डेढ़ दर्जन पटवारियों का नहीं हुआ नियमितीकरण

डेढ़ दर्जन पटवारियों का नहीं हुआ नियमितीकरण

Murari Soni | Publish: Jul, 26 2019 12:30:58 PM (IST) Mungeli, Mungeli, Chhattisgarh, India

पथरिया तहसील का मामला

पथरिया. स्थानीय तहसील के अंतर्गत कार्यरत लगभग डेढ़ दर्जन पटवारिओं का नियमितीकरण रुका हुआ है। इसके चलते संबंधित पटवारी इन दिनों खासे परेशान हैं। निमयानुसार पटवारी के पद पर लगातार तीन वर्ष सेवा देने के पश्चात पटवारियों का नियमितीकरण होना अनिवार्य होता है, लेकिन लगातार 4 वर्ष से अधिक अवधि से सेवा देने के बावजूद भी नियमितकरण नहीं हो सका।
बताते चलें कि पथरिया राजस्व के अंतर्गत कुल 49 हल्के समाहित है, जिनका कार्यभार 33 पटवारी उठाये हुए हैं। इनमें से 18 पटवारी का नाम अपनी परिवीक्षिका अवधि पूर्ण कर चुके पटवारियों में सम्मिलित हैं, जो अपने नियमितीकरण का इंतजार कर रहे हैं। बताया जाता है कि नियमानुसार जब एक पटवारी के रूप में किसी व्यक्ति का चयन होता है। इसके उपरांत उसे 12 माह के प्रशिक्षण के बाद 3 माह व्यवहारिक प्रशिक्षण से गुजरना होता है। तत्पश्चात संबंधित पटवारी जिले के किसी विकासखंड के अंतर्गत हल्का में पदस्थ होता है। इसके बाद 3 वर्ष की अपनी परिवीक्षिका अवधि पूर्ण करने के बाद स्वत: ही उनका नियमितीकरण होना होता है । लेकिन पथरिया क्षेत्र के अलग अलग पटवारीओ की परिवीक्षिका अवधि पूर्ण किये दो से तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी उनका नियमितीकरण नहीं होने से उन्हें खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक पटवारी के नियमितीकरण के पश्चात उसके अधिकारों में भी वृद्धि होती है। इनमें वेतन वृद्धि, पूर्व के वर्षों का एरियर्स, सुरक्षा एवं अन्य सुविधाएं भी प्राप्त होती है, लेकिन नियमितीकरण नहीं होने के कारण उन्हें अपने इन अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है और वे खुद को असुरक्षित एवं असहज महसूस कर रहे हैं।
गौरतलब है कि वर्तमान के पटवारियों के कार्यभार भी अत्यधिक होते हैं। उनके दैनिक कार्यों में खसरों की ऑनलाइन एंट्री, नामांतरण, फौती, जाति एवं आय प्रमाण पत्र, न्यायालयीन प्रकरण व अविवादित बंटवारा के साथ साथ अनेकों मामले पटवारियों को अपने दैनिक कार्यों के तहत निपटाने होते हैं। इसके साथ ही वर्तमान में प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए भी पटवारियों को ही तैनात किया गया है। ऐसे में कार्यभार में बढ़ोत्तरी होने और अपने मौलिक अधिकारों से दूर होने के कारण इनकी चिंता भी बढ़ गयी है और वे खुद को बेसहारा से महसूस करने लगे हैं। पटवारी संघ के मुंगेली जिलाध्यक्ष मोहम्मद आरिफ ने बताया कि नियमितीकरण के लिये किसी प्रकार के दस्तावेज की जरूरत नहीं होती है। स्थाई करण के लिए गोपनीय चरित्रावली की आवश्यकता होती है, जो तहसीलदार एवं एसडीएम के द्वारा ही तैयार किया जाता है ।
&दस्तावेजोंं की कमी के कारण नियमितीकरण की कार्रवाई नहीं हो पाई है।
डॉ. आराध्या कमार, एसडीएम, पथरिया

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