मोदी सरकार ने पेट्रोल पर 23 रु और डीजल पर 28 रु के उत्पाद शुल्क की बढ़ोतरी की: कांग्रेस

Highlights:

-डीजल पेट्रोल पर महंगाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

-जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

-मोदी सरकार पर जमकर साधा निशाना

By: Rahul Chauhan

Updated: 30 Jun 2020, 02:38 PM IST

मुजफ्फरनगर। जनपद में लगातार हो रही डीजल व पेट्रोल की मूल्यवृद्धि के साथ-साथ बिजली की दरें बढ़ाए जाने और महंगाई के विरोध में कांग्रेस कमेटी ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भेजा। जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि लॉकडाउन के पिछले तीन माह के दौरान पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले केंद्रीय उत्पाद शुल्क और कीमतों में बार-बार की गई अनुचित बढ़ोत्तरी ने भारत के नागरिकों को असीम पीड़ा व परेशानियां दी हैं।

यह भी पढ़ें : एक परिवार पर टूटा दबंगों का कहर, मामूली कहासुनी में 50 राउंड फायरिंग, महिला समेत 8 घायल

कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरेंद्र त्यागी ने कुछ आंकड़े पेश करते हुए बताया कि जब भाजपा ने सत्ता संभाली थी तब पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.20 रु प्रति लीटर एवं डीजल पर 3.46 रु प्रति लीटर था। पिछले 6 वर्षों में केंद्र की भाजपा सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 23.78 रु प्रति लीटर एवं डीजल पर 28.37 रु प्रति लीटर की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी कर दी है। चौंकाने वाली बात है कि पिछले छः वर्षों में भाजपा सरकार द्वारा डीजल के उत्पाद शुल्क में 820 प्रतिशत तथा पेट्रोल के उत्पाद शुल्क में 258 प्रतिशत की वृद्धि की गई।

यह भी पढ़ें: कोरोना काल में बढ़े घरेलू विवाद 50 से अधिक जोड़ियां टूटने की कगार पर

उन्होंने कहा कि एक तरफ देश स्वास्थ्य व आर्थिक महामारी से लड़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर सरकार पेट्रोल व डीजल की कीमतों और उस पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को बार-बार बढ़ाकर इस मुश्किल वक्त में मुनाफाखोरी कर रही है। मोदी सरकार द्वारा भारत के नागरिकों से की जा रही जबरन वसूली एकदम स्पष्ट परिलक्षित रही है।

Congress
Rahul Chauhan
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned