गार्डन की जांच करने पहुंची नगरीय प्रशासन की टीम, किया निरीक्षण

गार्डन निर्माण में अनियमितता का मामला

By: Amil Shrivas

Published: 10 Feb 2018, 12:38 PM IST

मुंगेली. बहुचर्चित गार्डन घोटाले के मामले में जांच के तीसरे चरण में शुक्रवार को नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा गठित टीम गार्डन की जांच करने मुुंगेली पहुंची। टीम ने गार्डन की स्थिति का अवलोकन किया गया तथा गार्डन की वर्तमान स्थिति का आकलन किया। साथ ही टगार्डन से संबंधित फाइलों को अवलोकन किया। टीम इस मामले में जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में दे देगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में गार्डन निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद गार्डन निर्माण घोटाले की भेंट चढ़ गया। उसके बाद आम जनता की महत्वपूर्ण मांग को लेकर लगातार जांच का झुनझुना ही अभी तक थमाया जा रहा है। इससे आम जनता के बीच में शासन और प्रशासन को लेकर गुस्सा बढ़ता जा रहा है। तत्कालीन कलेक्टर मुंगेली द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी को गार्डन घोटाले मामले की जांच तीन दिनों में देने के लिए अधिकृत किया गया था। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उनके द्वारा जांच रिपोर्ट नहीं दी गई थी। इसके बाद कलेक्टर एनएन एक्का द्वारा गार्डन घोटाले की जांच करने के लिए टीम गठित की गई थी, लेकिन जांच टीम की रिपोर्ट आने में महीनों का समय लग गया। अंतत: जांच टीम द्वारा गार्डन मामले में समस्त 13 बिंदु पर घोटाला होने की रिपोर्ट सौंपी गई। इस रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई न करते हुए सूक्ष्म जांच के लिए नगरीय प्रशासन को कलेक्टर द्वारा लिखा गया। बहुत आश्चर्य की बात थी, कि शुक्रवार को पहुंची नगरीय प्रशासन की टीम के पास पूर्व की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। जांच टीम में पीएन साहू अधीक्षण अभियंता नगरीय प्रशासन, क्रांति अशोक कुमार कार्यपालन अभियंता संयुक्त संचालक रायपुर , श्याम पटेल कार्यपालन अभियंता नगरीय प्रशासन रायपुर शामिल थे।
जिन कार्यों का हुआ भुगतान, वही सुविधा नहीं: बच्चों के खेलकुद उपकरण व सामाग्रीया, एलइडी टावर, एलइडी चेरी ट्री (लाइट युक्त डेकोरेटिव वृक्ष), फव्वारा, 16 फीट झरना एवं 25 फीट झरना, वाटर फाल एवं बच्चों को आकर्षित करने वाला स्टेच्यू, प्लांटर बाक्स, योगा सेंटर, टायलेट ब्लॉक, सीढ़ी, गार्डन में टाइल्स युक्त पाथवे निर्माण, लैंड स्केपिंग एवं आकर्षक पौधरोपण तथा हरियाली का कार्य, आकर्षक लाइटिंग का कार्य सहित अन्य कार्य का भुगतान कर दिया गया है, लेकिन ये कार्य पूरे नहीं हो पाए।
तत्कालीन सीएमओ ने अपने नजदीकी ठेकेदार को दिया था नियम विरुद्ध ठेका : गार्डन निर्माण के दौरान मुंगेली नगर पालकिा में ठा. हरवंश सिंह सीएमओ के पद पर पदस्थ थे। उनके द्वारा ही गार्डन निर्माण का कार्य कराया गया। अभिषेक ट्रेडिंग कंपनी एवं अरविंद ट्रेडिंग कार्पोरेशन तत्कालीन सीएमओ के बहुत करीबी फर्म थी। उक्त गार्डन निर्माण कार्य की समस्त निविदा इन्ही दोनों फर्मो को नियमों की अनदेखी करते हुए दिया गया। इसके अलावा ठा. हरवंश सिंह के कार्यकाल में उक्त दोनों फर्म द्वारा और भी बहुत सारे कार्य मुंगेली नगर पालिका में मनमाने दर पर किए गए है। उक्त कार्यों के दर और निविदा प्रक्रिया की जांच की जाए तो और भी भ्रष्टाचार के चौंकाने वाले मामले सामने आ सकते हंै। प्राप्त जानकारी के अनुसार नोट शीट में ई टेंडर हो चुका है, बताया गया है, जबकि इस कार्य का मैनुअल टेंडर किया गया था। गार्डन निर्माण कार्य में इंजीनियर विनोद यादव द्वारा समस्त कार्यों का बिल बनाया गया है। इंजीनियर विनोद यादव अभी बीआरसाव स्कूल निर्माण मामले में 420 के केस में 07 महीने का जेल काट चुके हैं और जमानत पर हैं।

Amil Shrivas
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned