पुलिसकर्मियों ने अभद्रता कर फाड़े भाजपा नेता के कपड़े, हंगामे के बाद एक सिपाही सस्पेंड तो चौकी प्रभारी लाइन हाजिर

मुजफ्फरनगर कोतवाली में भाजपाइयों ने जिला मंत्री से अभद्रता करने पर किया जमकर हंगामा

By: lokesh verma

Published: 28 May 2021, 02:29 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुजफ्फरनगर. थाना नहर कोतवाली में उस समय हड़कंप मच गया, जब जिले के भाजपा नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। भाजपा नेताओं ने पुलिसकर्मियों पर जिला मंत्री अभद्रता और गाली-गलौज के साथ उनके कपड़े फाड़ने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। भाजपाईयों इस दौरान पुलिसकर्मियों को सस्पेंड और माफी मांगने की मांग करते हुए कोतवाली में धरने पर बैठ गए। मामला भाजपा के बड़े नेताओं तक पहुंचा तो अधिकारियों ने आनन-फानन में एक कांस्टेबल को सस्पेंड करते हुए चौकी प्रभारी को लाइनहाजिर कर दिया। साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए। इसके बाद भाजपाइयों ने धरना खत्म किया।

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भाजपा नेताओं का आरोप है कि जिला अस्पताल में भर्ती अपने भतीजे से मिलने जा रहे भाजपा के जिला मंत्री सुनील दर्शन और नई मंडी थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच एक्टिवा खड़ी करने को लेकर कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि भाजपा नेता ने पुलिसकर्मियों पर रौब-गालिब किया था। देखते ही देखते मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। वहीं पुलिसकर्मियों ने भाजपा नेता को गाड़ी में बैठने के लिए कहा तो हंगामा खड़ा हो गया। भाजपा नेता का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता गाली-गलौज करने के साथ-साथ उनके कपड़े फाड़े हैं। जिसके बाद भाजपा नेता ने जिले के अन्य भाजपा पदाधिकारियों को फोन करके कोतवाली बुला लिया।

जानकारी मिलते ही सभी भाजपाई नगर कोतवाली में इकट्ठा हो गए और आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने और अभद्रता के लिए माफी मांगने की मांग करने लगे। मामला बढ़ता देख सीओ नई मंडी हिमांशु गौरव और नगर कोतवाल योगेश शर्मा ने किसी तरह कार्रवाई का आश्वासन देकर भाजपाइयों को शांत किया। इसके बाद मामला भाजपा के बड़े नेताओं के बीच पहुंचा तो अधिकारियों पर पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने का दबाव डाला जाने लगा, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने एक कांस्टेबल राहुल त्यागी को निलंबित कर दिया और चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जयप्रकाश भास्कर को लाइनहाजिर कर दिया। इसके साथ ही विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों की ओर से पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की सूचना मिलते ही भाजपा नेताओं ने थाने से अपना धरना समाप्त किया। यह पूरा मामला जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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