...तो नगर की सडक़ों पर जाना खतरे से खाली नहीं!

जनप्रतिनिधि व जिम्मेदार अधिकारी नहीं दे रहे हैं ध्यान

By: Amil Shrivas

Published: 19 Jan 2019, 10:28 AM IST

मुंगेली. शहर में कई मार्ग आवागमन के दृष्टि से काफी खतरनाक हो गए हैं। इन पर हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। दूसरी तरफ चिंता की बात यह है कि इन दुर्घटना वाले पाइंट को दुरुस्त करने कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। शहर का यातायात बढऩे तथा वाहनों का आवागमन बढऩे के साथ ही टूटे-फूटे व जर्जर रास्ते और अधिक खतरनाक होते जा रहे हैं। ऐसे में हमेशा हादसे का अंदेशा बना रहता है। वहीं लोग शहर में निकलना खतरे से खाली नहीं मानते हैं। वहीं अधिकारी व जनप्रतिनिधि उदासीन बने हुए हैं।
गौरतलब है कि इन दिनों सबसे ज्यादा खतरनाक शहर का सर्वाधिक व्यस्त पड़ाव चौक हैं। यहां सभी दिशाओं से वाहनों का आवागमन होता है। चौक पर यातायात सिपाही रहते हैं। दुर्घटना रोकने के लिए यातायात सिपाही के लिए बूथ भी नहीं बनाया गया है। वाहनों के आवागमन को संचालित करने ऑटो सिग्नल लगाए गए हैं, लेकिन इससे समस्या का निराकरण नहीं हो पाता। चौक की परिधि से बाहर आते ही यातायात अव्यवस्थित हो जाता है। पड़ाव चौक से बिलासपुर जाने के लिए निर्मित बायपास की सडक़ संकरी होने के साथ ही बेहद जर्जर है। इस मार्ग पर आए दिन जाम लगा रहता है। इसके साथ ही दुर्घटनाएं होती रहती है। इस मार्ग पर दिन-रात सैंकडों की संख्या में यात्री बसें तथा ट्रकें निकलती हैं। यहां के नागरिक बताते हैं कि यहां पर की संकरी सडक़ व मोड़ पर कई लोग दुर्घटना में घायल हो चुके हैं। मोड़ काफी खतरनाक है। वहीं सडक़ टूटी हुई होने के कारण यह मार्ग काफी खतरनाक बन गया है। हैवी यातायात होने के बाद भी यहां पर यातायात विभाग का कोई जवान भी तैनात नहीं रहता है। जानकारों का कहना है कि समस्या का निराकरण तभी होगा, जब इस बायपास रोड का चौड़ीकरण किया जाएगा।
इसी प्रकार पुराना बस स्टैंड चौक में भी चारों तरफ से वाहनों का आवागमन होता है। यहां पर ट्रैफिक का दबाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। सडक़ चौड़ी तो है, मगर सिटी कोतवाली के ठीक सामने होने के बाद भी यहां पर यातायात विभाग के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जाता। लोगों की मानें तो यहां पर दुर्घटना रोकने के लिए यातायात सिपाही खड़ा कर ट्रैफिक बूथ बनाना चाहिए। मेनरोड ही नहीं शहर की सडक़ें भी बढ़ते यातायात के दबाव के कारण बदहाल हैं। वाहनों की अधिकता के कारण संकीर्ण हो चुके गोल बाजार चौक का बुरा हाल है। यहां पर तो एक कार के आ जाने पर दिन में अनेकों बार जाम हो जाता है। गोल बाजार की सडक़ों के किनारों पर व्यापारियों का कब्जा है। वहीं पूरी सडक़ पर आवारा घूम रहे जानवरों का राज रहता है। इसी प्रकार नंदी चौक के पास की सडक़ तथा थोड़ा आगे जाने पर सिंधी कॉलोनी चौक की चढ़ाई पर की जर्जर सडक़ तथा रायपुर मोड़ जो़ आवागमन की दृष्टि से खतरनाक हैं। क्षेत्रीय नागरिकों की मांग है कि इन सडक़ों को सुधार कर सुधार कर दुरुस्त किया जाना चाहिए।

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