शासकीय हॉस्टल में व्यवस्था के नाम पर की गई उगाही, शिकायत

विडंबना: शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण महाविद्यालय पेंड्रा का मामला

By: BRIJESH YADAV

Published: 04 Apr 2019, 11:10 AM IST

पेंड्रा. शासकीय हॉस्टल में व्यवस्था के नाम पर छात्रों से और विभागीय ट्रेनिंग लेने आए छात्रों और शिक्षकों से दो हजार से लेकर पांच हजार तक की वसूली किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। 
मामला है छत्तीसगढ़ के एकमात्र शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण महाविद्यालय पेंड्रा में प्रशिक्षण ले रहे छात्रों से व्यवस्था शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की। छात्राओं ने महाविद्यालय स्टॉप पर अभद्रता पूर्ण व्यवहार करने एवं गाली-गलौच करने का आरोप भी लगाया है। संस्था के प्राचार्य ने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए मामले को पूर्व प्राचार्य का होना बताकर पल्ला झाड़ लिया। वहीं प्रशासनिक अधिकारी शिकायत मिलने के बाद मामले की विभागीय जांच कराने की बात कह रहे हैं।
क्या है मामला
छात्रों से लेकर शिक्षकों को शारीरिक शिक्षा में बीपीएड और डीपीएड की डिग्री देने वाले छत्तीसगढ़ के एकमात्र महाविद्यालय पेंड्रा इन दिनों अनियमितताओं और अवैध वसूली का अड्डा बन गया है। यहां प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षणार्थियों से हर वर्ष व्यवस्था शुल्क के नाम पर या कभी गद्दे तकिए और तखत खरीदने को लेकर 2000 से 5500 तक की वसूली की गई। ये वसूली एक दो छात्रों के साथ नहीं बल्कि संस्था में हर वर्ष अध्ययन कर रहे 80 से ज्यादा छात्रों के साथ हुई। छात्रों ने आरोप लगाया कि एडमिशन लेते वक्त ही उनसे यह शुल्क लिया गया था और कहा गया था कि अभी गद्दे तकिये और तख्त के लिए पैसा नहीं है, जब सत्र खत्म होगा और सरकारी पैसे आएंगे तब आपको रुपए वापस कर दिए जाएंगे। ऐसा सभी छात्रों से 2 वर्ष के कोर्स में 2 बार लिया गया। सत्र खत्म हुए 1 साल हो गए किसी को पैसे वापस नहीं किया गया। नए छात्रों से भी उन्हीं गद्दे तकिए और तखत के नाम पर 5500 रुपए तक की वसूली कर ली गई। छात्राओं का कहना है कि यहां के स्टाफ उनके साथ अभद्रता पूर्ण व्यवहार करते हैं और उन्हें गाली देकर संबोधित करते हैं। महाविद्यालय प्रशासन ने शिक्षा विभाग से विभगीय प्रशिक्षण लेने आए शिक्षकों को भी नहीं बख्शा और उनसे भी व्यवस्था शुल्क के नाम पर रुपयों की वसूली कर ली।
मामले की शिकायत जब अनुविभागीय अधिकारी को हुई तो उन्होंने भी इस का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अवैध वसूली करने की शिकायत छात्रों ने की है। उनसे लिखित शिकायत मांगी गई है। जांच की जाएगी और विभाग को कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।  वहीं संस्था के प्राचार्य ने छात्रों से की जा रही अवैध वसूली की शिकायत पर पूरी तरह अनभिज्ञता जाहिर करते हुए इसे पूर्व प्राचार्य विजय तिवारी का मामला कहकर खुद को मामले से अलग कर लिया है।

 इधर 19 मार्च को इचण्मक की परीक्षाएं संपन्न होने के बावजूद प्रशिक्षण लेने आए शासकीय शिक्षकों को अब तक रिलीव नहीं किया जबकि उनमें से कुछ शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में भी लग चुकी हैण्ण् संस्था के प्राचार्य पीएल साहू जो राजनांदगांव से आना जाना करते हैं सप्ताह में एक या 2 दिन आकर पूरे सप्ताह का साइन रजिस्टर में करने का आरोप लग चुका है वहीं संस्था में पदस्थ मैडम भी पिछले 2 दिनों से संस्था में उपस्थित नहीं हुई है पूछे जाने पर प्रिंसिपल ने बताया कि मैंने आज ही उनका सी एल लगा दिया। नही आने की जानकारी मैडम ने मौखिक दे दी थी।। सोशल मीडिया का जमाना है सब चीजें वाट्सअप में बता देते है हम मान लेते है कह कर हमने छुट्टी स्वीकार्य कर आज सी एल लगा दिया।
लगभग 40 वर्षों से संचालित छत्तीसगढ़ प्रदेश के एकमात्र शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण महाविद्यालय की हालत अत्यंत दयनीय है इसके लिए कहीं ना कहीं शासन की उदासीनता भी दिखाई पड़ती है कि इस संस्थान को चलाने के लिए पूर्णकालिक प्राचार्य व्याख्याता और शारीरिक शिक्षक की आवश्यकतानुसार नियुक्ति नहीं की गई है और यही कारण है कि संस्थान में आए दिन इस तरीके की अनियमितता देखने को मिलती है

&यहां विभागीय प्राशिक्षण लिया है। मुझसे छात्रावास शुल्क के नाम पर 2000 लिया गया, जबकि मैं छात्रावास में एक दिन भी नहीं रुका।
पवन दूबे, शिक्षक
&जो भी व्यवस्था के नाम मे शुल्क लिया गया मेरे कार्यकाल का नहीं है, पुराने प्रचार्य के कार्यकाल का है।
पीएल साहू, प्राचार्य
&शिकायत मिली थी। औचक निरीक्षण में गया था। बच्चों से लिखित में आवेदन मांगा है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
मनोज केसरिया, एसडीएम

BRIJESH YADAV Desk
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