महाराष्ट्र की राजनीति में अवनि लाई तूफान,सहयोगी शिवसेना भी उतरी सरकार के खिलाफ

महाराष्ट्र की राजनीति में अवनि लाई तूफान,सहयोगी शिवसेना भी उतरी सरकार के खिलाफ

Prateek Saini | Publish: Nov, 10 2018 05:15:21 PM (IST) Mumbai, Mumbai, Maharashtra, India

उल्लेखनीय है कि अवनि के मामले में कांग्रेस -राकांपा पहले से ही आक्रामक हो चुकी है। वह सरकार पर नियम के बाहर जाकर अवनि का शिकार कराए जाने का आरोप लगा रही हैं...

(मुंबई): आदमखोर बाघिन टी 1 के मारे जाने को लेकर शुरू सियासत और गर्मा गई। इस मामले में राकांपा -कांग्रेस और शिवसेना के चौतरफा हमले में कमजोर पड़ रहे वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के समर्थन में अब भाजपा उतर गई है।


भाजपा ने इसे निचले स्तर की राजनीति करार देते हुए विपक्ष सहित शिवसेना को झूठा बताया है। इतना ही नहीं विपक्ष का साथ दे रहे शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार के साथ—साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राव साहेब दानवे ने भी जम कर खरी खोटी सुनाई है। मुनगंटीवार ने तो बाघिन के शिकार के नियमों की जांच के लिए गठित समिति का अध्यक्ष पद उद्धव को स्वीकारने का ऑफर दे दिया है।


वनमंत्री के समर्थन में बीजेपी

उधर दानवे ने मुनगंटीवार के समर्थन में आते हुए संजय निरुपम पर मानहानि का दावा ठोकने का एलान किया है। गौरतलब है, कांग्रेस के संजय निरुपम ने वनमंत्री के संबंध विदेशी तस्करों से होने का आरोप लगाया है। निरुपम के आरोपों की आग ठंडी पड़ने से पहले शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने और हवा दे दी। उद्धव ने बाघिन के शिकार में नियमों के पालन को लेकर गठित समिति पर संशय व्यक्त किया और आरोप लगाया कि बाघिन को मारने वाले ही इस समिति के सदस्य बने हैं, जिसके बाद मुनगंटीवार का पारा चढ़ गया और उन्होंने उद्धव को दो टूक सुनाते हुए कहा कि यदि उद्धव को उक्त समिति पर विश्वास नहीं, किसी प्रकार का संशय है, तो उन्हें ही समिति का अध्यक्ष बनाने को हम तैयार हैं, वे आएं और समिति का अध्यक्ष पद स्वीकार करें। इसे ओछे दर्जे की राजनीति करार देते हुए उन्होंने कहा कि उद्धव इतने बड़े राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष हैं, उन्हें इस प्रकार के निचले स्तर की राजनीति शोभा नहीं देती है।


बाघिन को मारने का फैसला सही—दानवे

उधर दानवे ने मुनगंटीवार का समर्थन किया है। दानवे ने कहा कि आदमखोर बाघिन को मारने का फैसला सही था, लेकिन यह सभी कोर्ट के आदेश पर हुआ है। बाघिन को मारने का अधिकार किसी मंत्री को नहीं है। ऐसे मुनगंटीवार पर किसी प्रकार का आरोप लगाना ही गलत है। उनका इस पूरे मामले से कोई संबंध ही नहीं है। बाघों की हत्या करने वाले माफिया से नजदीकी संबंध होने के आरोप के जवाब में संजय निरुपम के खिलाफ मानहानि का दावा किया जाएगा।


संजय निरूपम पर मानहानि का दावा ठोकने की तैयारी

शनिवार को निरुपम के आरोप के तुरंत बाद प्रतिक्रिया देते हुए मुनगंटीवार ने भी कहा कि निरुपम से और कोई अपेक्षा नहीं की जा सकती है। इतने निचले स्तर के आरोप वही लगा सकते हैं। उनके खिलाफ चंद्रपुर के कोर्ट में मानहानि का दावा ठोका जाएगा। सिर्फ एक आदमखोर बाघिन के मौत पर इतनी गन्दी राजनीति हो रही है। नरभक्षी बाघिन ने 13 लोगों को मौत के घाट उतार दिया, उस पर किसी को कोई चिंता नहीं है।

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