किसानों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, इन मांगों के पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

Highlights
-कलेक्ट्रेट पर एकत्रित हुए सैकड़ों किसान
-मांग पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

By: Rahul Chauhan

Published: 25 Aug 2020, 03:09 PM IST

मुजफ्फरनगर। जनपद में सोमवार को किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन तोमर के कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना पर्दशन करते हुए प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।

दरअसल, सोमवार को भारतीय किसान यूनियन तोमर के सैंकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जनपद मुजफ्फरनगर के जिला कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इसके साथ ही किसानों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं से लिखित प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपते हुए समस्याओं का समाधान करने की मांग की।

भाकियू तोमर के जिलाध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने बताया कि रेलवे के लिए की गई भूमि अधिग्रहण को लेकर जब तक किसानों को कानून के हिसाब से आर्बिटेशन नहीं मिल पाता तो पूरे जिले में कही भी काम नहीं करने दिया जाएगा। पिछले कई वर्षों में किसानों का गन्ने का रेट कुल 10 रुपये बढ़ाया गया है, 10 रुपये बढ़ाने से ऐसा लगता है जैसे ऊँट के मुँह में जीरा, किसानों के गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति कोंटल किया जाए। किसानों का बचा हुआ भुकतान 15 सितंबर तक पूरा कराया जाए, अगर ऐसा नहीं हुआ तो संगठन हाइवे व रेल रोक कर प्रदर्शन करेगा। डीजल पर 2 महीने के अंदर लगभग 20 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसान की रीड की हड्डी टूट गयी है, इसलिए डीजल का दाम 30 रुपये प्रति लीटर किया जाए।

उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद्य उपलब्ध कराया जाए, जिससे किसानों को कोई भी दिक्कत न हो। बिजली की दरें बहुत महंगी जो गयी है उन्हें सस्ता किया जाए 60 वर्ष के बाद किसान को 1 हजार रुपये प्रति माह पेंशन दी जाए। कोरोना जैसी महामारी के चलते बिजली व स्कूल की फीस 6 माह तक कि माफ की जाए। गांव भंडूरा में एक भी बैंक की शाखा नहीं है। वहां बैंक की शाखा खोली जाए। माध्यम वर्गीय व्यापारियों को सरकार मुफ्त राशन दे। खतौली तहसील में रिषीपाल पटवारी पिछले 10 वर्षों से कार्यरत है उसे तुरंत ही वहां से कही और भेजा जाए, क्योकि उनके द्वारा किसानों का शोषण किया जा रहा है।

मोरना शुगर मिल के उच्च अधिकारियों के द्वारा बहुत मोटे रुपये का गबन किया गया है जिसकी जांच कराकर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए। अगर हमारी इन सभी मांगो को नही माना गया तो हम जल्द ही उग्र आंदोलन करेंगे।

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