सरपंच व सचिव पारदर्शिता के साथ गुणवत्तापूर्वक कार्य कराएं- डॉ. भुरे

बैठक: पथरिया में कलेक्टर ने की विकास कार्यों की समीक्षा और दिए निर्देश

By: BRIJESH YADAV

Published: 10 Mar 2019, 09:29 AM IST

पथरिया/मुंगेली. कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने शनिवार को जिले के विकास खण्ड मुख्यालय पथरिया के मंगल भवन में आयोजित जिला अधिकारियों, सरपंच, सचिव, पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरपंच शासन की नीति नियम एवं उपलब्ध संसाधनों से पारदर्शिता के साथ गुणवत्तापूर्वक कार्य करायें। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल लगभग एक वर्ष शेष है। इसलिए सरपंच सचिव अनुशासन और समयबद्धता एवं व्यवहार में शालीनता रखते हुए विकास कार्यों को पूर्ण करायें।
उन्होने पथरिया के मंगल भवन में सरपंच, सचिव, पटवारी एवं अधिकारियों की मैराथन समीक्षा बैठक ली। उन्होंने पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास, शिक्षा गुणवत्ता, मनरेगा एवं प्रधानमंत्री श्रम योगी पेंशन योजना की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने सरपंचों से कहा कि नरवा, गरूवा योजना के तहत हर गांवों में 15 एकड़ जमीन चिन्हांकित करें। गांवों में प्रचलित गोठान उपलब्ध हो तो उसे प्राथमिकता दें। गोठान के पास पेयजल एवं छाया के लिए पेड़-पौधे देख लें।
कलेक्टर डॉ. भुरे ने सरपंच-सचिवों से कहा कि अविवादित नामांतरण बंटवारा के प्रकरणों को ग्राम पंचायतों में ही निपटायें। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण न होने दें तथा अतिक्रमण को तत्काल हटवायें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्रमयोगी पेंशन योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु के असंगठित श्रमिकों का पंजीयन कार्य में सहयोग करें। 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर पेंशन दिया जायेगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का पंजीयन कार्य में पटवारियों को सहयोग करने निर्देश दिये गये।
उन्होंने सरपंचों से कहा कि हर ग्रामों में शिक्षा गुणवत्ता के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए पालकों की बैठक अवश्य लें तथा आवश्यकतानुसार 14वें वित्त से अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारी और सरपंचों से कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एएनएम की उपस्थिति एवं मुख्यालय में निवास अनिवार्यत: किये जायेंगे। उन्होंने सरपंचों से ग्राम पंचायतवार पेयजल समस्या, राजस्व प्रकरणों के निपटारे, किसान किताब, बी-1, नक्शा, खसरा, आवास निर्माण, राशन दुकानों में खाद्यान्न सामग्री एवं मिट्टी तेल की उपलब्धता एवं वितरण में होने वाले समस्या के संबंध में जानकारी ली।
कलेक्टर ने सरपंच और सचिवों से कहा कि गोठान निर्माण और प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास निर्माण 30 अप्रैल 2019 तक पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। सहायक संचालक उद्यानिकी ने बताया कि पथरिया विकासखण्ड में बाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत 45 गांवों को चिन्हित किया गया है। नरवा, घुरूवा का काम दो फेस में किया जायेगा। उन्होंने सरपंचों से कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायतों में एक कुंआ का निर्माण अवश्य करायें।
कलेक्टर ने कहा कि जल संसाधन विभाग या ग्राम पंचायत से निर्मित स्टाप डेम/एनिकट का चिन्हांकन कर बरसात के पूर्व मरम्मत कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सरपंच सचिवों से कहा कि गर्मी के मद्देनजर पेयजल सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेयजल संकट की स्थिति में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सूचित करें तथा 14वें वित्त की राशि का उपयोग पेयजल व्यवस्था में कर सकते हंै। आंगनबाड़ी भवन निर्माण एवं रेडी टू र्इंट की गुणवत्ता के संबंध में सरपंचों से जानकारी ली गई। कलेक्टर ने कहा कि जिन व्यक्तियों ने चिट फंड कंपनी में निवेश किया है, राशि वापस नहीं हुई हो तो जनपद पंचायतों में स्थापित सुविधा केंद्र में आवेदन कर सकते हैं। उन्होने सरपंचों से समस्याओं के बारे में बारी-बारी से जानकारी प्राप्त की। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत पात्र किसानों को स्वघोषणा पत्र भरवाने में पटवारी, सचिवों को सहयोग करने कहा गया। बैठक में जिला पंचायत सदस्य जागेश्वरी वर्मा, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी रीमन सिंह, जनपद पंचायत पथरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम पंचायत सरपंच-सचिव, पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे।

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