी उसके बाद धीरे-धीरे यह आवक घटने लगी और अब 60 से 70 हजार पेटी तक जा पहुंची है। कर्नाटक से लगभग 30 हजार पेटी की आवक हो रही है। इस समय कच्चा हापुस 150 से 300 रुपए दर्जन के भाव से बेचा जा रहा है। जबकि कर्नाटक का हापुस 45 से 55 रुपए किलो की दर से उपलब्ध है।

गर्मी से आम प्रभावित
आंध्रा से आने वाले बादामी आम 50 से 55 रुपए किलो, महाराष्ट्र का केशर 35 से 50 रुपए किलो बिक रहा है। प्रकाश खक्कर ने बताया कि कोकण से इस समय आने वाले हापुस की क्वालिटी खराब है, क्योंकि 40 प्रतिशत आम खराब निकल रहा है, इसलिए बाहर देशों में हापुस का निर्यात बंद है। भीषण गर्मी के कारण आम पर असर पड़ा। उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है । वर्ष 2017 में 11 लाख 30 हजार 657 क्विंटल हापुस की आवक हुई थी। वहीं वर्ष 2018 में 8 लाख 86 हजार 121 क्विंटल और वर्ष 2019 इस वर्ष 4 लाख 82 हजार क्विंटल है।

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