समाज के निर्माण में शिक्षक की महती भूमिका : श्रीदेवी वैष्णव

समाज के निर्माण में शिक्षक की महती भूमिका : श्रीदेवी वैष्णव

Amil Shrivas | Publish: Sep, 06 2018 01:57:51 PM (IST) Mungeli, Chhattisgarh, India

प्रेरक संघ ने मनाया काला दिवस

सकरी. शिक्षक समाज का पथ प्रर्दशक होता हैं। आदर्श समाज के निर्माण में शिक्षक की महती भूमिका होती है। इसी कारण शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के राष्ट्रपति बनने के बाद भी शिक्षकीय जीवन को यादगार बनाने के लिए उनके जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है। यह विद्यालय की प्राचार्य श्रीदेवी वैष्णव ने व्यक्त की। सरस्वती शिशु मंदिर मे शिक्षक दिवस को भैया-बहनो ने स्वशासन दिवस के रुप में मनाया। भैया-बहनो ने आचार्यों का परिधान पहनकर प्राचार्य से लेकर भृत्य का कार्यभार स्वयं निभाया। एक दिन के लिए विद्यालय की प्राचार्य बहन प्रिया यादव,आचार्य के रुप में बहन सिमरन क्षत्री, प्रणिता तिवारी, नेहा मरावी, मनीषा मानिकपुरी, नंदिनी साहू, भैया अभिजीत गंधर्व, किशन निराला, आदित्य श्रीवास, सुमित अनंत, भृत्य ईशिका ठाकुर ,निलेश साहू ने दायित्व का निर्वहन किया। विद्यालय के शिक्षकों ने बहन प्रिया रजावत, भैया हुमांशु यादव, कैलाश आहिरे को आदर्श शिक्षक के रुप में पुरुस्कृत किया। भैया बहनों ने विभिन्न कक्षाओं में अध्ययन कराया तथा विद्यालय के ही आचार्य - बहन द्वारा उन्हें अंक दिए गए। आचार्य प्रकाश यादव ने जीवन के हर क्षेत्र में शिक्षक की महत्ता को रेखांकित किया। आचार्य राहुल चौबे ने गुरु के प्रति सम्मन ही सफलता दिलाती है।अंतिम कालखण्ड मे भैया-बहनों ने सभी शिक्षको का कलम, श्रीफल, पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। कार्याक्रम का संचालन बहन प्रणिता तिवारी ने किया। आभार अनामिका दुबे ने किया।

शिक्षकों के लिए किया खेल का आयोजन-तखतपुर. शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला तखतपुर में छात्राओं ने विविध प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन के साथ शिक्षकों का सम्मान किया। छात्राओं ने शिक्षकों को स्मृति चिन्ह एवं उपहार देकर सम्मानित किया। इसके पूर्व छात्राओं ने शिक्षकों के लिए विभिन्न प्रकार के खेल का आयोजन भी किया। प्रतियोगिता में शिक्षक भी बच्चों के जैसे अपनी सहभागिता दी। इस अवसर पर प्राचार्य नरेश दुबे ने कहा कि जरूरी नहीं कि शिक्षक ही शिक्षा देता है, बल्कि हम शिक्षा किसी से भी प्राप्त कर सकते हैंं। गुरु अपने शिष्यों को एक श्रेष्ठ मुकाम देना चाहता है। सेवानिवृत्त व्याख्याता एलपी श्रीवास बताया कि पहले गुरु पूर्णिमा पर गुरुओं का सम्मान होता था अब डॉ सर्वपल्ली के जन्मदिन पर होता है। संचालन सांस्कृतिक सचिव रितु पटेल ने की एवं आभार नायिका सुमन ने किया। इस अवसर पर हूप सिंह क्षत्री, जितेंद्र शुक्ला, रश्मि मिश्रा, मिनाज खान, आमोद एक्का, मीनाक्षी शर्मा, यू ठाकुर, विभा मार्टिन, चिंतामणि तिवारी, अनीता मरावी, सुनीता आदि मौजूद रहीं।

साहू, अंकित विश्वकर्मा, पारुल ठेठवार, मनीषा बंजार,े धर्मेंद्र सिंह, संदीप धुव, इंडिया, करुणा, सलीम बंजार,े रामसहाय पाठक, जूठन राम कश्यप, वसीम बैग, शालिनी, सुमन, दीक्षा, रितु, राखी, साक्षी, रुखसाना सहित अन्य छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रेरक संघ ने मनाया काला दिवस -मुंगेली. लगातार 21 दिनों से अनिश्चितकालिन हड़ताल पर बैठे छत्तीसगढ़ प्रेरक संघ ने शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया। मुंगेली में 4 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रेरक संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। शिक्षक दिवस पर काला पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। सरकार के ध्यानाकर्षण के लिए हर तरह के हथकंडे प्रेरक संघ अपना रह े हैं। लेकिन उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। ज्ञात हो की साक्षर भारत योजना को सरकार ने बन्द कर दिया है और प्रेरकों की नियुक्ति खत्म कर दी गई। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो 7 सितम्बर को उग्र आंदोलन व चक्काजाम करेंगे।

शिष्य के अभिभावक के समान होता है गुरु-बिल्हा . सरस्वती शिशु मंदिर बिल्हा में शिक्षक दवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सम्मान समारोह सरस्वती बाल कल्याण समिति के अध्यछ चित्रसेन पाण्डेय, संरक्षक विशम्भर गोयल, सदस्य महेश मखीजा की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। समिति द्वारा आचार्य गण का शाल व श्रीफल द्वारा सम्मान किया गया। भैया बहिनों द्वारा श्रीफल व गिफ्ट भेंट कर सभी आचार्यों का सम्मान किया गया। सरस्वती बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष चित्रसेन पाण्डेय ने कहा कि शिक्षक एक माता पिता के सामान होता है। इसलिए अपने गुरुजनों की सम्मान करना चाहिए। इसी कड़ी में गोयल ने कहा की प्राचीन समय से ही गुरु शिष्य की अनोखी परम्परा चली आ रही है, जिसे हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हंै। प्राचार्य नर्मदानन्द राजपूत द्वारा सभी का आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण को आदर्श शिक्षक के रूप में कार्य करते हुए देश के द्वितीय राष्ट्रपति बने। अत: हमे ऐसे ही महान कार्य करना चाहिए, जिससे हमें भी गर्व हो कि हम भारत के नागरिक हैं।

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